भागलपुर में आंधी-तूफान का कहर: सैकड़ों पेड़ गिरे, ब्लैकआउट से थमा जनजीवन, झोपड़ी ढहने से एक की मौत

भागलपुर: बिहार के भागलपुर जिले में देर रात आए भीषण आंधी-तूफान ने पूरे शहर और ग्रामीण इलाकों में भारी तबाही मचा दी। तेज हवाओं और खराब मौसम ने ऐसा कहर बरपाया कि कई इलाकों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। सड़कों पर विशालकाय पेड़ गिर गए, बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई और कई लोगों के घरों को भारी नुकसान पहुंचा। इस प्राकृतिक आपदा में एक व्यक्ति की मौत भी हो गई, जबकि उसकी दो मासूम बेटियां घायल हो गईं। पूरे जिले में तबाही का मंजर देखकर लोग दहशत में हैं।

रात के समय अचानक मौसम का मिजाज बदल गया और कुछ ही देर में तेज हवाओं के साथ आंधी शुरू हो गई। हवा की रफ्तार इतनी अधिक थी कि बड़े-बड़े पेड़ जड़ से उखड़कर सड़कों और मकानों पर गिरने लगे। कई जगह टीनशेड और घरों की छतें उड़ गईं। लोगों ने बताया कि ऐसा लग रहा था मानो पूरा इलाका किसी प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ गया हो।

सुबह होते ही शहर और आसपास के इलाकों में नुकसान की तस्वीरें सामने आने लगीं। जगह-जगह सड़कें पेड़ों और टूटे बिजली के खंभों से पट गई थीं। कई इलाकों में बिजली के तार टूटकर नीचे गिर गए, जिससे देर रात से ही ब्लैकआउट की स्थिति बनी हुई है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को गर्मी और अंधेरे के बीच पूरी रात परेशानी झेलनी पड़ी।

सबसे दर्दनाक घटना बड़ी खंजरपुर इलाके में सामने आई, जहां झोपड़पट्टी में रहने वाले नकुल नामक व्यक्ति की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तेज आंधी के दौरान उसकी झोपड़ी पर भारी मलबा गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में उसकी दो छोटी बेटियां भी घायल हो गईं। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों बच्चियों को तुरंत इलाज के लिए मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

घटना के बाद इलाके में मातम का माहौल है। मृतक के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। नकुल के पिता भोला यादव ने बताया कि देर रात अचानक तेज हवा चलने लगी और कुछ ही देर में पूरी झोपड़ी हिलने लगी। इससे पहले कि परिवार कुछ समझ पाता, तेज आंधी ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया। उन्होंने प्रशासन से आर्थिक सहायता और पीड़ित परिवार को राहत देने की मांग की है।

भागलपुर के कई इलाकों में लोगों को करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका है। आंधी के कारण कई मकानों की छतें उड़ गईं, दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं और घरों में रखा सामान बर्बाद हो गया। कई दुकानों और छोटे व्यवसायों को भी नुकसान पहुंचा है। लोगों का कहना है कि कुछ ही मिनटों में वर्षों की मेहनत पर पानी फिर गया।

शहर के प्रमुख मार्गों पर पेड़ गिरने से यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। कई वाहन घंटों तक जाम में फंसे रहे। कुछ इलाकों में सड़कें पूरी तरह बंद हो गईं, जिसके कारण लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह होते ही नगर निगम और प्रशासन की टीमें राहत कार्य में जुट गईं।

नगर निगम के कर्मचारी जेसीबी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से सड़कों से पेड़ और मलबा हटाने का काम कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता के आधार पर मुख्य मार्गों को साफ कराया जा रहा है ताकि यातायात सामान्य किया जा सके।

बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार तेज आंधी की वजह से कई बिजली के पोल और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जगह-जगह तार टूटने से बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। विभाग की टीमें लगातार मरम्मत कार्य में लगी हुई हैं, लेकिन कई इलाकों में बिजली बहाल होने में समय लग सकता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी खराब बताई जा रही है। कई गांवों में कच्चे मकानों और झोपड़ियों को भारी नुकसान पहुंचा है। तेज हवा के कारण पेड़ गिरने से खेतों और फसलों को भी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि मौसम की मार से उनकी आर्थिक स्थिति और कमजोर हो सकती है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि आंधी इतनी भयावह थी कि लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं कर पा रहे थे। कई परिवार पूरी रात जागकर गुजारने को मजबूर हुए। बच्चों और बुजुर्गों में डर का माहौल बना रहा।

मौसम विभाग ने पहले ही तेज हवा और बारिश की चेतावनी जारी की थी, लेकिन आंधी की तीव्रता ने लोगों को चौंका दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में तेजी से हो रहे बदलावों के कारण इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय निकायों को आपदा प्रबंधन को लेकर और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।

घटना के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे टूटे बिजली के तारों और क्षतिग्रस्त संरचनाओं से दूर रहें। साथ ही खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने भी प्रभावित परिवारों के लिए राहत और मुआवजे की मांग शुरू कर दी है। कई सामाजिक कार्यकर्ता पीड़ित परिवारों तक मदद पहुंचाने में जुटे हुए हैं।

फिलहाल भागलपुर में जनजीवन धीरे-धीरे पटरी पर लौटने की कोशिश कर रहा है, लेकिन आंधी-तूफान के जख्म अभी भी हर तरफ दिखाई दे रहे हैं। टूटी सड़कें, उखड़े पेड़, बिखरे घर और अंधेरे में डूबे इलाके यह बता रहे हैं कि बीती रात की तबाही ने लोगों की जिंदगी को गहरे तक प्रभावित किया है। प्रशासन अब नुकसान का विस्तृत आकलन कर राहत और पुनर्वास की दिशा में काम कर रहा है।

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