बिहार विधान परिषद चुनाव: 10 सीटों पर 10 उम्मीदवार मैदान में, सभी का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय

पटना: बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया सोमवार को समाप्त हो गई। नामांकन के अंतिम दिन कुल 10 उम्मीदवारों ने अपने पर्चे दाखिल किए। चूंकि 10 सीटों के लिए केवल 10 ही उम्मीदवार मैदान में हैं, ऐसे में सभी प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय माना जा रहा है।

इस चुनाव में 9 सीटों पर सामान्य निर्वाचन और 1 सीट पर उपचुनाव होना है। एनडीए की ओर से 9 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया, जबकि महागठबंधन की ओर से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के एक उम्मीदवार ने पर्चा भरा।

NDA ने उतारे 9 उम्मीदवार

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से संजय मयूख, पवन सिंह, अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित ने नामांकन दाखिल किया।

वहीं जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवरानी प्रजापति और ललन प्रसाद (उपचुनाव) को उम्मीदवार बनाया है।

इसके अलावा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की ओर से अशरफ अंसारी ने नामांकन किया।

महागठबंधन से सुनील कुमार सिंह मैदान में

महागठबंधन की ओर से राष्ट्रीय जनता दल ने पूर्व विधान पार्षद सुनील कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया है। नामांकन के अंतिम दिन उन्होंने विधानसभा पहुंचकर अपना पर्चा दाखिल किया।

संख्या बल से तय है परिणाम

विधान परिषद चुनाव के गणित के अनुसार एक उम्मीदवार को जीत के लिए लगभग 25 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होती है। बिहार विधानसभा में एनडीए के पास पर्याप्त संख्या बल होने के कारण उसके सभी 9 उम्मीदवारों की जीत लगभग सुनिश्चित मानी जा रही है।

वहीं महागठबंधन के पास मौजूद विधायकों की संख्या के आधार पर आरजेडी उम्मीदवार सुनील कुमार सिंह की जीत भी तय मानी जा रही है।

यदि कोई उम्मीदवार नाम वापस नहीं लेता, तो मतदान की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी और सभी प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए जा सकते हैं।

दीपक प्रकाश को टिकट नहीं, बढ़ीं अटकलें

इस चुनाव की सबसे चर्चित बात पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश का नामांकन नहीं करना रहा। लंबे समय से उन्हें विधान परिषद भेजे जाने की चर्चा थी, लेकिन एनडीए की सूची में उनका नाम शामिल नहीं किया गया।

इसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि मंत्री पद पर बने रहने को लेकर उनके सामने संवैधानिक चुनौती खड़ी हो सकती है, क्योंकि वह वर्तमान में विधानसभा या विधान परिषद, किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं।

नेतृत्व करेगा फैसला

राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दीपक प्रकाश के राजनीतिक भविष्य और मंत्री पद को लेकर अंतिम निर्णय पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करेगा।

18 जून को प्रस्तावित है मतदान

निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार नामांकन पत्रों की जांच 9 जून को होगी, जबकि 11 जून तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकते हैं। यदि आवश्यकता हुई तो 18 जून को मतदान और उसी दिन मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे।

हालांकि मौजूदा स्थिति को देखते हुए बिहार विधान परिषद की सभी 10 सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन की संभावना सबसे अधिक मानी जा रही है।

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