
नई दिल्ली: देश की परीक्षा प्रणाली में सुधार के उद्देश्य से केंद्र सरकार सोमवार को लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पेश करने जा रही है। हाल के पेपर लीक मामलों और छात्रों के व्यापक विरोध के बाद यह विधेयक सरकार के लिए राजनीतिक और नीतिगत दोनों स्तर पर अहम माना जा रहा है। सरकार ने इस पर होने वाली बहस के लिए अपने युवा सांसदों को आगे किया है, जबकि विपक्ष ने गृह मंत्री अमित शाह को घेरने की रणनीति बनाई है।
युवा सांसद संभालेंगे सरकार का पक्ष
लोकसभा में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह विधेयक पेश करेंगे। बहस की शुरुआत भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज करेंगी, जबकि तेजस्वी सूर्या सरकार की ओर से प्रमुख वक्ता होंगे। इसके अलावा जेडीयू के ललन सिंह, टीडीपी के लावु कृष्ण देवरायालु, शिवसेना के श्रीकांत शिंदे, अपना दल (एस) की अनुप्रिया पटेल और एनसीपी के सुनील तटकरे भी चर्चा में हिस्सा ले सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी चर्चा का जवाब देंगे, जबकि जरूरत पड़ने पर गृह मंत्री अमित शाह भी सदन में सरकार का पक्ष रख सकते हैं।
विपक्ष का फोकस अब अमित शाह पर
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद विपक्ष ने अपनी रणनीति बदली है। अब विपक्ष छात्रों पर कथित लाठीचार्ज, पेलेट गन के इस्तेमाल और पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह को घेरने की तैयारी में है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पहले ही अमित शाह को पत्र लिखकर संसद मार्च के दौरान छात्रों पर कथित पेलेट गन इस्तेमाल को लेकर जवाब मांग चुके हैं। विपक्ष का आरोप है कि छात्रों के साथ सख्ती बरती गई, जबकि सरकार परीक्षा प्रणाली की विफलता पर जवाबदेह है।
सरकार का दावा: पेपर लीक पर लगेगी लगाम
केंद्र सरकार का कहना है कि नया विधेयक परीक्षा में धांधली, पेपर लीक और संगठित गिरोहों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। सरकार इसे देश की परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में बड़ा कदम बता रही है।
हंगामेदार रहने के आसार
पिछले सप्ताह संसद में पेपर लीक, छात्र आंदोलन और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर जोरदार हंगामा हुआ था। ऐसे में आज भी लोकसभा में तीखी बहस होने की संभावना है। एक ओर सरकार इस बिल को युवाओं के हित में बड़ा सुधार बताएगी, तो दूसरी ओर विपक्ष हालिया घटनाओं और छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश करेगा।


