
कोलकाता, 25 जुलाई 2026: भारतीय रेल के विशाल नेटवर्क में सुरक्षित और निर्बाध ट्रेन संचालन को सुनिश्चित करने के लिए रेलवे बोर्ड ने देशभर में चल रही सुरक्षा तैयारियों की व्यापक समीक्षा की है। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जोनल रेलवे के महाप्रबंधकों और मंडल रेल प्रबंधकों के साथ मासिक उच्चस्तरीय बैठक की। इस दौरान रेलवे सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं, परिचालन व्यवस्था, रेल परिसंपत्तियों के रखरखाव, आधुनिक सुरक्षा तकनीकों की स्थिति और आगामी रेलवे भर्ती बोर्ड कंप्यूटर आधारित परीक्षा यानी आरआरबी सीबीटी के दौरान संभावित यात्री भीड़ को संभालने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि भारतीय रेल में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी जोनल रेलवे और मंडलों के अधिकारियों को सुरक्षा नियमों और निर्धारित प्रोटोकॉल का पूरी सख्ती के साथ पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेलवे ट्रैक, सिग्नलिंग प्रणाली, पुलों, समपार फाटकों और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की नियमित जांच बेहद जरूरी है। इसके साथ ही ट्रेनों में उपयोग होने वाले कोच और परिचालन से जुड़े अन्य संसाधनों का भी समय-समय पर निरीक्षण किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी संभावित तकनीकी कमी का समय रहते पता लगाया जा सके।
सुरक्षा खामियों को दूर करने में देरी नहीं करने के निर्देश
रेलवे बोर्ड की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि सुरक्षा से संबंधित किसी भी कमी को नजरअंदाज न किया जाए। यदि किसी रेल खंड, उपकरण या सुरक्षा प्रणाली में सुधार की जरूरत सामने आती है तो उसके समाधान की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
अध्यक्ष ने नियमित निरीक्षण और समयबद्ध रखरखाव को सुरक्षित रेल परिचालन का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ाने और सुरक्षा प्रणालियों की क्षमता को लगातार बेहतर बनाने पर भी जोर दिया। अधिकारियों से कहा गया कि नई तकनीकों को अपनाने के साथ मौजूदा सुरक्षा उपकरणों की कार्यक्षमता की भी नियमित जांच की जाए।
बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि रेल सुरक्षा की जिम्मेदारी किसी एक विभाग तक सीमित नहीं है। परिचालन, इंजीनियरिंग, विद्युत, सिग्नलिंग और सुरक्षा विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा। किसी भी संभावित जोखिम की जानकारी संबंधित विभागों तक तेजी से पहुंचाने और उसके समाधान के लिए तत्काल कार्रवाई करने की व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
रेलवे ट्रैक और सिग्नलिंग सिस्टम की निगरानी पर जोर
मंडल रेल प्रबंधकों को रेलवे ट्रैक की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए। रेल परिचालन की सुरक्षा में पटरियों की अहम भूमिका होती है, इसलिए नियमित निरीक्षण और आवश्यक रखरखाव को प्राथमिकता देने को कहा गया। इसी तरह सिग्नलिंग सिस्टम की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए भी लगातार निगरानी और समय पर तकनीकी जांच की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
पुलों और समपार फाटकों को लेकर भी अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। रेलवे बोर्ड ने कहा कि महत्वपूर्ण रेल परिसंपत्तियों की निगरानी लगातार जारी रहनी चाहिए और जहां भी सुधार या उन्नयन की आवश्यकता हो, वहां निर्धारित प्रक्रिया के तहत जल्द से जल्द कार्रवाई की जानी चाहिए।
रोड ओवर ब्रिज और रोड अंडर ब्रिज परियोजनाओं की प्रगति का जायजा
बैठक में समपार फाटकों को समाप्त करने के लिए चल रही रोड ओवर ब्रिज और रोड अंडर ब्रिज परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। रेलवे और सड़क यातायात को अलग-अलग मार्ग उपलब्ध कराने वाली इन परियोजनाओं को यात्री और सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।
समपार फाटकों पर रेल और सड़क यातायात के एक ही स्थान पर आने से दुर्घटना का जोखिम बना रहता है। ऐसे में ओवरब्रिज और अंडरब्रिज के निर्माण से इस जोखिम को कम करने में मदद मिलती है। रेलवे बोर्ड ने संबंधित अधिकारियों को इन परियोजनाओं की प्रगति पर लगातार नजर रखने और जरूरी कार्यों को गति देने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही आग से सुरक्षा से जुड़ी आधुनिक तकनीकों की स्थापना की स्थिति की भी समीक्षा की गई। ऑटोमैटिक स्मोक डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम, फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम तथा फायर एंड स्मोक डिटेक्शन सिस्टम जैसी तकनीकों के उपयोग को रेलवे सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।
इन प्रणालियों के माध्यम से आग या धुएं के शुरुआती संकेतों का पता लगाकर समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं। इससे यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ आपात स्थिति में प्रतिक्रिया देने की क्षमता भी बेहतर हो सकती है।
आरआरबी सीबीटी परीक्षा के दौरान बढ़ सकती है यात्रियों की संख्या
बैठक में आगामी रेलवे भर्ती बोर्ड कंप्यूटर आधारित परीक्षा को लेकर तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया गया। परीक्षा में देशभर से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। इसके कारण परीक्षा के दिनों में प्रमुख रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ देखने को मिल सकती है।
इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को पहले से विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। अध्यक्ष ने कहा कि अभ्यर्थियों को उनके परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित, सुविधाजनक और समय पर पहुंचाने के लिए रेलवे को बहुस्तरीय तैयारी करनी होगी।
इसके लिए स्थानीय प्रशासन, पुलिस और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने को कहा गया है। परीक्षा केंद्रों और प्रमुख स्टेशनों पर भीड़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आरपीएफ और जीआरपी की पर्याप्त तैनाती होगी
परीक्षा के दौरान स्टेशनों पर संभावित भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है। अधिकारियों को प्लेटफार्म, स्टेशन परिसर और प्रवेश तथा निकास क्षेत्रों में यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित करने की प्रभावी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए।
अभ्यर्थियों को सही जानकारी उपलब्ध कराने के लिए स्टेशनों पर नियमित सार्वजनिक उद्घोषणा, स्पष्ट संकेतक और सहायता केंद्र की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया। दूसरे शहरों से आने वाले उम्मीदवारों के लिए स्टेशन से बाहर निकलने और आगे की यात्रा को आसान बनाने के उद्देश्य से सूचना व्यवस्था को प्रभावी रखने को कहा गया।
इसके अलावा टिकटिंग काउंटरों पर पर्याप्त व्यवस्था, पेयजल, प्रतीक्षालय, प्रकाश और स्वच्छता जैसी सुविधाओं को बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। रेलवे अधिकारियों से कहा गया कि परीक्षा के दौरान बढ़ने वाली यात्री संख्या के अनुसार इन सुविधाओं की पहले से समीक्षा कर आवश्यक व्यवस्था की जाए।
ट्रेन संचालन में समयबद्धता बनाए रखने पर जोर
आरआरबी सीबीटी परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के लिए समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण होगा। इसे देखते हुए रेलवे बोर्ड ने ट्रेनों के समय पर संचालन और परिचालन व्यवस्था की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए।
रेलवे अधिकारियों को कहा गया कि परीक्षा अवधि के दौरान ट्रेन सेवाओं में किसी तरह की बाधा आने पर उसके समाधान के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। जरूरत के अनुसार अधिक भीड़ वाले मार्गों और प्रमुख स्टेशनों पर अतिरिक्त व्यवस्थाएं करने की योजना तैयार रखने को भी कहा गया।
आपात स्थिति को ध्यान में रखते हुए चिकित्सा दल, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली और आपदा प्रबंधन से जुड़े संसाधनों को तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। इससे किसी अप्रत्याशित घटना की स्थिति में यात्रियों और परीक्षा अभ्यर्थियों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।
विभागों के बीच समन्वय को बनाया जाएगा मजबूत
रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया कि परीक्षा के दौरान व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखने के लिए परिचालन, वाणिज्य, सुरक्षा, इंजीनियरिंग और विद्युत विभागों के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक है। सभी विभागों को अपनी जिम्मेदारियों की स्पष्ट योजना तैयार करने और जरूरत के अनुसार एक-दूसरे के साथ समन्वय बनाए रखने को कहा गया।
बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की आवाजाही को देखते हुए रेलवे के लिए केवल ट्रेन संचालन पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं होगा। स्टेशन प्रबंधन, सुरक्षा, टिकटिंग, सूचना प्रसार, साफ-सफाई, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं को भी एक साथ मजबूत रखना होगा। इसी दिशा में अधिकारियों को सूक्ष्म स्तर पर योजना तैयार करने और तैयारियों की लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
पूर्व रेलवे ने भी तैयारियों को लेकर जताई प्रतिबद्धता
बैठक में पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर, अपर महाप्रबंधक, प्रधान मुख्य सुरक्षा अधिकारी और अन्य प्रधान विभागाध्यक्षों ने कोलकाता स्थित पूर्व रेलवे मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हिस्सा लिया।
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने कहा कि रेलवे बोर्ड की ओर से दिए गए सुरक्षा और परिचालन संबंधी सभी निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पूर्व रेलवे पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करने के साथ उनकी सुविधाओं में सुधार के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि आरआरबी सीबीटी परीक्षा के दौरान संभावित यात्री भीड़ को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर तैयार किया जाएगा। अभ्यर्थियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित किया जाएगा।
रेलवे बोर्ड की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक से यह स्पष्ट है कि भारतीय रेल नियमित परिचालन की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ आगामी भर्ती परीक्षा के दौरान संभावित भीड़ को संभालने के लिए भी व्यापक तैयारी कर रही है। सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन, रेल परिसंपत्तियों की निगरानी, आधुनिक तकनीक का उपयोग, समयबद्ध रखरखाव और विभागों के बीच प्रभावी समन्वय के जरिए रेलवे सुरक्षित एवं सुचारु रेल सेवा सुनिश्चित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वहीं, आरआरबी सीबीटी परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए स्टेशन प्रबंधन, सुरक्षा, सूचना व्यवस्था और ट्रेन संचालन पर विशेष निगरानी रखने की तैयारी की जा रही है।


