72 घंटे से बिजली गुल होने पर फूटा लोगों का गुस्सा, रेलवे अंडरपास के पास सड़क जाम कर किया प्रदर्शन

भागलपुर, 28 मई 2026। भागलपुर जिले के नाथनगर प्रखंड अंतर्गत रामपुर खुर्द पंचायत में लगातार तीन दिनों से बिजली आपूर्ति ठप रहने के बाद लोगों का गुस्सा आखिरकार सड़क पर फूट पड़ा। नाराज ग्रामीणों और बिजली उपभोक्ताओं ने रेलवे अंडरपास के पास सड़क जाम कर बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। करीब एक घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि पिछले 72 घंटे से इलाके में बिजली नहीं है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी पेयजल संकट को लेकर हो रही है। बिजली नहीं रहने के कारण लोगों को पानी की भारी किल्लत झेलनी पड़ रही है और मजबूरी में जनरेटर के सहारे पानी की टंकियां भरवानी पड़ रही हैं। इसके लिए लोगों को 500 से 1000 रुपये तक अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।

लगातार बिजली कटौती से लोगों का धैर्य टूटा

रामपुर खुर्द पंचायत के लोगों ने बताया कि पिछले तीन दिनों से इलाके में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कई बार बिजली आने की उम्मीद जगी, लेकिन थोड़ी देर बाद फिर सप्लाई बंद हो गई। धीरे-धीरे हालात इतने खराब हो गए कि लोगों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी और उमस के बीच बिजली नहीं रहने से बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं की हालत सबसे ज्यादा खराब हो रही है। रात के समय लोग ठीक से सो भी नहीं पा रहे हैं। मोबाइल चार्जिंग से लेकर घरेलू कामकाज तक सब कुछ प्रभावित हो चुका है।

लोगों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण स्थिति और गंभीर होती जा रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

पेयजल संकट बना सबसे बड़ी समस्या

बिजली आपूर्ति ठप होने का सबसे बड़ा असर पानी की व्यवस्था पर पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि मोटर और पानी टंकी बिजली के अभाव में काम नहीं कर रहे हैं, जिससे घरों में पानी की भारी कमी हो गई है।

लोगों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें निजी जनरेटर का सहारा लेना पड़ रहा है। पानी की टंकियां भरवाने के लिए लोग 500 से 1000 रुपये तक खर्च कर रहे हैं, जो आम परिवारों के लिए बड़ी समस्या बन चुकी है।

कुछ महिलाओं ने बताया कि कई घरों में पीने तक का पानी खत्म हो गया था। लोगों को दूर-दराज इलाकों से पानी लाना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में पानी की समस्या ने ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

रेलवे अंडरपास के पास गिरा पोल और पेड़

ग्रामीणों के अनुसार, रेलवे अंडरपास के समीप बिजली का पोल और कई पेड़ गिरकर सड़क पर पड़े हुए हैं। इसी कारण बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पा रही है। सड़क पर पेड़ और पोल पड़े रहने से लोगों को आवागमन में भी परेशानी हो रही है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बाइक सवार और छोटे वाहन चालक दुर्घटना का शिकार होने से बाल-बाल बचे। लोगों का आरोप है कि संबंधित विभाग को सूचना देने के बावजूद अब तक रास्ता पूरी तरह साफ नहीं कराया गया।

ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते टूटे पोल और गिरे पेड़ों को हटाकर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया जाता तो शायद इतनी बड़ी समस्या उत्पन्न नहीं होती।

बिजली विभाग के खिलाफ लोगों में भारी नाराजगी

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार विभाग के एसडीओ और जूनियर इंजीनियर को फोन कर समस्या की जानकारी दी गई, लेकिन कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।

लोगों ने आरोप लगाया कि विभाग के कर्मचारी केवल आश्वासन देते रहे लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ। इसी नाराजगी के कारण लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन करने का फैसला लिया।

कुछ ग्रामीणों ने कहा कि विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण आम लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। यदि समय रहते कार्रवाई की जाती तो लोगों को सड़क पर उतरने की जरूरत नहीं पड़ती।

सड़क जाम से प्रभावित हुआ यातायात

रेलवे अंडरपास के पास सड़क जाम होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। कई लोग जरूरी काम से यात्रा कर रहे थे लेकिन जाम में फंसने के कारण उन्हें काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।

स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि सड़क जाम का असर कारोबार पर भी पड़ा। कई ग्राहक रास्ता बंद होने के कारण बाजार तक नहीं पहुंच सके। कुछ वाहन चालकों और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस भी हुई, हालांकि स्थिति नियंत्रण में रही।

प्रदर्शन के दौरान लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और जल्द बिजली बहाल करने की मांग की।

मौके पर पहुंची पुलिस, लोगों को समझाया

सड़क जाम की सूचना मिलते ही मधुसूदनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की और उन्हें शांत कराने का प्रयास किया।

पुलिस ने बिजली विभाग के अधिकारियों से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों की ओर से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल कराने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद पुलिस और स्थानीय लोगों के समझाने पर प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया।

हालांकि लोगों ने साफ कहा कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे फिर से आंदोलन करेंगे।

ग्रामीणों ने स्थायी समाधान की उठाई मांग

प्रदर्शन खत्म होने के बाद भी लोगों में बिजली विभाग को लेकर नाराजगी बनी रही। ग्रामीणों ने मांग की कि इलाके की बिजली व्यवस्था को स्थायी रूप से मजबूत किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति पैदा न हो।

लोगों ने कहा कि हर बार तूफान या बारिश के बाद बिजली व्यवस्था ठप हो जाती है। विभाग को पुराने पोल और कमजोर तारों को बदलने की दिशा में गंभीर कदम उठाने चाहिए।

कुछ ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि बिजली विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए ताकि आम लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान हो सके।

प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद

स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली जैसी बुनियादी सुविधा लंबे समय तक बाधित रहने से आम जीवन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। ऐसे में प्रशासन और बिजली विभाग को आपात स्थिति की तरह काम करना चाहिए।

फिलहाल लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द बिजली व्यवस्था बहाल करेगा और सड़क पर पड़े पोल व पेड़ों को हटाकर स्थिति सामान्य बनाएगा। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर बार-बार होने वाली ऐसी समस्याओं का स्थायी समाधान कब निकलेगा।

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