भागलपुर स्टेशन पर RPF की बहादुरी से बची महिला यात्री की जान, चलती ट्रेन से उतरने के दौरान होने वाला था बड़ा हादसा

भागलपुर। रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैनात रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवान अक्सर अपनी सतर्कता और त्वरित निर्णय क्षमता से बड़े हादसों को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भागलपुर रेलवे स्टेशन पर भी ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां आरपीएफ की तत्परता और सूझबूझ के कारण एक महिला यात्री की जान बच गई। यदि कुछ सेकंड की भी देरी होती, तो यह घटना एक बड़े हादसे में बदल सकती थी।

यह घटना भागलपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर हुई, जहां ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ के उप निरीक्षक संतोष कुमार ने अपनी बहादुरी और त्वरित कार्रवाई से एक महिला यात्री को चलती ट्रेन और रेलवे ट्रैक के बीच गिरने से बचा लिया। घटना के बाद स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने राहत की सांस ली और आरपीएफ जवान की जमकर सराहना की।

प्लेटफॉर्म पर गश्त के दौरान हुई घटना

प्राप्त जानकारी के अनुसार भागलपुर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ के उप निरीक्षक संतोष कुमार नियमित गश्त कर रहे थे। रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के उद्देश्य से आरपीएफ कर्मी लगातार प्लेटफॉर्म और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर निगरानी करते हैं।

इसी दौरान प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर ट्रेन संख्या 13072 डाउन जमालपुर–हावड़ा एक्सप्रेस स्टेशन पर पहुंची हुई थी। ट्रेन के रवाना होने के दौरान एक महिला यात्री ने चलती ट्रेन से उतरने का प्रयास किया। रेलवे नियमों के अनुसार चलती ट्रेन में चढ़ना या उतरना बेहद खतरनाक माना जाता है, लेकिन कई बार जल्दबाजी या असावधानी के कारण यात्री ऐसा जोखिम उठा लेते हैं।

संतुलन बिगड़ते ही बढ़ा खतरा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला जैसे ही ट्रेन से उतरने लगी, उसका संतुलन अचानक बिगड़ गया। ट्रेन गति पकड़ रही थी और महिला का पैर ठीक से प्लेटफॉर्म पर नहीं पड़ सका। इसके कारण वह प्लेटफॉर्म और रेलवे ट्रैक के बीच बने गैप की ओर फिसलने लगी।

रेलवे ट्रैक और प्लेटफॉर्म के बीच का यह स्थान बेहद खतरनाक माना जाता है। यदि कोई व्यक्ति वहां गिर जाए तो गंभीर चोट लगने या जान जाने तक की आशंका रहती है। घटना के समय भी स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी और आसपास मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

आरपीएफ जवान ने दिखाई अद्भुत सूझबूझ

महिला को खतरे में देखकर उप निरीक्षक संतोष कुमार ने बिना समय गंवाए तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने तेजी से दौड़कर महिला को पकड़ लिया और उसे सुरक्षित स्थान की ओर खींच लिया।

उनकी इस त्वरित कार्रवाई के कारण महिला रेलवे ट्रैक की ओर गिरने से बच गई। घटना कुछ ही सेकंड में घटी, लेकिन आरपीएफ अधिकारी की सतर्कता ने संभावित दुर्घटना को टाल दिया।

रेलवे सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में निर्णय लेने के लिए बहुत कम समय मिलता है और यदि सुरक्षा कर्मी तुरंत प्रतिक्रिया नहीं दें तो परिणाम गंभीर हो सकते हैं। भागलपुर स्टेशन पर भी यही हुआ, जहां एक क्षण की तत्परता ने एक यात्री की जान बचा ली।

महिला यात्री ने जताया आभार

घटना के बाद महिला पूरी तरह सुरक्षित थी, हालांकि कुछ समय के लिए वह घबरा गई थी। पूछताछ के दौरान उसने अपना नाम शिद्रा वेगम और उम्र 25 वर्ष बताई।

सुरक्षित बचाए जाने के बाद महिला ने आरपीएफ अधिकारी का आभार व्यक्त किया। उसने कहा कि यदि समय पर मदद नहीं मिलती तो उसके साथ बड़ा हादसा हो सकता था।

महिला के परिजनों और आसपास मौजूद लोगों ने भी आरपीएफ की तत्परता की सराहना की। घटना के बाद कई यात्रियों ने कहा कि सुरक्षा बलों की मौजूदगी और सतर्कता के कारण ही ऐसी घटनाओं में लोगों की जान बचाई जा सकती है।

यात्रियों ने की बहादुरी की सराहना

घटना के समय प्लेटफॉर्म पर मौजूद कई यात्रियों ने पूरा घटनाक्रम अपनी आंखों से देखा। लोगों का कहना था कि उप निरीक्षक संतोष कुमार ने जिस तेजी से प्रतिक्रिया दी, वह काबिल-ए-तारीफ है।

कुछ यात्रियों ने कहा कि यदि वे कुछ सेकंड भी देर करते तो महिला गंभीर हादसे का शिकार हो सकती थी। घटना के बाद कई लोगों ने आरपीएफ कर्मी के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और सतर्कता की प्रशंसा की।

रेलवे यात्रियों का मानना है कि ऐसे सुरक्षा कर्मी रेलवे की छवि को मजबूत करते हैं और यात्रियों के मन में सुरक्षा का भरोसा पैदा करते हैं।

रेलवे स्टेशनों पर लगातार होते हैं हादसे

देशभर के रेलवे स्टेशनों पर हर साल बड़ी संख्या में ऐसे हादसे सामने आते हैं, जिनका मुख्य कारण चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने की कोशिश होती है। रेलवे बार-बार यात्रियों को इस प्रकार के जोखिम से बचने की सलाह देता है, लेकिन इसके बावजूद कई लोग जल्दबाजी में नियमों की अनदेखी कर बैठते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार चलती ट्रेन की गति का सही अनुमान लगाना आसान नहीं होता। कई बार यात्रियों को लगता है कि वे सुरक्षित उतर जाएंगे, लेकिन अचानक संतुलन बिगड़ने से दुर्घटना हो जाती है।

इसी कारण रेलवे सुरक्षा एजेंसियां लगातार जागरूकता अभियान भी चलाती हैं ताकि लोग अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें।

रेलवे प्रशासन ने जारी की अपील

घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से एक बार फिर अपील की है कि वे चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास न करें। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कुछ मिनटों की जल्दबाजी कभी-कभी जीवनभर की परेशानी या बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

यात्रियों को सलाह दी गई है कि यदि ट्रेन छूट रही हो तो उसे पकड़ने का जोखिम न लें और यदि ट्रेन चल चुकी हो तो उससे उतरने की कोशिश न करें। रेलवे की अगली सेवा का उपयोग करना हमेशा सुरक्षित विकल्प होता है।

सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की जरूरत

रेलवे विशेषज्ञों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा केवल रेलवे प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यात्रियों को भी सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए। प्लेटफॉर्म पर सावधानी बरतना, निर्धारित स्थान से चढ़ना-उतरना और चलती ट्रेन से दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है।

भागलपुर स्टेशन पर हुई यह घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि छोटी सी असावधानी बड़े खतरे का कारण बन सकती है। वहीं आरपीएफ के उप निरीक्षक संतोष कुमार की बहादुरी और तत्परता ने यह भी साबित किया कि सुरक्षा बलों की सजगता से कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।

इस घटना के बाद रेलवे यात्रियों के बीच आरपीएफ की भूमिका को लेकर सकारात्मक चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि ऐसे सुरक्षा कर्मियों की वजह से ही रेलवे स्टेशन यात्रियों के लिए अधिक सुरक्षित बन पाते हैं। भागलपुर स्टेशन पर टला यह हादसा न केवल एक महिला की जान बचाने की कहानी है, बल्कि यह सुरक्षा, सतर्कता और कर्तव्यनिष्ठा का भी एक प्रेरक उदाहरण बन गया है।

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