नेपाल में मूसलाधार बारिश का असर! कोसी में इस साल का सबसे बड़ा जलप्रवाह, मिथिलांचल में बढ़ा बाढ़ का खतरा

सुपौल/मधुबनी: नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब बिहार की नदियों पर साफ दिखाई देने लगा है। खासकर कोसी और कमला बलान नदी के जलस्तर में तेज बढ़ोतरी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। कई इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है, जबकि प्रशासन ने तटवर्ती क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

कोसी नदी में इस साल का सबसे अधिक जलप्रवाह

सोमवार को कोसी नदी में वर्ष 2026 का अब तक का सबसे अधिक जलप्रवाह दर्ज किया गया। नेपाल में लगातार हो रही बारिश के कारण कोसी बराज पर पानी का दबाव तेजी से बढ़ा।

जानकारी के अनुसार सुबह कोसी बराज पर जलप्रवाह 91 हजार 575 क्यूसेक दर्ज किया गया था, लेकिन कुछ ही घंटों में इसमें भारी बढ़ोतरी हुई और दोपहर तक यह बढ़कर 1 लाख 86 हजार 385 क्यूसेक पहुंच गया।

यह इस वर्ष कोसी नदी में दर्ज किया गया सबसे अधिक जलस्तर माना जा रहा है।

प्रशासन हाई अलर्ट पर

कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सुपौल जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिला पदाधिकारी सावन कुमार और पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस ने कोसी बराज पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

अधिकारियों ने जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों के साथ बैठक कर तटबंधों की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। नदी किनारे संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

प्रशासन का कहना है कि यदि नेपाल में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में जलस्तर और बढ़ सकता है।

कमला बलान नदी भी खतरे के करीब

मधुबनी जिले के झंझारपुर क्षेत्र में बहने वाली कमला बलान नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। सोमवार को नदी का जलस्तर 50 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 50.50 मीटर है।

यानी नदी अब खतरे के निशान से मात्र 50 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।

ग्रामीणों की बढ़ी चिंता

कमला बलान नदी के किनारे बसे गांवों में लोगों की चिंता बढ़ गई है। परतापुर, भदुआर घाट और आसपास के निचले इलाकों में लोग लगातार नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।

कई स्थानों पर लोगों को आवाजाही के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर में और बढ़ोतरी हुई तो निचले क्षेत्रों में पानी घुस सकता है।

तटबंधों की निगरानी तेज

बाढ़ नियंत्रण विभाग ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है और संबंधित अधिकारियों तथा कर्मचारियों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

संवेदनशील और अतिसंवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

अन्य नदियों पर भी नजर

अधिकारियों के अनुसार नेपाल में हुई भारी बारिश के कारण सिर्फ कोसी और कमला बलान ही नहीं, बल्कि बिहार की अन्य नदियों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। जल संसाधन विभाग सभी प्रमुख नदियों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

फिलहाल प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

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