भागलपुर में प्रेम, शादी और सामाजिक टकराव का अनोखा मामला: दो बच्चों की मां ने युवक संग रचाई दूसरी शादी, प्रेमी के घर पहुंचते ही शुरू हुआ हंगामा

भागलपुर, 31 मई 2026। बिहार के भागलपुर जिले के सनोखर थाना क्षेत्र स्थित सिलहन गांव इन दिनों एक ऐसे पारिवारिक और सामाजिक विवाद को लेकर चर्चा में है, जिसने पूरे इलाके का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। प्रेम संबंध, दूसरी शादी, पारिवारिक असहमति और कानूनी पेचीदगियों से जुड़ा यह मामला अब गांव से निकलकर व्यापक चर्चा का विषय बन चुका है। एक दो बच्चों की मां द्वारा अपने पड़ोसी युवक के साथ मंदिर में विवाह करने और फिर कई महीने तक उसके साथ रहने के बाद प्रेमी के घर पहुंचने पर शुरू हुए विवाद ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है।

जानकारी के अनुसार सिलहन गांव की रहने वाली 25 वर्षीय मोनी कुमारी का अपने ही पड़ोस में रहने वाले 19 वर्षीय युवक दिलखुश यादव के साथ प्रेम संबंध विकसित हुआ था। दोनों परिवारों के घर एक-दूसरे के बेहद करीब बताए जाते हैं। इसी नजदीकी के कारण दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे यह जान-पहचान गहरे संबंध में बदल गई। ग्रामीणों के अनुसार शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती थी, लेकिन समय के साथ यह रिश्ता प्रेम संबंध में तब्दील हो गया।

बताया जाता है कि दोनों एक-दूसरे से मोबाइल फोन के माध्यम से लगातार संपर्क में रहने लगे। बातचीत का सिलसिला बढ़ता गया और दोनों ने साथ जीवन बिताने का निर्णय ले लिया। हालांकि उनके इस फैसले के सामने कई सामाजिक और पारिवारिक चुनौतियां थीं। एक ओर मोनी पहले से विवाहित थी और दो बच्चों की मां थी, वहीं दूसरी ओर दिलखुश की उम्र भी अपेक्षाकृत कम बताई जा रही है। इसके बावजूद दोनों ने अपने रिश्ते को आगे बढ़ाने का फैसला किया।

सूत्रों के अनुसार इसी वर्ष 3 जनवरी को दोनों ने पटना स्थित एक मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार विवाह कर लिया। बताया जाता है कि विवाह के बाद दोनों कुछ समय तक गांव से बाहर रहे और पति-पत्नी की तरह साथ रहने लगे। करीब पांच महीने तक दोनों एक साथ रहे। इस दौरान उनके रिश्ते को लेकर गांव और परिवारों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं होती रहीं, लेकिन मामला सार्वजनिक रूप से ज्यादा सामने नहीं आया।

अब इस कहानी में नया मोड़ तब आया जब महिला ने दावा किया कि वह गर्भवती है। उसके अनुसार वह वर्तमान में लगभग दो महीने की गर्भवती है और उसके गर्भ में दिलखुश का बच्चा पल रहा है। महिला का आरोप है कि गर्भावस्था की जानकारी मिलने के बाद दिलखुश ने उसे अपने गांव लौटने और अपने पैतृक घर में रहने की सलाह दी थी। उसे भरोसा दिलाया गया था कि वहां किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी और परिवार भी उसे स्वीकार कर लेगा।

इसी भरोसे के साथ महिला हाल ही में सिलहन गांव स्थित दिलखुश यादव के घर पहुंची। लेकिन वहां पहुंचते ही स्थिति पूरी तरह बदल गई। महिला का आरोप है कि प्रेमी के परिवार ने उसे घर में प्रवेश नहीं करने दिया और बहू के रूप में स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद घर के बाहर काफी देर तक विवाद और बहस का माहौल बना रहा।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रेमी की मां ने महिला को स्वीकार करने से मना कर दिया। परिवार का कहना था कि उनका बेटा अभी कम उम्र का है और वे इस रिश्ते को मान्यता देने के पक्ष में नहीं हैं। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला गांव में चर्चा का विषय बन गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।

ग्रामीणों का कहना है कि कुछ ही देर में घर के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। महिलाएं, बुजुर्ग और स्थानीय लोग पूरे घटनाक्रम को देखने और समझने के लिए वहां पहुंचने लगे। गांव में कई घंटों तक इसी मामले की चर्चा होती रही। कुछ लोग महिला के पक्ष में दिखाई दिए तो कुछ लोगों ने परिवार की आपत्तियों को उचित बताया। इससे गांव में माहौल काफी गर्म हो गया।

इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में महिला का पूर्व वैवाहिक जीवन भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार मोनी कुमारी की शादी वर्ष 2018 में धर्मवीर साह नामक युवक से हुई थी। इस विवाह से उसे दो बच्चे हैं, जिनमें एक बेटी और एक बेटा शामिल हैं। वर्तमान में दोनों बच्चे अभी छोटे हैं और परिवार के साथ रह रहे हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार महिला का पति पेशे से हलवाई का काम करता है और रोजगार के सिलसिले में अक्सर घर से बाहर रहता था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले युवक के साथ उसकी नजदीकियां बढ़ीं। समय के साथ दोनों के बीच संबंध मजबूत होते गए और अंततः उन्होंने मंदिर में विवाह कर लिया।

हालांकि इस मामले में कानूनी पक्ष भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पहली शादी कानूनी रूप से समाप्त नहीं हुई है और तलाक की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है, तो दूसरी शादी को लेकर कई कानूनी प्रश्न खड़े हो सकते हैं। यही कारण है कि मामले को केवल पारिवारिक विवाद नहीं बल्कि संभावित कानूनी विवाद के रूप में भी देखा जा रहा है।

वर्तमान में महिला अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर चिंतित दिखाई दे रही है। उसका कहना है कि उसने प्रेम और विश्वास के आधार पर यह कदम उठाया था, लेकिन अब उसे स्वीकार नहीं किया जा रहा है। दूसरी ओर युवक का परिवार इस रिश्ते को मान्यता देने से पीछे हटता नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान स्वयं दिलखुश यादव भी मौके पर मौजूद नहीं था, जिससे स्थिति और अधिक जटिल हो गई।

ग्रामीणों के बीच अब यह चर्चा तेज है कि मामले को पंचायत या पुलिस स्तर पर ले जाया जा सकता है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि दोनों पक्षों को बैठाकर बातचीत के माध्यम से समाधान निकाला जाए ताकि किसी बड़े विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो। वहीं कुछ लोग कानूनी सलाह लेने की भी बात कर रहे हैं।

फिलहाल सिलहन गांव का यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। प्रेम, विवाह, परिवार और कानून से जुड़े इस विवाद ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में यदि मामला पुलिस या न्यायालय तक पहुंचता है तो इसके नए पहलू सामने आ सकते हैं। अभी सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर इस विवाद का समाधान किस दिशा में जाता है और महिला को उसके भविष्य को लेकर क्या राहत मिलती है।

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