
मुजफ्फरपुर: बिहार की राजनीति में एक बार फिर पूर्व सांसद आनंद मोहन के बयान ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के शीर्ष नेतृत्व पर लगातार हमलावर रहे आनंद मोहन ने इस बार पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन नेताओं ने वर्षों तक बिहार की राजनीति का नेतृत्व किया, आज उन्हें सम्मानजनक स्थान नहीं दिया जा रहा है।
“नीतीश कुमार को दरबारी बना दिया गया”
मुजफ्फरपुर के एक निजी होटल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आनंद मोहन ने कहा कि कभी मुख्यमंत्री आवास में नीतीश कुमार का दरबार लगता था, जहां नेता और आम लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते थे। लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल गई है।
उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं ने ऐसी परिस्थितियां पैदा कर दी हैं कि अब पूर्व मुख्यमंत्री को रोज किसी न किसी नेता के घर जाना पड़ रहा है।
“गन पॉइंट पर इस्तीफा लेने की चर्चा”
आनंद मोहन ने दावा किया कि आम लोगों के बीच यह चर्चा है कि नीतीश कुमार को उनकी इच्छा के विरुद्ध मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा। उन्होंने कहा कि एनडीए ने पहले “2025 से 2030 फिर से नीतीश” का नारा दिया था, लेकिन अचानक नेतृत्व परिवर्तन क्यों किया गया, यह सवाल लोगों के मन में बना हुआ है।
हालांकि, उन्होंने यह बात लोगों के बीच चल रही चर्चाओं के संदर्भ में कही और इसे अपनी व्यक्तिगत जानकारी के रूप में प्रस्तुत नहीं किया।
संजय झा और ललन सिंह पर साधा निशाना
पूर्व सांसद ने बिना लाग-लपेट के जेडीयू के कुछ शीर्ष नेताओं पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर ऐसे लोगों का प्रभाव बढ़ गया है, जिन्होंने उस नेता की राजनीतिक हैसियत को कमजोर किया, जिसने वर्षों तक बिहार की राजनीति को दिशा दी।
हाल के दिनों में आनंद मोहन कई बार जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को लेकर सार्वजनिक रूप से आलोचनात्मक बयान दे चुके हैं।
कार्यकर्ताओं से की आवाज उठाने की अपील
आनंद मोहन ने जेडीयू कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपने नेता के सम्मान और राजनीतिक विरासत की रक्षा के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का मुद्दा नहीं, बल्कि लाखों कार्यकर्ताओं की भावनाओं और बिहार की राजनीतिक गरिमा से जुड़ा सवाल है।
“आज चुनाव हो जाए तो तस्वीर साफ हो जाएगी”
अपने संबोधन के दौरान आनंद मोहन ने एनडीए की राजनीतिक स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान समय में बिहार में चुनाव हो जाए तो जनता का वास्तविक मूड सामने आ जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास राजनीतिक ताकत और जनाधार की कोई कमी नहीं है, लेकिन उन्होंने कभी पद या सत्ता के लिए राजनीति नहीं की।
बयान से बढ़ी सियासी हलचल
आनंद मोहन के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। खासकर जेडीयू के भीतर नेतृत्व परिवर्तन और नीतीश कुमार की वर्तमान भूमिका को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


