22 साल की उम्र में अमेरिकी कंपनी में डेटा साइंटिस्ट बने पटना के अनुश्रव, दुनिया के कई देशों में लहराया बिहार का परचम

पटना: प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती और इसका ताजा उदाहरण हैं बिहार की राजधानी पटना के युवा अनुश्रव, जिन्होंने महज 22 वर्ष की उम्र में अमेरिकी कंपनी में डेटा साइंटिस्ट के रूप में शानदार करियर बनाकर नई मिसाल कायम की है। कम उम्र में उच्च वेतन वाली नौकरी हासिल करने के साथ-साथ वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान भी बना चुके हैं।

19 साल की उम्र में शुरू किया प्रोफेशनल करियर

अनुश्रव ने वर्ष 2019 में इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने पुणे के प्रतिष्ठित संस्थान से डेटा साइंस में स्नातक की डिग्री हासिल की। वर्ष 2022 में पढ़ाई पूरी करते ही उन्हें एक अमेरिकी कंपनी में डेटा साइंटिस्ट के पद पर नियुक्ति मिली। महज 19 वर्ष की उम्र में उन्होंने मल्टीनेशनल कंपनी में अपने पेशेवर करियर की शुरुआत कर दी।

कई देशों का कर चुके हैं दौरा

कम उम्र में ही अनुश्रव एशिया के कई देशों के अलावा दुबई, सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे अंतरराष्ट्रीय केंद्रों की यात्रा कर चुके हैं। वर्तमान में वे विभिन्न कंपनियों के लिए बिजनेस स्ट्रेटजी और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया पर काम कर रहे हैं। उनका प्रमुख फोकस एशियाई बाजारों के विश्लेषण और विकास पर है।

भविष्य बदल देगा एजेंटिक इंटेलिजेंस

अनुश्रव का मानना है कि आने वाले समय में एजेंटिक इंटेलिजेंस तकनीक कार्यस्थलों की तस्वीर बदल सकती है। उनके अनुसार, कई दोहराए जाने वाले कार्य अब एक क्लिक में पूरे किए जा सकेंगे, जिससे उत्पादकता बढ़ेगी।

उन्होंने कहा कि भविष्य में एक व्यक्ति कई लोगों का काम कर सकेगा। हालांकि इससे पारंपरिक नौकरियों पर असर पड़ सकता है, लेकिन नई तकनीकों के साथ नए अवसर भी पैदा होंगे।

डेटा सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती

डेटा साइंस के क्षेत्र में काम कर रहे अनुश्रव ने डेटा ब्रीच और साइबर सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि डेटा लीक को पूरी तरह रोकना मुश्किल है, लेकिन मजबूत सुरक्षा मानकों और सतर्कता के जरिए जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि कंपनियों को डेटा सुरक्षा नीतियों को और मजबूत बनाने की जरूरत है, जबकि आम लोगों को भी अपनी निजी जानकारी साझा करते समय सावधानी बरतनी चाहिए।

कैसे होती है डिजिटल ट्रैकिंग?

अनुश्रव के मुताबिक, इंटरनेट पर की जाने वाली गतिविधियों के आधार पर कंपनियां उपयोगकर्ताओं की पसंद और व्यवहार का विश्लेषण करती हैं। सर्च हिस्ट्री, ऐप परमिशन और वॉइस रिकग्निशन जैसी तकनीकों के जरिए उपयोगकर्ताओं को उनकी रुचि के अनुसार कंटेंट और विज्ञापन दिखाए जाते हैं।

बिहार के युवाओं के लिए बने प्रेरणा

अनुश्रव की उपलब्धि बिहार के उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो तकनीक और डेटा साइंस के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। सीमित उम्र में वैश्विक मंच पर पहचान बनाकर उन्होंने यह साबित कर दिया है कि सही दिशा, मेहनत और आधुनिक कौशल के दम पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

उनकी सफलता यह संदेश देती है कि बिहार के युवा अब केवल देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।

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