
कटिहार: बिहार के कटिहार जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। कोढ़ा प्रखंड के चंदवा पंचायत स्थित एक गांव में एक परिवार ने अपनी बेटी के प्रेम विवाह से आहत होकर उसका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर दिया। इस घटना को लेकर पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है।
12 मई से लापता थी युवती
परिजनों के अनुसार, महादलित समाज से आने वाली युवती 12 मई से घर से लापता थी। परिवार ने उसकी गुमशुदगी को लेकर रौतारा थाना में शिकायत भी दर्ज कराई थी। परिजनों को उम्मीद थी कि उनकी बेटी वापस घर लौट आएगी।
सामने आकर निकाह की बात कही
परिवार का आरोप है कि बाद में युवती ने संपर्क कर बताया कि उसने अपनी मर्जी से निकाह कर लिया है। परिजनों का यह भी कहना है कि युवती ने परिवार को पहचानने और उनके साथ रहने से इनकार कर दिया। इसके बाद परिवार गहरे सदमे में चला गया।
कुश का पुतला बनाकर किया अंतिम संस्कार
बेटी के फैसले से आहत परिजनों ने कुश का पुतला बनाकर उसका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर दिया। गांव में विधि-विधान के साथ यह कर्मकांड किया गया, जिसकी चर्चा अब पूरे क्षेत्र में हो रही है। परिवार का कहना है कि अब उनके लिए उनकी बेटी का अस्तित्व समाप्त हो चुका है।
भावुक दिखे परिजन
अंतिम संस्कार के दौरान परिवार के सदस्य भावुक नजर आए। स्थानीय लोगों के अनुसार, परिजनों ने सामाजिक और पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए यह निर्णय लिया। इस अनोखे कर्मकांड को कराने वाले पुरोहित ने भी इसे अपने जीवन का पहला ऐसा अनुभव बताया।
मां ने क्या कहा?
युवती की मां ने भावुक होकर कहा कि उनकी बेटी अब उनके लिए मर चुकी है, इसलिए उन्होंने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह फैसला परिवार की सहमति से लिया गया है।
चर्चा का विषय बनी घटना
कटिहार की यह घटना अब जिले भर में चर्चा का विषय बनी हुई है। कुछ लोग इसे परंपराओं और सामाजिक मान्यताओं से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कई लोग इसे बदलते सामाजिक रिश्तों और पारिवारिक भावनाओं के टकराव का उदाहरण मान रहे हैं।
नोट: युवती बालिग बताई जा रही है और उसे अपनी पसंद से विवाह करने का कानूनी अधिकार है। वहीं परिवार द्वारा किया गया प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार उनकी व्यक्तिगत और भावनात्मक प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।


