
मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली NEET-UG 2026 री-एग्जाम को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। पिछले वर्ष पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के बाद इस बार सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं लिया जा रहा है।
बिहार के सभी परीक्षा केंद्रों पर मॉक ड्रिल
परीक्षा से पहले बिहार के सभी जिलों में परीक्षा केंद्रों पर व्यापक मॉक ड्रिल कराई जा रही है। पटना सहित सभी जिलों में प्रशासन, पुलिस, शिक्षा विभाग और केंद्र अधीक्षकों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। परीक्षा दिवस जैसी परिस्थितियां बनाकर सभी व्यवस्थाओं की जांच की जा रही है।
मॉक ड्रिल में क्या-क्या जांचा जाएगा?
- प्रश्नपत्र की सुरक्षित ढुलाई और स्ट्रॉन्ग रूम प्रबंधन
- अभ्यर्थियों की एंट्री प्रक्रिया
- बायोमेट्रिक सत्यापन
- सीसीटीवी निगरानी
- आपात स्थिति में पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
- कंट्रोल रूम और संचार व्यवस्था
तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था
पहला स्तर:
परीक्षा केंद्र के बाहर पुलिस और प्रशासन की तैनाती। 100 मीटर के दायरे में अनधिकृत व्यक्तियों की एंट्री प्रतिबंधित रहेगी।
दूसरा स्तर:
केंद्र परिसर में एडमिट कार्ड जांच, पहचान सत्यापन और बायोमेट्रिक मिलान।
तीसरा स्तर:
परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी निगरानी, फ्लाइंग स्क्वॉड और विशेष ऑब्जर्वर की निगरानी।
वायुसेना के विमान से पहुंचे प्रश्नपत्र
इस बार प्रश्नपत्रों को विशेष सुरक्षा के तहत भारतीय वायु सेना के विमान से पटना लाया गया है। इसके बाद सुरक्षा की जिम्मेदारी CRPF, CISF और बिहार पुलिस को सौंपी गई है। स्ट्रॉन्ग रूम से परीक्षा केंद्र तक हर चरण की निगरानी की जाएगी।
135 संदिग्ध लोगों पर नजर
आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने उन 135 लोगों को निगरानी में रखा है, जिनका नाम पहले प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, फर्जीवाड़ा या अन्य अनियमितताओं में सामने आ चुका है।
अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
- परीक्षा केंद्र पर कम से कम एक घंटा पहले पहुंचें।
- केवल NTA की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
- सोशल मीडिया या व्हाट्सएप पर मिलने वाले फर्जी प्रश्नपत्र और उत्तर कुंजी से सावधान रहें।
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
कब होगी परीक्षा?
तारीख: 21 जून 2026 (रविवार)
समय: दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक
इस बार NTA का दावा है कि बहुस्तरीय सुरक्षा, वायुसेना की सहायता, केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती और रियल-टाइम निगरानी के जरिए परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित बनाया जाएगा।


