
गया में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच बड़ा खुलासा हुआ है। ड्रग्स विभाग और पुलिस की संयुक्त जांच में पूर्व सांसद रंजीत सिंह के बेटे आनंद सिंह का नाम सामने आया है। मामले में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है और अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
25 लाख से ज्यादा की दवाएं हुई थीं बरामद
बताया गया कि 25 मई को ड्रग विभाग और बिहार पुलिस की टीम ने संयुक्त छापेमारी कर भारी मात्रा में कफ सिरप और नींद की गोलियां बरामद की थीं। जब्त दवाओं की कीमत करीब 25 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।
छापेमारी के बाद औषधि निरीक्षक सुनील कुमार के बयान पर कोतवाली थाना में एनडीपीएस एक्ट और बीएनएस की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
पूर्व सांसद के बेटे पर गंभीर आरोप
जांच में सामने आया कि जिस मकान में अवैध दवाओं का कारोबार चल रहा था, वह आनंद सिंह का बताया जा रहा है। आरोप है कि बिना पर्याप्त सत्यापन के मकान किराए पर दिया गया था और बाद में वहीं से नशीली दवाओं का नेटवर्क संचालित हो रहा था।
औषधि निरीक्षक सुनील कुमार ने कहा कि जांच में कई अहम सुराग मिले हैं और यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं आनंद सिंह इस पूरे नेटवर्क में सहयोगी की भूमिका में तो नहीं थे।
6 आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी
पुलिस ने अब तक विकास कुमार, उनकी पत्नी रूबी देवी, कुणाल कुमार, राजेश कुमार उर्फ मुखिया, मुकेश कुमार और राजेंद्र कुमार शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने कहा कि पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि नशीली दवाओं की सप्लाई कहां-कहां की जा रही थी और इस कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
“स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं”
ड्रग्स विभाग ने साफ कहा है कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हालत में नहीं छोड़ा जाएगा। पुलिस और ड्रग्स विभाग की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और बाकी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।


