
मुंगेर में पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की ओर से राज्य योजना के तहत नाव एवं जाल पैकेज तथा मत्स्य विपणन किट वितरण योजना का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मत्स्यजीवी सहयोग समितियों और पारंपरिक मछुआ लाभुकों को योजनाओं की जानकारी दी गई और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।
नाव और जाल पर मिलेगा 90 प्रतिशत अनुदान
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिलाधिकारी Nikhil Dhanraj Nippanikar ने कहा कि राज्य सरकार मछुआरों की आय बढ़ाने और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए लगातार योजनाएं चला रही है।
उन्होंने बताया कि नाव एवं जाल पैकेज योजना के तहत पारंपरिक मछुआरों को 90 प्रतिशत अनुदान पर नाव और जाल उपलब्ध कराया जाएगा।
“योजना के अंतर्गत जाल की इकाई लागत 0.167 लाख रुपये निर्धारित की गई है, जबकि 100 किलो क्षमता वाले आईस बॉक्स और वुडेन बोट की इकाई लागत 1.244 लाख रुपये है।”
— Nikhil Dhanraj Nippanikar
लाइफ जैकेट और आईस बॉक्स भी मिलेगा
योजना के तहत लाभुकों को केवल नाव और जाल ही नहीं, बल्कि छह लाइफ जैकेट, मछली रखने के दो बॉक्स और एक लाइफ राफ्ट भी उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार कुल लागत का 90 प्रतिशत खर्च वहन करेगी, जबकि शेष 10 प्रतिशत राशि लाभार्थियों को जमा करनी होगी।
मत्स्य विपणन किट पूरी तरह मुफ्त
जिलाधिकारी ने बताया कि मत्स्य विपणन किट योजना के तहत मछुआरों और मछली विक्रेताओं को आधुनिक उपकरण 100 प्रतिशत अनुदान पर दिए जाएंगे।
इस किट में शामिल हैं—
- 25 लीटर की हांडी
- फेंका जाल
- 15 किलो क्षमता का तराजू
- एक किलो क्षमता का फासा जाल
- 25 लीटर का आईस बॉक्स
किट की कुल लागत 14,500 रुपये तय की गई है और इसका पूरा खर्च सरकार उठाएगी।
आधुनिक तकनीक से बढ़ेगी आय
Nikhil Dhanraj Nippanikar ने कहा कि आधुनिक नाव और जाल मिलने से मछली पकड़ना अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक होगा। इससे मत्स्य उत्पादन बढ़ेगा और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
“जल संसाधनों का बेहतर उपयोग होने के साथ-साथ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।”
— Nikhil Dhanraj Nippanikar
युवाओं से व्यवसाय बढ़ाने की अपील
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने मत्स्य व्यवसाय में युवाओं की बढ़ती भागीदारी पर खुशी जताई। उन्होंने युवाओं से प्रॉन समेत अन्य प्रजातियों की मछलियों का पालन शुरू करने और व्यवसाय का विस्तार करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि जिस तरह बिहार में दूसरे राज्यों से मछलियों का आयात होता है, उसी तरह बिहार के मछुआरे भी अपनी मछलियों का निर्यात अन्य राज्यों तक करें ताकि उन्हें बड़ा बाजार और बेहतर मुनाफा मिल सके।
स्वच्छ और सुरक्षित मछली बिक्री को मिलेगा बढ़ावा
प्रशासन का कहना है कि इस योजना से मछली विक्रेताओं को मछलियों को सुरक्षित और स्वच्छ तरीके से रखने में मदद मिलेगी। इससे बाजार में गुणवत्तापूर्ण मछलियां उपलब्ध होंगी और मछली व्यवसाय से जुड़े लोगों की आय व जीवन स्तर में सुधार आएगा।


