बिजली गुल, बाहर सोना पड़ा महंगा; बिहार में ट्रैक्टर ने 7 लोगों को कुचला

बिहार के सारण जिले के मसरख में सोमवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। भीषण गर्मी और बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण घर के बाहर सो रहे सात लोगों को एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रैक्टर ने कुचल दिया। हादसे में सभी सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए छपरा सदर अस्पताल रेफर किया गया है।

घटना मसरख नगर पंचायत क्षेत्र के तख्त दलित टोला की है। स्थानीय लोगों के अनुसार इलाके का ट्रांसफार्मर कई दिनों से खराब पड़ा हुआ है, जिससे बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित थी। उमस भरी गर्मी के कारण कई परिवारों के लोग अपने घरों के बाहर सड़क किनारे और नाले के ऊपर बने प्लेटफॉर्म पर सो रहे थे।

इसी दौरान देर रात एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर वहां पहुंचा और सड़क किनारे सो रहे लोगों पर चढ़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, जिसके कारण यह भीषण हादसा हुआ।

हादसे के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। घायल लोग दर्द से कराहते रहे, जबकि आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मसरख पहुंचाया गया।

अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने सभी घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें छपरा सदर अस्पताल रेफर कर दिया। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।

सूचना मिलते ही मसरख थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त ट्रैक्टर को जब्त कर लिया। हालांकि हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि कई दिनों से ट्रांसफार्मर खराब होने के बावजूद बिजली विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर बिजली बहाल कर दी गई होती तो लोगों को सड़क किनारे सोने की मजबूरी नहीं होती और यह हादसा टाला जा सकता था।

पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग की लापरवाही की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तथा क्षेत्र में जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।

यह हादसा केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि बुनियादी सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक लापरवाही से पैदा हुई परिस्थितियों का भी दुखद उदाहरण बनकर सामने आया है।

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