
पटना, 18 जून 2026। बिहार के प्रथम उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री रहे बिहार विभूति स्वर्गीय डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह की जयंती के अवसर पर गुरुवार को राजधानी पटना में राजकीय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बिहार विधानमंडल परिसर स्थित डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद करते हुए शत-शत नमन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह केवल बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। स्वतंत्रता संग्राम में उनकी सक्रिय भूमिका, प्रशासनिक दक्षता और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आज भी लोगों के लिए आदर्श बनी हुई है। उन्होंने बिहार के विकास की मजबूत नींव रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया और अपने कार्यकाल में ईमानदार तथा जनहितकारी प्रशासन की मिसाल पेश की।
राजकीय समारोह में राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री, जनप्रतिनिधि और गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री , उच्च शिक्षा एवं विधि मंत्री , खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री , अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री , विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री , समाज कल्याण मंत्री तथा गन्ना उद्योग मंत्री सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
समारोह में विधायक एवं विधान परिषद के सदस्यों के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य नागरिकों ने भी भाग लिया। सभी ने एक स्वर में डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह के आदर्शों और उनके सार्वजनिक जीवन की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. सिंह ने अपने पूरे जीवन में सादगी, ईमानदारी और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। यही कारण है कि उन्हें आज भी बिहार की राजनीति और प्रशासनिक इतिहास के सबसे सम्मानित व्यक्तित्वों में गिना जाता है।

डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह को बिहार के निर्माण और विकास का प्रमुख शिल्पकार माना जाता है। उनका जन्म 18 जून 1887 को हुआ था और उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वे महात्मा गांधी के विचारों से प्रभावित थे और राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय रूप से जुड़े रहे। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद बिहार के प्रथम उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने राज्य के आर्थिक और प्रशासनिक विकास के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि डॉ. सिंह की दूरदर्शी सोच और प्रशासनिक क्षमता ने बिहार को विकास के नए मार्ग पर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने वित्तीय अनुशासन, कृषि विकास, ग्रामीण उन्नयन और जनकल्याणकारी योजनाओं पर विशेष जोर दिया। उनके नेतृत्व में बिहार ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और आम लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की।
कार्यक्रम के दौरान सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं। कलाकारों ने आरती पूजन, राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, बिहार गीत तथा देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति देकर समारोह को गरिमामय बना दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से उपस्थित लोगों ने बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और देशभक्ति की भावना को अनुभव किया।
समारोह में मौजूद लोगों ने कहा कि नई पीढ़ी को डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह के जीवन और उनके संघर्षों से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। उन्होंने जिस ईमानदारी, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के साथ सार्वजनिक जीवन जिया, वह आज भी प्रासंगिक है। बदलते समय में भी उनके विचार और आदर्श समाज को सही दिशा दिखाने का कार्य कर सकते हैं।
राजकीय समारोह के माध्यम से राज्य सरकार ने बिहार विभूति डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की और उनके योगदान को याद किया। यह आयोजन न केवल उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को सम्मान देने का अवसर बना, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को उनके आदर्शों से परिचित कराने का भी माध्यम साबित हुआ। बिहार के राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक इतिहास में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा और उनका जीवन जनसेवा के क्षेत्र में कार्य करने वालों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।


