
राजधानी पटना में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना नहीं है। नौतपा की शुरुआत के साथ ही गर्मी और अधिक महसूस की जा रही है। ऐसे में अस्पतालों में उल्टी, दस्त, डायरिया और चक्कर आने की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चे, बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज अधिक शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में
भीषण गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष तैयारी की है। Dr Subhash Prasad Singh ने बताया कि जिले के सभी पीएचसी, सीएचसी, रेफरल अस्पताल और सदर अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के लिए अलग वार्ड बनाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि पीएचसी और सीएचसी में दो-दो बेड, अनुमंडलीय अस्पतालों में पांच बेड और सदर अस्पताल में 10 बेड आरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा आशा कार्यकर्ताओं को पैरासिटामोल और ओआरएस उपलब्ध कराया गया है, जबकि आंगनबाड़ी केंद्रों को भी ओआरएस और दवाएं दी गई हैं।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को धूप से बचने की सलाह दी गई है। जरूरी होने पर सिर को सूती कपड़े से ढककर बाहर निकलने को कहा गया है।
डॉ. सुभाष प्रसाद सिंह ने कहा कि गर्मी में लगातार पानी पीते रहना और शरीर को हाइड्रेटेड रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से घर से बाहर निकलते समय पानी की बोतल साथ रखने की भी अपील की।
बच्चों के खानपान और स्किन का रखें खास ध्यान
डॉक्टरों ने सलाह दी है कि बच्चों को खाली पेट न सुलाएं और उन्हें हाई कार्बोहाइड्रेट डाइट दी जाए ताकि शरीर में ग्लूकोज की कमी न हो। साथ ही बच्चों को रोजाना स्नान कराने और तैलीय व स्ट्रीट फूड से दूर रखने की सलाह दी गई है।
उन्होंने कहा कि तेज धूप के कारण बच्चों में स्किन इन्फेक्शन, घमौरियां और खुजली की शिकायत बढ़ रही है। इसलिए बच्चों को दिन में बाहर खेलने से रोकें और शाम 5 बजे के बाद ही खेलने के लिए बाहर जाने दें।


