
भागलपुर: बिहार के भागलपुर जिले में देर रात आए तेज आंधी-तूफान ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। कुछ ही मिनटों तक चली तेज हवाओं और खराब मौसम ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक भारी तबाही मचा दी। सुबह होते ही लोगों को चारों ओर नुकसान का भयावह मंजर देखने को मिला। कहीं बिजली के खंभे टूटे पड़े थे तो कहीं सड़क पर बिजली के तार गिर जाने से आवागमन बाधित हो गया। कई गांवों में पूरी रात अंधेरा छाया रहा और बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार रात में अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई घरों के छप्पर उड़ गए और पेड़ जड़ से उखड़कर सड़कों पर गिर पड़े। ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा नुकसान देखने को मिला, जहां कच्चे और टीनशेड वाले मकानों को भारी क्षति पहुंची है।
आंधी का सबसे बड़ा असर बिजली व्यवस्था पर पड़ा। जिले के कई इलाकों में बिजली के तार टूटकर सड़क और खेतों में गिर गए। कई जगह बिजली के पोल झुक गए जबकि कुछ ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हो गए। बिजली बाधित होने से लोगों को पूरी रात अंधेरे में बितानी पड़ी। गर्मी और उमस के बीच बिजली कटने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई।
ग्रामीणों ने बताया कि रात में तेज आवाज के साथ कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे गिरते रहे। लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। सुबह जब लोग बाहर निकले तो गांव और सड़कों की हालत देखकर दंग रह गए। जगह-जगह पेड़ों की टूटी शाखाएं और बिजली के तार फैले हुए थे।
कई मार्गों पर पेड़ गिरने के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ। कुछ गांवों को जोड़ने वाली सड़कों पर घंटों तक आवाजाही बाधित रही। स्थानीय लोगों ने खुद पेड़ हटाने का प्रयास किया, जिसके बाद धीरे-धीरे रास्ते साफ किए जा सके। हालांकि कई इलाकों में अब भी स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है।
बिजली विभाग की टीमों को रात से ही राहत और मरम्मत कार्य में लगाया गया है। विभाग के कर्मचारी टूटे तारों और क्षतिग्रस्त पोलों की मरम्मत में लगातार जुटे हुए हैं। बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर मिथलेश कुमार ने बताया कि तेज आंधी के कारण कई जगहों पर लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं। विभाग प्राथमिकता के आधार पर बिजली बहाल करने का काम कर रहा है और जल्द से जल्द स्थिति सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने बताया कि जिन इलाकों में ट्रांसफार्मर और पोल अधिक क्षतिग्रस्त हुए हैं, वहां मरम्मत में कुछ अधिक समय लग सकता है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिजली आपूर्ति बंद रखी गई है ताकि टूटे तारों की वजह से किसी तरह की दुर्घटना न हो।
इधर तूफान का असर शैक्षणिक संस्थानों में भी देखने को मिला। मध्य विद्यालय मिर्जापुर में परिसर के भीतर रखी एक बड़ी पानी की टंकी तेज हवा के कारण टूटकर नीचे गिर गई। टंकी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे विद्यालय को नुकसान पहुंचा है।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक दिनेश पंडित ने बताया कि यह पानी की टंकी और मोटर एनटीपीसी की ओर से लगाई गई थी। उन्होंने कहा कि मोटर काफी समय से खराब थी और इसकी सूचना संबंधित विभाग को पहले ही दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रधानाध्यापक के अनुसार टंकी खाली थी और तेज हवा का दबाव इतना अधिक था कि वह अपने आधार से उखड़कर नीचे गिर गई।
घटना के बाद विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि हादसे के समय वहां कोई छात्र मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। विद्यालय प्रशासन अब नुकसान का आकलन कर रहा है और संबंधित विभाग से मरम्मत की मांग की गई है।
भागलपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में इस आंधी-तूफान ने किसानों को भी चिंता में डाल दिया है। कई किसानों का कहना है कि खेतों में लगी फसल को नुकसान पहुंचा है। तेज हवा और बारिश की वजह से कुछ जगहों पर सब्जियों और दलहनी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि कृषि विभाग की ओर से अभी तक आधिकारिक आकलन सामने नहीं आया है।
स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जिन परिवारों के घरों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है, उन्हें उचित सहायता दी जाए। कई गरीब परिवारों के कच्चे मकानों की छत उड़ जाने से वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं।
लोगों का कहना है कि हर साल मौसम की मार झेलने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत बिजली व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की दिशा में पर्याप्त काम नहीं हुआ है। तेज आंधी आते ही बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाती है और लोगों को घंटों नहीं बल्कि कई बार दिनों तक बिजली संकट झेलना पड़ता है।
प्रशासन की ओर से फिलहाल सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। बिजली विभाग, स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं। नुकसान का विस्तृत आकलन तैयार किया जा रहा है ताकि प्रभावित लोगों को सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने, खुले स्थानों पर नहीं जाने और बिजली के टूटे तारों से दूर रहने की अपील की है।
फिलहाल भागलपुर के कई हिस्सों में जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होने की कोशिश कर रहा है, लेकिन आंधी-तूफान के निशान अब भी हर तरफ दिखाई दे रहे हैं। टूटे पेड़, क्षतिग्रस्त बिजली व्यवस्था और बिखरे घर इस बात की गवाही दे रहे हैं कि बीती रात का तूफान इलाके के लोगों के लिए भारी मुश्किलें छोड़ गया है।


