
विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 को लेकर बिहार सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। हर वर्ष लाखों शिवभक्तों और कांवड़ियों की आस्था से जुड़े इस महापर्व को सफल और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारी शुरू हो चुकी है। इसी क्रम में बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास मंत्री तथा भागलपुर के प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा ने सुल्तानगंज पहुंचकर श्रावणी मेला की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सुल्तानगंज स्थित नगर परिषद सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य श्रावणी मेला के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना और मेले के संचालन को सुचारु बनाना था।
समीक्षा बैठक में मंत्री ने स्पष्ट कहा कि श्रावणी मेला केवल बिहार का नहीं बल्कि पूरे देश की आस्था का महापर्व है। हर वर्ष देश के विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज पहुंचते हैं और यहां से पवित्र गंगाजल लेकर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए पैदल यात्रा शुरू करते हैं। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष मेले में आने वाले कांवड़ियों के लिए पेयजल, शौचालय, चिकित्सा सुविधा, प्रकाश व्यवस्था, सफाई, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएंगे। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया गया है ताकि मेले के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।
बैठक के दौरान नगर विकास मंत्री ने विभिन्न विभागों से तैयारियों की जानकारी ली। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि श्रावणी मेला को लेकर प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और आवश्यक कार्यों की सूची तैयार की जा रही है। मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी विभाग समय रहते अपने-अपने कार्यों को पूरा करें ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
उन्होंने कहा कि मेले से लगभग दस दिन पहले सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ स्थल निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं का जायजा लिया जाएगा और जहां भी कमियां दिखाई देंगी, उन्हें तत्काल दूर करने के निर्देश दिए जाएंगे। सरकार की कोशिश है कि इस बार श्रद्धालुओं को पहले से अधिक बेहतर अनुभव मिले।
समीक्षा बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे। उन्होंने बताया कि सुल्तानगंज में केवल श्रावणी मेला के दौरान ही नहीं बल्कि पूरे वर्ष श्रद्धालुओं का आगमन होता रहता है। ऐसे में कई स्थायी व्यवस्थाओं की भी आवश्यकता है। जनप्रतिनिधियों ने गंगा घाट पर पूरे वर्ष एसडीआरएफ टीम की तैनाती की मांग उठाई ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य किया जा सके।
बैठक में यह भी मांग की गई कि गंगा घाटों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान करते हैं, इसलिए सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रशिक्षित बचाव दलों की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। मंत्री ने इन मांगों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया।
इसके अलावा बैठक में पंप चालकों के मानदेय, दक्षिण क्षेत्र में जलजमाव की समस्या और नगर क्षेत्र में साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि श्रावणी मेला के दौरान लाखों लोगों की आवाजाही होती है, इसलिए स्वच्छता व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। कांवड़ पथ, गंगा घाट, शिविर क्षेत्रों और मुख्य मार्गों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पूरे मेला क्षेत्र में विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। कचरा प्रबंधन और नियमित सफाई की व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा।
यातायात व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। हर वर्ष श्रावणी मेला के दौरान सुल्तानगंज में भारी भीड़ उमड़ती है, जिससे कई बार यातायात प्रभावित होता है। इस बार ट्रैफिक प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने की योजना बनाई जा रही है। इसके तहत वाहनों के लिए अलग पार्किंग स्थल, वैकल्पिक मार्ग और भीड़ नियंत्रण की विशेष व्यवस्था की जाएगी।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी व्यापक तैयारी की जा रही है। मेला क्षेत्र में अस्थायी स्वास्थ्य शिविर स्थापित किए जाएंगे, जहां डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों की तैनाती रहेगी। आपातकालीन चिकित्सा सहायता, एंबुलेंस सेवा और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी ताकि किसी भी स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल सहायता मिल सके।
बैठक में भागलपुर और बांका के सांसदों सहित कई विधायकों ने भी अपने सुझाव रखे। उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला बिहार की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए इसकी व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाना आवश्यक है। जनप्रतिनिधियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्थायी विकास कार्यों पर भी बल दिया।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार श्रावणी मेला को लेकर पूरी तरह गंभीर है और सभी विभागों को पहले से तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इस दिशा में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी।
श्रावणी मेला बिहार के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है। सावन महीने में लाखों कांवड़िये सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर लगभग 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं। इस दौरान सुल्तानगंज श्रद्धालुओं का प्रमुख केंद्र बन जाता है और यहां व्यापक प्रशासनिक व्यवस्था की आवश्यकता होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर प्रबंधन और आधुनिक सुविधाओं के माध्यम से श्रावणी मेला को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पहचान दिलाई जा सकती है। सरकार द्वारा की जा रही तैयारियां इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही हैं।
कुल मिलाकर श्रावणी मेला 2026 को लेकर शुरू हुई तैयारियां यह संकेत देती हैं कि इस बार श्रद्धालुओं को पहले से अधिक सुविधाएं, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। सरकार, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयास से इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन को और अधिक व्यवस्थित तथा सफल बनाने की दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।


