
जलालपुर/सारण, 23 मई 2026। बिहार के सारण जिले के जलालपुर थाना प्रक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण इलाकों में सरकारी संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के प्रशासनिक अभियानों के बीच एक बेहद हिंसक, विविसंगतिपूर्ण और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली वारदात सामने आई है। जलालपुर प्रखंड के विशुनपुरा गांव में शुक्रवार की दोपहर सरकारी भूमि से अवैध अतिक्रमण को जमींदोज करने पहुंची अंचल प्रशासन और राजस्व अधिकारियों की संयुक्त टीम पर अवैध कब्जाधारियों के एक उग्र गुट ने जानलेवा हमला कर दिया।
अवैध कब्जे को अपनी बपौती मान चुके दबंग परिवार के पुरुषों और महिलाओं ने एकजुट होकर प्रशासनिक अमले को चारों तरफ से घेर लिया और उन पर भारी मात्रा में ईंट-पत्थर, लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से प्रखर प्रहार लाइव कर दिया। इस अचानक हुए हिंसक पथराव और हमले के कारण जलालपुर के अंचलाधिकारी (सीओ) और राजस्व पदाधिकारी (आरओ) सहित कुल पांच प्रशासनिक कर्मी गंभीर रूप से चोटिल और लहूलुहान हो गए। इस औचक हमले के बाद से पूरे विशुनपुरा प्रक्षेप के भीतर भारी तनाव, घोर प्रशासनिक आक्रोश और सांगठनिक हड़कंप की अवस्थिति निर्मित हो गई है, जिसके बाद पुलिस महकमे ने दबिश बढ़ा दी है।
तीन बार विधिक नोटिस दिए जाने के बाद भी नहीं हटा कब्ज़ा, कचहरी भूमि को मुक्त कराने पहुंची थी टीम
इस पूरे अवसादपूर्ण धरातलीय विवाद की कड़ियों और आधिकारिक विलेखों को खंगाला जाए तो यह प्रामाणिक सत्य पटल पर आता है कि विशुनपुरा कचहरी के समीप संधारित एक विशाल भूखंड विधिक रूप से बिहार सरकार की सरकारी संपत्ति (कचहरी भूमि) के रूप में दर्ज है। इस कीमती भूखंड पर अंचल के ही एक रसूखदार परिवार द्वारा पिछले लंबे समय से अवैध निर्माण कर, मलबे और झोपड़ियां खड़ी कर अवैध रूप से कब्जा जमा रखा था, जिसके कारण स्थानीय सार्वजनिक विकास की गतियां पूरी तरह से ब्लॉक संधारित थीं।
अंचल प्रशासन ने विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए इस अवैध अतिक्रमण को स्वेच्छा से खाली करने के वास्ते संबंधित कब्जाधारी पक्ष को पूर्व की समयावधि में एक-एक कर कुल तीन बार विधिक नोटिस निर्गत किए थे। इन नोटिसों के माध्यम से कब्जाधारियों को कड़ा विनिर्देश संधारित किया गया था कि वे तय समय-सीमा के भीतर सरकारी भूमि को पूरी कड़ाई से खाली कर दें, अन्यथा उनके खिलाफ दंडात्मक बुलडोजर कार्रवाई लाइन-अप की जाएगी। परंतु, कानून के इन विधिक नोटिसों को पूरी तरह से म्यूट और नजरअंदाज करते हुए कब्जाधारी परिवार ने उस सरकारी जमीन से अपना नियंत्रण हटाने से साफ इनकार कर दिया था।
इसी पृष्ठभूमि में शुक्रवार की दोपहर अंचलाधिकारी अविनाश कुमार और राजस्व पदाधिकारी अखिलेश्वर राम के संयुक्त नेतृत्व में अंचल के सशस्त्र गार्डों और कनिष्ठ कर्मियों का एक बड़ा दस्ता ट्रैक्टरों और निर्माण मलबे को हटाने वाले यांत्रिक साधनों के साथ विशुनपुरा गांव के हॉट-स्पॉट पर प्रविष्ट हुआ था।
महिलाओं और पुरुषों का उग्र मोर्चा: अचानक बरसने लगे ईंट-पत्थर और लाठियां
शुक्रवार की दोपहर जैसे ही प्रशासनिक टीम ने विशुनपुरा कचहरी भूमि पर पहुंचकर अवैध रूप से खड़े किए गए ढांचों को विच्छेदित (ध्वस्त) करने की विधिक कार्रवाई लाइव मोड पर शुरू की, वैसे ही अवैध कब्जाधारी परिवार के सदस्य पूरी तैयारी के साथ अपने घरों के मुहाने से बाहर निकल आए। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, कब्जाधारी पक्ष के पुरुषों के साथ-साथ घर की महिलाएं भी कानून को हाथ में लेते हुए अत्यधिक आक्रामक और उग्र मोर्चे पर संधारित हो गईं।
शुरुआती आंशिक नोकझोंक के कतिपय पलों के भीतर ही, पुरुषों और महिलाओं के इस सिंडिकेट ने सरकारी काम को पूरी तरह से ब्लॉक करने के उद्देश्य से प्रशासनिक टीम पर अचानक छतों और गलियों से भारी ईंट-पत्थर बरसाना प्रारंभ कर दिया। चारों तरफ से हो रहे इस तीव्र पथराव के कारण अंचल कर्मियों को संभलने का आंशिक अवसर भी हस्तगत नहीं हो सका। उग्र हमलावरों ने लाठी-डंडों से लैस होकर अंचलाधिकारी और उनके कनिष्ठ सुरक्षा गार्डों को गनपॉइंट और लाठीपॉइंट पर लेते हुए शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया, जिससे घटना स्थल पर भयंकर भगदड़, अराजकता और चीख-पुकार का माहौल लाइव हो गया।
अंचलाधिकारी अविनाश कुमार सहित पांच कर्मी लहूलुहान, रेफरल अस्पताल में प्रविष्टि
कब्जाधारियों द्वारा किए गए इस बर्बर और अनधिकृत हमले की मुख्य जद में आकर जलालपुर के अंचलाधिकारी अविनाश कुमार और राजस्व पदाधिकारी अखिलेश्वर राम सीधे तौर पर लहूलुहान हो गए। इसके समानांतर, अधिकारियों को बचाने के वास्ते कंक्रीट ढाल विनिर्मित कर रहे अंचल के तीन जांबाज सुरक्षा गार्ड—शंभूनाथ दुबे, मनोज कुमार सिंह और भुवनेश कुमार सिंह भी सिर और छाती के प्रक्षेपों में तीखे पत्थर और लाठियां लगने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गए।
अधिकारियों के शरीर से भारी मात्रा में रक्तस्राव होते देख अंचल के कनिष्ठ कर्मियों ने किसी तरह सुरक्षा कवच विनिर्मित कर उन्हें उग्र भीड़ के चंगुल से बाहर निकाला। घटना की संवेदनशील इनपुट जैसे ही जलालपुर थाना पुलिस और जिला मुख्यालय नियंत्रण कक्ष के डिजिटल पटल पर फ्लैश हुई, भारी संख्या में पुलिस बल के सशस्त्र जवान और कमांडो दस्ते तुरंत आक्रामक गति से विशुनपुरा गांव में लाइव प्रविष्ट हुए। पुलिस कप्तानों ने मुहाने पर पहुंचकर स्थिति को अपने नियंत्रण में लिया और सभी घायल पांचों अधिकारियों व गार्डों को त्वरित एम्बुलेंस प्रणालियों के माध्यम से इलाज के लिए स्थानीय रेफरल अस्पताल के आपातकालीन विंग में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों का विशेष मेडिकल बोर्ड उनके घावों की सर्जिकल ड्रेसिंग मुकम्मल करने में मुस्तैद संधारित है।
सरकारी कार्य में बाधा और जानलेवा हमले का विलेख: एक ही परिवार के आठ लोग नामजद
अस्पताल प्रक्षेप से प्राथमिक उपचार और चिकित्सकीय विलेख निर्गत होने के उपरांत, जलालपुर अंचल प्रशासन और जख्मी अधिकारियों के फर्दबयान के आधार पर स्थानीय जलालपुर थाने में एक बेहद कड़ा कानूनी शिकंजा कसा गया है। पुलिस ने अंचलाधिकारी अविनाश कुमार के विधिक लिखित आवेदन को मुख्य आधार बनाते हुए सरकारी कार्य में गंभीर व्यवधान उत्पन्न करने, लोक सेवकों पर जानलेवा सामूहिक हमला करने, दंगा भड़काने और सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने की सुसंगत कड़क धाराओं के तहत एक विधिक प्राथमिकी (एफआईआर) पंजीकृत कर ली है।
केस डायरी के विन्यासों के अनुसार, इस जघन्य कृत्य को अंजाम देने के आरोप में विशुनपुरा गांव के उसी चिन्हित अतिक्रमणकारी सिंडिकेट के एक ही परिवार से जुड़े चार पुरुषों और चार महिलाओं को सीधे तौर पर नामजद अभियुक्त विनिर्मित किया गया है। पुलिस की जासूसी विंग और जिला खुफिया इकाई (DIU) ने आरोपियों की भौतिक अवस्थिति को लोकेट करने के वास्ते उनके संभावित ठिकानों पर देर रात भी प्रखर छापेमारी ग्रिड सक्रिय रखा है, ताकि उनके अंचल से बाहर डाइवर्ट होने के सभी रास्तों को पूरी कड़ाई से ब्लॉक किया जा सके।
जलालपुर के अंचलाधिकारी अविनाश कुमार का आधिकारिक विधिक बयान:
”विशुनपुरा कचहरी स्थित बिहार सरकार की विधिक जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए हमारे स्तर से पूर्व की समयावधि में नियमानुसार कुल तीन बार विधिक नोटिस तामील कराए गए थे। इसके बावजूद कब्जाधारी पक्ष द्वारा अतिक्रमण को म्यूट नहीं किया गया। शुक्रवार को जब हमारी राजस्व टीम और अंचल गार्ड पूरी विधिक शुचिता के साथ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई मुकम्मल कर रहे थे, तभी कब्जाधारी पक्ष ने एक सोची-समझी खूनी साजिश के तहत पूरी प्रशासनिक टीम पर ईंट-पत्थरों और लाठियों से प्रखर हमला कर दिया और सरकारी कार्य में गंभीर बाधा पहुंचाई। इस हमले में मुझे और राजस्व पदाधिकारी सहित हमारे तीन गार्डों को गंभीर चोटें आई हैं। कानून को हाथ में लेने वाले इन तत्वों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए थाने में लिखित आवेदन सुसुपुर्द कर दिया गया है। सरकारी भूमि को हर हाल में कब्जामुक्त कराया जाएगा और हमलावरों को जेल के भीतर लॉक कराया जाएगा।”
इस हिंसक झड़प के बाद से एहतियातन विशुनपुरा गांव और स्थानीय जलालपुर बाजार के संवेदनशील हॉट-स्पॉट्स पर अतिरिक्त जिला पुलिस बल के कनिष्ठ जवानों की मुस्तैदी लाइव संधारित कर दी गई है। पुलिस के आला कप्तानों ने स्पष्ट किया है कि सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और मौके पर बनाए गए डिजिटल वीडियो विन्यासों के फॉरेंसिक ऑडिट के आधार पर पथराव करने वाले अन्य कनिष्ठ उपद्रवियों की भी पहचान मुकम्मत की जा रही है। जिला मजिस्ट्रेट के विनिर्देश पर राजस्व विभाग ने साफ किया है कि इस हमले के कारण अतिक्रमण हटाओ अभियान की संचिका को बंद कतई नहीं किया जाएगा, बल्कि बहुत जल्द भारी पुलिस सुरक्षा ग्रिड और दंगा नियंत्रण वाहनों की मुस्तैदी के बीच विशुनपुरा कचहरी की पूरी सरकारी भूमि से अवैध ढांचों को पूरी कड़ाई से ध्वस्त कर मलबे में तब्दील करने की अग्रिम कार्रवाई ससमय पूरी की जाएगी।


