
भागलपुर। बिहार में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच भागलपुर जिले के लोदीपुर थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस प्रशासन के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक घर से डेढ़ किलो से अधिक गांजा बरामद किया, लेकिन कार्रवाई के दौरान स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि पकड़े गए आरोपी को उसके परिजन और स्थानीय लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में छुड़ा लिया और वह मौके से फरार हो गया।
घटना के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई और अतिरिक्त पुलिस बल के साथ अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा। हालांकि आरोपी और उसके परिजन पुलिस के पहुंचने से पहले ही घर छोड़कर फरार हो चुके थे। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई छापेमारी
जानकारी के अनुसार लोदीपुर थाना क्षेत्र के लोदीपुर कला स्थित पासवान टोला में पुलिस को अवैध मादक पदार्थ के कारोबार की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संबंधित स्थान पर छापेमारी की योजना बनाई।
पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची तो तलाशी अभियान चलाया गया। तलाशी के दौरान पुलिस को एक घर से गांजा बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में बरामद मादक पदार्थ का वजन 1 किलो 532 ग्राम बताया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बरामद गांजा एक व्यक्ति के घर से मिला, जिसके बाद संबंधित व्यक्ति को हिरासत में ले लिया गया। बरामदगी के आधार पर पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही थी।
आरोपी को पुलिस ने मौके पर पकड़ा
छापेमारी के दौरान पुलिस ने जिस व्यक्ति के घर से गांजा बरामद किया, उसे भी अपने कब्जे में ले लिया था। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान राजू पासवान के पुत्र सौरभ कुमार के रूप में की गई।
पुलिस टीम आरोपी को लेकर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही थी। इसी बीच घटनास्थल पर माहौल अचानक बदल गया और पुलिस को विरोध का सामना करना पड़ा।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार जैसे ही गिरफ्तारी की सूचना परिवार और आसपास के लोगों को मिली, बड़ी संख्या में लोग वहां एकत्रित होने लगे। इसके बाद पुलिस और परिजनों के बीच बहस शुरू हो गई।
पुलिस और परिजनों के बीच हुई नोकझोंक
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और पुलिस टीम तथा आरोपी के परिजनों के बीच तीखी नोकझोंक होने लगी। आरोप है कि इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और आरोपी को छुड़ाने की कोशिश की।
पुलिस का कहना है कि विरोध कर रहे लोगों ने गिरफ्त में लिए गए आरोपी को छुड़ाकर वहां से भगा दिया। इस दौरान अफरा-तफरी का माहौल बन गया और पुलिस को स्थिति संभालने में कठिनाई हुई।
घटना की सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों और थाना प्रभारी को दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल को भी मौके पर भेजा गया।
थाना अध्यक्ष पहुंचे, लेकिन आरोपी हो चुका था फरार
घटना की जानकारी मिलने के बाद लोदीपुर थाना अध्यक्ष जितेंद्र कुमार अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल आरोपी और उसके सहयोगियों की तलाश शुरू की।
अधिकारियों ने आसपास के क्षेत्रों में भी खोजबीन की, लेकिन तब तक आरोपी और उसके परिजन घर छोड़कर फरार हो चुके थे। पुलिस ने कई संभावित ठिकानों पर भी छापेमारी की, हालांकि तत्काल कोई सफलता नहीं मिली।
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा।
आरोपी पक्ष ने पुलिस पर लगाए आरोप
मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब आरोपी सौरभ कुमार और उसकी मां सोनी देवी की ओर से पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए।
आरोपी पक्ष का कहना है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान उनके साथ मारपीट की गई। परिवार के सदस्यों ने दावा किया कि पुलिस ने अनावश्यक बल प्रयोग किया, जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई।
हालांकि पुलिस ने इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है और कहा है कि पूरे मामले की जांच की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत दी जाती है तो उसे भी जांच के दायरे में लिया जाएगा।
पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी
घटना के बाद लोदीपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने सौरभ कुमार सहित अन्य लोगों को आरोपी बनाया है।
प्राथमिकी में गांजा बरामदगी, पुलिस कार्रवाई में बाधा पहुंचाने, आरोपी को छुड़ाने और सरकारी कार्य में अवरोध उत्पन्न करने जैसे आरोप शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल सभी लोगों की पहचान की जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहा अभियान
भागलपुर सहित पूरे बिहार में मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस लगातार अभियान चला रही है। गांजा, शराब और अन्य प्रतिबंधित पदार्थों के अवैध कारोबार को रोकने के लिए नियमित छापेमारी की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और समाज में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे अभियानों को और तेज किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार किसी भी प्रकार के अवैध मादक पदार्थ के कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार सामाजिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर गंभीर प्रभाव डालता है। यही कारण है कि प्रशासन इस प्रकार के मामलों को गंभीरता से लेता है।
कानून से बचना आसान नहीं
कानूनी जानकारों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति के पास से प्रतिबंधित मादक पदार्थ बरामद होता है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। इसके अलावा पुलिस कार्रवाई में बाधा डालना या आरोपी को छुड़ाने का प्रयास करना भी अलग अपराध माना जाता है।
यदि जांच में यह साबित होता है कि किसी ने जानबूझकर पुलिस कार्य में हस्तक्षेप किया या आरोपी को फरार होने में मदद की, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
जांच जारी, गिरफ्तारी का प्रयास तेज
लोदीपुर थाना पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच जारी है। बरामद गांजा को जब्त कर कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जबकि फरार आरोपी और उसके सहयोगियों की तलाश के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
थाना अध्यक्ष जितेंद्र कुमार ने बताया कि 1 किलो 532 ग्राम गांजा बरामद किया गया है और मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता फरार आरोपियों को गिरफ्तार करना और घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाना है। इस घटना ने एक बार फिर मादक पदार्थों के खिलाफ चल रही कार्रवाई और पुलिस की चुनौतियों को उजागर कर दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पुलिस फरार आरोपियों तक कब पहुंचती है और मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।


