
समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर जिले से पुलिस विभाग को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। रोसड़ा थाना में तैनात एक एएसआई का कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और विभागीय स्तर पर तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी एएसआई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो में रोसड़ा थाना में पदस्थापित एएसआई योगेश्वर साह सादे कपड़ों में दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वह एक व्यक्ति से पैसे लेते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। खास बात यह है कि वीडियो में पैसे देने वाला व्यक्ति बार-बार यह कहता सुनाई दे रहा है कि उसके पास और पैसे नहीं हैं, लेकिन कथित रूप से पैसे की मांग जारी रहती है।
वीडियो वायरल होने के बाद पूरे जिले में इस मामले की चर्चा शुरू हो गई। सोशल मीडिया पर लोग पुलिस विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाने लगे। कई लोगों ने इसे भ्रष्टाचार का गंभीर मामला बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की। देखते ही देखते यह वीडियो अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैल गया और मामला पुलिस अधिकारियों तक पहुंच गया।
मामले की जानकारी मिलते ही समस्तीपुर पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल जांच के आदेश जारी कर दिए। एसपी ने रोसड़ा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की, ताकि वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की जा सके।
जांच शुरू होते ही आरोपी एएसआई योगेश्वर साह पर बड़ी कार्रवाई की गई। पुलिस प्रशासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही उनके खिलाफ आगे की विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
समस्तीपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से इस मामले में आधिकारिक बयान भी जारी किया गया। बयान में कहा गया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को गंभीरता से लिया गया है। जांच में प्रथम दृष्टया मामला सही पाए जाने के बाद संबंधित एएसआई को सामान्य जीवन यापन भत्ता पर निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई जारी है।
पुलिस विभाग के लिए यह मामला इसलिए भी संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि हाल के दिनों में बिहार में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। आम लोगों का कहना है कि छोटे-छोटे मामलों में भी पुलिस और अन्य सरकारी विभागों में अवैध वसूली की शिकायतें सामने आती रहती हैं। ऐसे में वायरल वीडियो ने एक बार फिर पुलिस व्यवस्था पर बहस छेड़ दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आम आदमी न्याय और सुरक्षा की उम्मीद लेकर थाने पहुंचता है, लेकिन यदि पुलिसकर्मी ही रिश्वत लेने लगें तो लोगों का भरोसा कमजोर होता है। सोशल मीडिया पर भी कई लोगों ने लिखा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ केवल बयानबाजी नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर कड़ी कार्रवाई की जरूरत है।
वहीं कुछ लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया और मोबाइल कैमरों के दौर में अब ऐसे मामलों को छिपाना आसान नहीं रह गया है। छोटी से छोटी घटना भी रिकॉर्ड होकर वायरल हो जाती है, जिससे प्रशासन पर तत्काल कार्रवाई का दबाव बनता है। इस मामले में भी वीडियो वायरल होते ही पुलिस प्रशासन को तेजी से कदम उठाने पड़े।
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। कई लोगों ने आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई अन्य अधिकारी इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न कर सके। कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पुलिस विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की जरूरत बताई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि वीडियो कब और किस परिस्थिति में बनाया गया। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि संबंधित व्यक्ति से पैसे किस कारण लिए गए थे। यदि जांच में और भी तथ्य सामने आते हैं तो मामला और गंभीर हो सकता है।
इस घटना के बाद जिले के अन्य पुलिसकर्मियों के बीच भी चर्चा का माहौल है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में अब और सख्ती बरती जाएगी। पुलिस विभाग की छवि सुधारने के लिए निगरानी बढ़ाने और जवाबदेही तय करने की दिशा में भी काम किया जा सकता है।
बिहार में पहले भी कई बार सरकारी कर्मियों और पुलिसकर्मियों पर रिश्वत लेने के आरोप लगते रहे हैं। हालांकि हर मामले में कार्रवाई का तरीका अलग रहा है। लेकिन इस बार वीडियो वायरल होने के कारण मामला काफी तेजी से सुर्खियों में आ गया। इससे प्रशासन पर तत्काल एक्शन लेने का दबाव भी बढ़ गया।
फिलहाल आरोपी एएसआई निलंबित हैं और उनके खिलाफ विभागीय जांच जारी है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच पूरी होने के बाद पुलिस विभाग क्या अंतिम कार्रवाई करता है। वहीं आम लोग उम्मीद कर रहे हैं कि इस मामले में सख्त कदम उठाकर भ्रष्टाचार के खिलाफ स्पष्ट संदेश दिया जाएगा।


