
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली वारदात सामने आई है, जहां प्यार, शक और जलन ने एक 22 वर्षीय युवती की जिंदगी छीन ली। एल्डिको उद्यान इलाके की रहने वाली की सगाई के महज चार दिन बाद उसके कथित प्रेमी ने बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले 7-8 वर्षों से शिवानी के साथ रिश्ते में था, लेकिन हाल के महीनों में रिश्ते में आई दूरी और युवती की सगाई ने उसे इतना गुस्से से भर दिया कि उसने हत्या की खौफनाक साजिश रच डाली।
इस मामले में गिरफ्तार आरोपी ने पुलिस पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपी पेशे से डिलीवरी बॉय बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, उसने पहले गला घोंटकर शिवानी की हत्या की और फिर पहचान मिटाने के लिए सिर को ईंट से कुचल दिया।
7-8 साल पुराना रिश्ता, लेकिन बदलने लगे हालात
पुलिस जांच में सामने आया कि शिवानी और प्रेम कुमार पिछले कई वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे। दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था और आसपास के लोगों को भी उनके रिश्ते की जानकारी थी।
शिवानी एक रियल एस्टेट कंपनी में चैनल पार्टनर के तौर पर काम कर रही थी, जबकि प्रेम कुमार डिलीवरी बॉय का काम करता था। शुरुआत में दोनों के बीच सब कुछ सामान्य बताया जा रहा है, लेकिन पिछले कुछ महीनों में रिश्ते में तनाव बढ़ने लगा।
जांच के मुताबिक, इसी दौरान शिवानी की दोस्ती अपने ऑफिस के सहकर्मी मनीष से बढ़ने लगी। आरोपी प्रेम कुमार को शक होने लगा कि शिवानी उससे दूर होती जा रही है और किसी दूसरे व्यक्ति के करीब आ रही है।
मोबाइल में तस्वीरें देखने के बाद बढ़ा शक
पुलिस के अनुसार प्रेम कुमार ने पूछताछ में बताया कि एक दिन उसने शिवानी के मोबाइल फोन में मनीष के साथ कुछ तस्वीरें देखीं। इसके बाद उसके मन में शक और गहरा हो गया।
वह लगातार इस बात को लेकर परेशान रहने लगा कि शिवानी अब उसके बजाय किसी और के साथ ज्यादा समय बिता रही है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह अंदर ही अंदर जलन और गुस्से में जी रहा था।
हालांकि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी के आरोप कितने सही हैं और क्या वास्तव में शिवानी और मनीष के बीच कोई रिश्ता था या यह केवल शक की स्थिति थी।
सगाई ने तोड़ दिया आरोपी का संतुलन
मामले में सबसे बड़ा मोड़ 14 मई को आया, जब शिवानी के परिवार ने उसकी सगाई प्रकाश नाम के युवक से कर दी। घर में शादी की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं और परिवार खुशियों में डूबा हुआ था।
लेकिन दूसरी तरफ प्रेम कुमार इस सगाई को स्वीकार नहीं कर पा रहा था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को यह बात बर्दाश्त नहीं हो रही थी कि जिस लड़की के साथ वह वर्षों से रिश्ते में था, वह अब किसी और की जिंदगी का हिस्सा बनने जा रही है।
इसी मानसिक स्थिति में उसने शिवानी को रास्ते से हटाने की योजना बना ली।
ऑफिस जाने के बहाने बुलाया, फिर जंगल ले गया
पुलिस जांच के अनुसार घटना 17 मई की सुबह की है। शिवानी रोज की तरह ऑफिस जाने के लिए घर से निकली थी। रास्ते में प्रेम कुमार उससे मिला और बातचीत के बहाने अपनी बाइक पर बैठाकर उतरेटिया रेलवे लाइन के पास सुनसान इलाके की ओर ले गया।
बताया जा रहा है कि वहां दोनों के बीच मनीष और सगाई को लेकर बहस शुरू हो गई। बहस धीरे-धीरे हिंसक रूप लेती गई और आरोपी ने गुस्से में आकर वारदात को अंजाम दे दिया।
रबर पाइप से गला घोंटा, फिर ईंट से कुचला सिर
पुलिस के अनुसार आरोपी अपनी बाइक में पहले से वाटर लेवलिंग के काम में इस्तेमाल होने वाला रबर पाइप लेकर आया था। इसी पाइप से उसने शिवानी का गला घोंट दिया।
जब युवती बेहोश होकर गिर गई, तब आरोपी ने पास में पड़ी भारी सीमेंट की ईंट उठाकर उसके सिर पर हमला किया। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने पहचान छिपाने के इरादे से सिर को बुरी तरह कुचल दिया था।
हत्या के बाद आरोपी शव को झाड़ियों में छिपाकर वहां से फरार हो गया। उसने शिवानी का मोबाइल फोन भी तेलीबाग नहर में फेंक दिया ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके।
जंगल में मिला शव, मां ने तस्वीर देखकर की पहचान
अगली सुबह जब कुछ राहगीरों ने जंगल में युवती का शव देखा तो इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
इधर, शिवानी के परिवार वाले रात से ही उसकी तलाश कर रहे थे। जब वे थाने पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें शव की तस्वीर दिखाई। तस्वीर देखते ही मां ने अपनी बेटी की पहचान कर ली।
परिवार की स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है। शिवानी के पिता मजदूरी करते हैं, जबकि मां घरों में काम कर परिवार चलाती हैं।
सीसीटीवी और सर्विलांस से आरोपी तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच के लिए चार टीमें बनाई थीं। पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और तकनीकी जांच की मदद से आरोपी प्रेम कुमार तक पहुंच बनाई।
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी टूट गया और उसने पूरी वारदात कबूल कर ली। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल बाइक और अन्य सबूत भी बरामद किए हैं।
आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
समाज के लिए बड़ा सवाल
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि रिश्तों में बढ़ता शक और असुरक्षा किस हद तक खतरनाक हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि असफल रिश्तों और एकतरफा जुनून के कारण अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी रिश्ते में विवाद या अलगाव का समाधान हिंसा नहीं हो सकता। इस तरह की घटनाएं समाज में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं।
लखनऊ की यह वारदात केवल एक हत्या नहीं, बल्कि एक ऐसे जुनूनी मानसिकता की कहानी बन गई है जिसने प्यार को हिंसा में बदल दिया।


