
औरंगाबाद में राष्ट्रीय राजमार्ग-139 पर स्थित बटाने नदी पुल की जर्जर हालत ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। महज 15 वर्षों में ही पुल का स्लैब खिसक गया है और एक पिलर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है। संभावित दुर्घटना की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने पुल पर भारी वाहनों के आवागमन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
यह पुल झारखंड के हरिहरगंज और डाल्टनगंज को पटना से जोड़ने वाले अत्यंत व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग-139 पर स्थित है। लंबे समय से इस मार्ग को फोरलेन करने की मांग उठती रही है। लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव के कारण पुल के कई हिस्सों में दरारें आ गई हैं और स्लैब भी खिसक गया है।
अभिलाषा शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता द्वारा पुल की गंभीर स्थिति की जानकारी दी गई थी। निरीक्षण के दौरान पुल के विभिन्न गर्डरों और बियरिंग पेडस्टल के पास दरारें पाई गईं। इसके बाद जांच कर भारी वाहनों के परिचालन पर तत्काल रोक लगाने का आदेश जारी किया गया।
जिलाधिकारी ने कहा, “बटाने पुल जिसकी कुल लंबाई 225 मीटर है, काफी जर्जर स्थिति में है। पुल के विभिन्न हिस्सों में दरारें पाई गई हैं। संभावित दुर्घटना को देखते हुए भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाई गई है।”
हालांकि हल्के वाहनों को फिलहाल पुल से गुजरने की अनुमति दी गई है। प्रशासन ने राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल को आवश्यक संकेतक बोर्ड और क्रैश बैरियर लगाने का निर्देश दिया है। साथ ही भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित किए गए हैं ताकि यातायात प्रभावित न हो।
मनोज कुमार के अनुसार रोहतास, गया, पटना और हरिहरगंज की ओर जाने वाले भारी वाहनों को बारूण, जपला, नवीनगर और अम्बा चौक होकर वैकल्पिक मार्ग से भेजा जा रहा है। बड़ी यात्री बसों और 12 चक्का व्यवसायिक वाहनों के लिए भी अलग रूट तय किए गए हैं।
प्रशासन ने पुल की तत्काल मरम्मत कराने का निर्देश दिया है और कार्य की प्रगति की लगातार निगरानी की जा रही है। पुल के आसपास दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों की भी तैनाती की गई है ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।


