
किशनगंज: नेपाल में हुई लगातार बारिश का असर अब सीमावर्ती इलाकों में दिखने लगा है। टेढ़ागाछ प्रखंड के धवेली पंचायत अंतर्गत लोधाबाड़ी स्थित रेतुआ नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से निर्माणाधीन आरसीसी पुल के पास बनाया गया अस्थायी डायवर्सन तेज बहाव में बह गया। डायवर्सन टूटने से क्षेत्र के हजारों लोगों का संपर्क प्रभावित हो गया है और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार मंगलवार को नदी में अचानक पानी बढ़ने के बाद तेज धार ने डायवर्सन को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। यह डायवर्सन आसपास के कई गांवों के लिए आवागमन का मुख्य साधन था। इसके बह जाने के बाद अब लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए करीब 12 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, जबकि कुछ लोग जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं।
करोड़ों की लागत से बन रहा पुल, लेकिन बढ़ी ग्रामीणों की मुश्किलें
जानकारी के मुताबिक आरपी कंस्ट्रक्शन द्वारा रेतुआ नदी पर करोड़ों रुपये की लागत से आरसीसी पुल का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। पुल का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है, इसलिए लोगों की सुविधा के लिए अस्थायी डायवर्सन बनाया गया था। डायवर्सन बहने के बाद बाजार, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और खेती-बाड़ी से जुड़े कामकाज पर सीधा असर पड़ा है।
छात्रों, किसानों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण में हो रही देरी के कारण डायवर्सन ही एकमात्र विकल्प था। इसके टूटने से छात्रों, किसानों, मजदूरों और मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आपातकालीन स्थिति में भी लोगों को लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने की नाव संचालन की मांग
बरसात के मौसम में हालात और बिगड़ने की आशंका के बीच ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से रेतुआ नदी में अस्थायी रूप से नाव संचालन शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पुल निर्माण पूरा होने तक नाव ही सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प हो सकता है।
निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से वैकल्पिक व्यवस्था जल्द उपलब्ध कराने और निर्माणाधीन पुल का कार्य तेजी से पूरा कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि हर साल बरसात में ऐसी स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है।


