
आरा/भोजपुर: भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर में घायल युवक भरत भूषण तिवारी की मौत के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बढ़ते विवाद और ग्रामीणों के आक्रोश के बीच पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कई पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
थानाध्यक्ष सहित कई पुलिसकर्मी सस्पेंड
मामले की समीक्षा और प्रारंभिक जांच के बाद भोजपुर एसपी की अनुशंसा पर शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी डॉ. सत्यप्रकाश ने शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार मलाकार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा घटना के दौरान ड्यूटी पर मौजूद एक सब-इंस्पेक्टर (SI), एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) और कुछ सिपाहियों पर भी कार्रवाई की गई है।
पुलिस विभाग के अनुसार घटना में कर्तव्य निर्वहन के दौरान गंभीर चूक और लापरवाही के आरोप सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है।
पिता का आरोप- “पुलिस को पहले ही बताया था बेटा मानसिक रूप से परेशान है”
मृतक भरत भूषण तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही पुलिस को बेटे की मानसिक स्थिति के बारे में जानकारी दी थी।
उन्होंने कहा,
“मैं खुद थाना गया था और पुलिस को बताया था कि मेरे बेटे की मानसिक हालत ठीक नहीं है। उसे किसी तरह काबू में करिए। लेकिन मेरी बात नहीं सुनी गई। सुबह से शाम तक मुझे थाने में बैठाकर रखा गया और उधर मेरे बेटे को गोली मार दी गई।”
उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने पहले बताया था कि बेटे को केवल पैर में गोली लगी है और वह जीवित है, लेकिन बाद में उसकी मौत की सूचना मिली।
मां का आरोप- “सरेंडर के बाद मारी गई गोली”
मृतक की मां आशा देवी ने भी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि भरत भूषण ने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद उसे गोली मारी गई।
परिजनों का कहना है कि भरत भूषण का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था और वह केवल मानसिक तनाव से गुजर रहा था।
फोरलेन जाम, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
युवक की मौत के बाद ग्रामीणों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों लोगों ने बिलौटी गांव के पास आरा-बक्सर फोरलेन को जाम कर दिया और शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया। इसके बाद ग्रामीण और अधिक आक्रोशित हो गए। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।
क्या है पूरा मामला?
बताया जाता है कि भरत भूषण तिवारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह हथियार के साथ दिखाई दे रहा था। वीडियो की जांच के लिए पुलिस उसके घर पहुंची थी।
पुलिस का दावा है कि बातचीत के दौरान भरत भूषण ने पुलिस टीम पर पिस्तौल तान दी और बाद में फायरिंग भी की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें वह घायल हो गया।
उसे इलाज के लिए पहले आरा और फिर पटना पीएमसीएच भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
निष्पक्ष जांच की मांग
घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। परिजन और ग्रामीण पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं पुलिस विभाग का कहना है कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।


