नालंदा में डिग्री कॉलेज के स्थान को लेकर बवाल, पथराव और लाठीचार्ज के बाद 7 लोग हिरासत में

नालंदा, 18 जून 2026। बिहार के नालंदा जिले में प्रस्तावित डिग्री कॉलेज के संचालन स्थल को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद गुरुवार को हिंसक झड़प में बदल गया। नगरनौसा और लोदीपुर के बीच कॉलेज निर्माण को लेकर जारी खींचतान उस समय सड़क पर खुलकर सामने आ गई, जब बड़ी संख्या में छात्र, स्थानीय संगठन और ग्रामीण विरोध प्रदर्शन के लिए जुट गए। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और पुलिस तथा आंदोलनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान पथराव भी हुआ, जिससे पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। घटना के बाद पुलिस ने सात लोगों को हिरासत में लिया है और पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है।

कॉलेज निर्माण को लेकर यह विवाद पिछले कई महीनों से simmer कर रहा था, लेकिन गुरुवार की घटना ने इसे प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना दिया है। अब क्षेत्र के लोग प्रशासन और शिक्षा विभाग के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

कॉलेज के स्थान को लेकर क्यों भड़का विवाद?

नगरनौसा डिग्री कॉलेज के लिए स्थान चयन को लेकर दो अलग-अलग पक्षों की मांग लंबे समय से सामने आ रही है। पहला पक्ष कॉलेज को नगरनौसा प्रखंड मुख्यालय में स्थापित करने की मांग कर रहा है। उनका तर्क है कि यदि कॉलेज मुख्यालय में बनेगा तो बड़ी संख्या में छात्रों को सीधे लाभ मिलेगा और दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा तक पहुंच आसान हो जाएगी।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नगरनौसा प्रखंड मुख्यालय भौगोलिक रूप से अधिक सुगम है और वहां परिवहन सुविधाएं भी अपेक्षाकृत बेहतर हैं। छात्र संगठनों का दावा है कि कॉलेज मुख्यालय में बनने से शिक्षा का दायरा अधिक व्यापक होगा।

दूसरी ओर लोदीपुर के समर्थक इस फैसले का विरोध कर रहे हैं और उनका कहना है कि कॉलेज के लिए लोदीपुर अधिक उपयुक्त स्थान है। इसी विरोधाभास ने धीरे-धीरे बड़े विवाद का रूप ले लिया।

सड़क पर उतरे छात्र और स्थानीय संगठन

गुरुवार सुबह से ही नगरनौसा में माहौल तनावपूर्ण दिखने लगा था। कॉलेज को प्रखंड मुख्यालय में संचालित करने की मांग को लेकर छात्र, स्थानीय संगठन और ग्रामीण सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर नारेबाजी शुरू कर दी और प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों ने कहा कि उच्च शिक्षा के लिए उन्हें पहले से ही लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में यदि कॉलेज नगरनौसा मुख्यालय में स्थापित नहीं किया गया तो हजारों विद्यार्थियों को भविष्य में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

प्रशासन को आंदोलन की पूर्व सूचना थी, इसलिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहले से ही मौके पर मौजूद थे। शुरू में हालात नियंत्रण में थे, लेकिन कुछ ही समय बाद स्थिति अचानक बिगड़ गई।

हिरासत के बाद भड़की भीड़

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए कुछ प्रमुख आंदोलनकारियों को एहतियातन हिरासत में लेना शुरू किया। पुलिस की इस कार्रवाई से प्रदर्शनकारियों में नाराजगी फैल गई।

हिरासत की खबर फैलते ही भीड़ उग्र हो गई और आंदोलनकारियों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया। कुछ ही देर में स्थिति तनावपूर्ण हो गई और भीड़ का एक हिस्सा पुलिस के साथ धक्का-मुक्की पर उतर आया।

इसके बाद माहौल और बिगड़ गया। आरोप है कि कुछ लोगों ने पुलिस बल पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। अचानक हुई पत्थरबाजी से पुलिसकर्मी भी सतर्क हो गए और क्षेत्र में अफरा-तफरी फैल गई।

पुलिस ने किया लाठीचार्ज

पथराव बढ़ने के बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया गया। पुलिस कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारी इधर-उधर भागने लगे और सड़क पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

घटना के दौरान कई लोगों को हल्की चोटें आने की भी सूचना है, हालांकि प्रशासन की ओर से आधिकारिक रूप से घायलों की संख्या की पुष्टि नहीं की गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ समय तक पूरा इलाका तनाव और दहशत के माहौल में रहा।

लाठीचार्ज और पथराव के कारण आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क जाम और हंगामे की वजह से यातायात भी प्रभावित हुआ।

सात लोग हिरासत में, पहचान जारी

घटना के बाद पुलिस ने मौके से सात लोगों को हिरासत में लिया है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों की पहचान की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और मोबाइल वीडियो फुटेज की जांच की जा रही है। वीडियो के आधार पर उन लोगों की पहचान की जाएगी जिन्होंने हिंसा या पथराव में भाग लिया।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक व्यवस्था बाधित करने और हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्थिति में कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

लोदीपुर के पक्ष में क्या हैं दलीलें?

जहां नगरनौसा के लोग मुख्यालय में कॉलेज की मांग कर रहे हैं, वहीं लोदीपुर के समर्थक भी अपने पक्ष को मजबूत बता रहे हैं। उनका कहना है कि लोदीपुर स्थित मगध विद्यापीठ उच्च विद्यालय के समीप कॉलेज निर्माण के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध है।

समर्थकों के अनुसार वहां लगभग 4 एकड़ 63 डिसमिल जमीन उपलब्ध है। इसके अलावा लगभग 20 पक्के कमरे भी मौजूद हैं, जिनका उपयोग शुरुआती चरण में कॉलेज संचालन के लिए किया जा सकता है।

लोदीपुर समर्थकों का तर्क है कि पर्याप्त भूमि और पहले से मौजूद बुनियादी ढांचा भविष्य में कॉलेज विस्तार के लिए अधिक लाभकारी साबित होगा। यही कारण है कि वे लोदीपुर को बेहतर विकल्प मानते हैं।

प्रशासन के सामने बढ़ी चुनौती

गुरुवार की हिंसक झड़प के बाद प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। कॉलेज के स्थान को लेकर दोनों पक्षों के बीच बढ़ती तनातनी अब कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है।

हिलसा डीएसपी शैलजा ने बताया कि कॉलेज के स्थान को लेकर विवाद के दौरान पथराव की घटना हुई थी, लेकिन फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और लगातार निगरानी रखी जा रही है।

प्रशासन दोनों पक्षों से बातचीत कर शांतिपूर्ण समाधान निकालने की कोशिश में जुटा है। अधिकारियों ने लोगों से संयम बरतने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।

फिलहाल पूरे इलाके की नजर प्रशासन और शिक्षा विभाग के अगले फैसले पर टिकी है। यदि जल्द कोई स्पष्ट और संतुलित निर्णय नहीं लिया गया तो यह विवाद आगे और गहरा सकता है। नालंदा में डिग्री कॉलेज के स्थान को लेकर शुरू हुआ यह संघर्ष अब केवल शिक्षा का मुद्दा नहीं रह गया, बल्कि सामाजिक और प्रशासनिक संतुलन की बड़ी परीक्षा बन गया है।

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