
निर्वाचन आयोग द्वारा बिहार की 10 विधान परिषद सीटों पर चुनाव की घोषणा होते ही जीतन राम मांझी सक्रिय हो गए हैं। हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के संरक्षक मांझी ने एनडीए में एमएलसी की एक सीट पर अपनी पार्टी का दावा ठोक दिया है।
मांझी ने कहा कि उनकी पार्टी लंबे समय से एमएलसी सीट की मांग कर रही है। उन्होंने कहा, “हमारे पांच विधायक हैं, एक एमएलसी भी हैं और केंद्र सरकार में मंत्री भी हैं। कार्यकर्ताओं के मामले में हम किसी भी दल से कम नहीं हैं।”
जीतन राम मांझी ने कहा कि एनडीए के कार्यक्रमों में उनकी पार्टी के कार्यकर्ता बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। विधानसभा चुनाव से पहले हुए कई कार्यक्रमों में भी हम के कार्यकर्ताओं की बड़ी भागीदारी रही थी।
उन्होंने साफ कहा कि हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा को कम से कम एक एमएलसी सीट मिलनी चाहिए और इस मुद्दे पर वह एनडीए के केंद्रीय नेताओं से चर्चा करेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी गठबंधन के प्रति पूरी तरह समर्पित है और उनकी कोई शर्त नहीं है।
मांझी ने कहा, “अगर हमको एमएलसी का पद दिया जाता है तो इससे एनडीए और मजबूत होगा। हमारे कार्यकर्ता और समर्थक गठबंधन के प्रति और आकर्षित होंगे। यह सिर्फ हमारे हित में नहीं, बल्कि एनडीए के हित में भी है।”
वहीं राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पर हमला बोलते हुए मांझी ने तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि “आरजेडी के लोग लफंदर होते हैं।” उन्होंने एनसीआरबी रिपोर्ट का हवाला देते हुए अपराध और जेल से जुड़े मामलों पर विपक्ष को घेरा।
जीतन राम मांझी ने कहा कि जो अपराध करेगा, वह बिहार में मारा जाएगा। उन्होंने बिहार सरकार के मंत्री सम्राट चौधरी के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि “एनकाउंटर और लंगड़ा एनकाउंटर” जारी रहेगा।
साथ ही उन्होंने तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपराध पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। मांझी ने कहा कि बिहार की जनता आरजेडी शासनकाल का दौर देख चुकी है और सब जानती है।


