
पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत पचमहला थाना क्षेत्र के नौरंगा जलालपुर गांव में जेडीयू विधायक Anant Singh के समर्थक मुकेश सिंह पर फायरिंग के बाद सोनू-मोनू गैंग का एक और मामला सामने आया है। आरोप है कि छापेमारी करने पहुंची पुलिस की ही तलाशी ले ली गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, फायरिंग मामले में पुलिस सोनू-मोनू के घर छापेमारी करने पहुंची थी। इसी दौरान परिवार के सदस्य और समर्थक भड़क गए और पुलिस टीम के साथ बहस शुरू हो गई।
पुलिस और परिजनों के बीच तीखी नोकझोंक
बताया जा रहा है कि सोनू-मोनू के परिजन इस बात पर अड़ गए कि घर के अंदर जाने से पहले पुलिसकर्मियों की तलाशी ली जाएगी। काफी देर तक बहस के बाद पुलिसकर्मियों की जांच की गई, जिसके बाद उन्हें घर के अंदर जाने दिया गया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला और गरमा गया है।
वायरल वीडियो में पुलिसकर्मियों के साथ हाथीदह थाना प्रभारी भी जांच करवाते नजर आ रहे हैं। इस घटना को लेकर लोगों के बीच कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद जांच के आदेश
पूरे मामले पर Ramakrishna ने कहा कि पुलिस कानून के तहत कार्रवाई कर रही थी, लेकिन सोनू-मोनू के गुर्गों द्वारा पुलिस की तलाशी लिए जाने का मामला सामने आया है। उन्होंने बताया कि वरीय अधिकारियों के निर्देश पर जांच कर रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
उन्होंने कहा, “वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देश के आलोक में जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है।”
आखिर क्यों हुई गोलीबारी?
जानकारी के मुताबिक, 22 मई को नौरंगा जलालपुर पंचायत के सरपंच पति मुकेश सिंह ने सोशल मीडिया पर स्थानीय थानाध्यक्ष के कार्यों की प्रशंसा करते हुए एक पोस्ट किया था। इसी को लेकर पंचायत के मुखिया पति सह अधिवक्ता प्रमोद सिंह और मुकेश सिंह के बीच विवाद हो गया।
आरोप है कि इसके बाद शनिवार शाम सरपंच पति पर सोनू-मोनू और उनके गुर्गों ने फायरिंग की और मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलने के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी पक्ष के परिजनों और पुलिस के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। इसी दौरान आरोपी पीछे के रास्ते से फरार हो गए। बाद में पुलिसकर्मियों की तलाशी लेने का वीडियो वायरल होने के बाद पटना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।


