
भागलपुर, 21 मई 2026। नाथनगर थाना क्षेत्र के लालूचक, नर्गा चौक और चंपानगर प्रक्षेत्र से पांच नाबालिग बच्चियों के अचानक गायब होने से मचे हड़कंप के बीच एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। इस पूरे संवेदनशील मामले की प्रशासनिक और राजनीतिक कड़ियों को संरेखित करते हुए भागलपुर के स्थानीय विधायक रोहित पांडेय ने एक बड़ा विधिक बयान जारी किया है। विधायक ने महज 24 घंटे के भीतर सभी पांचों बच्चियों को सकुशल और सुरक्षित रिकवर किए जाने पर गहरी प्रसन्नता व्यक्त की है।
इस सफल और त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भागलपुर पुलिस प्रशासन के प्रति अपना विधिक आभार प्रकट किया है। हालांकि, खुशी जाहिर करने के साथ ही विधायक रोहित पांडेय ने घटना की रात नाथनगर थाने के भीतर मुस्तैद कतिपय पुलिस पदाधिकारियों की अकर्मण्यता और गंभीर लापरवाही को बेनकाब करते हुए उनके खिलाफ कड़क दंडात्मक कार्रवाई की विधिक मांग भी सीधे तौर पर एसपी के समक्ष पटल पर रख दी है।
मुख्यमंत्री कार्यालय की सतत मॉनिटरिंग और पुलिस कप्तानों का सांगठनिक तालमेल
जारी आधिकारिक बयान के विन्यासों के अनुसार, लालूचक और चंपानगर प्रक्षेत्र से बच्चियों के गायब होने की अति-संवेदनशील इनपुट मिलते ही राज्य का सर्वोच्च प्रशासनिक तंत्र पूरी कड़ाई के साथ लाइव मोड पर सक्रिय हो गया था। विधायक रोहित पांडेय ने रेखांकित किया कि इस पूरे पेचीदा मामले को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी स्वयं लगातार सक्रिय संधारित रहे। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा घटना के चप्पे-चप्पे की कड़क मॉनिटरिंग की गई और स्थानीय जासूसी विंग को वास्तविक समय में आवश्यक दिशा-निर्देश प्रेषित किए गए। इसी सतत और अभेद्य प्रशासनिक दबाव का प्रतिफल रहा कि जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री कार्यालय से बच्चियों के सकुशल मिलने की प्रामाणिक सूचना ससमय हस्तगत हो सकी।
विधायक ने अपने व्यक्तिगत प्रयासों का उल्लेख करते हुए बताया कि वे स्वयं गुरुवार की सुबह से ही भागलपुर पुलिस अधीक्षक (एसपी) के अनवरत और सतत संपर्क में बने हुए थे। पीड़ित माता-पिता की संवेगात्मक स्थिति को देखते हुए उन्होंने पुलिस प्रशासन पर त्वरित रेस्क्यू के लिए सांगठनिक दबाव बनाए रखा। पुलिस अधीक्षक और उनके विशेष जासूसी खोजी दस्तों के सामूहिक पराक्रम के बल पर सभी पांचों बच्चियों को पूरी सुरक्षा के साथ रिकवर कर लिया गया, जिसके लिए विधायक ने भागलपुर पुलिस की त्वरित कार्यप्रणाली की भूरि-भूरि प्रशंसा की है और उनके प्रति अपना हृदय से आभार विलेख समर्पित किया है।
लालूचक और नर्गा चौक में पीड़ित परिवारों से मुलाकात: विधायक ने बंधाया था ढांढस
इससे पूर्व, बच्चियों की तलाश के लिए जारी खोजी अभियान के दौरान सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए विधायक रोहित पांडेय स्वयं लालूचक, नर्गा चौक और चंपानगर स्थित पीड़ित परिवारों के आवासीय परिसरों में पहुंचे थे। वहां उन्होंने अपनी संतानों के वियोग में गहरे मानसिक अवसाद और कोहराम से जूझ रहे माता-पिता और सहोदर परिजनों से आमने-सामने मुलाकात की थी।
धरातलीय निरीक्षण के दौरान विधायक ने रोती-बिलखती माताओं को कड़ा भरोसा दिलाते हुए आश्वस्त किया था कि शासन और प्रशासन की संयुक्त टीमें पूरी क्षमता के साथ मोर्चे पर डटी हुई हैं। उन्होंने परिवारों को पूर्ण विश्वास दिलाया था कि भगवान के आशीर्वाद और पुलिस की आक्रामक दबिश के बल पर उनके बच्चे बहुत जल्द, शत-प्रतिशत सुरक्षित उनके बीच वापस लौट आएंगे। संयोगवश, इस मुलाकात के कुछ ही घंटों के उपरांत जिला प्रशासन द्वारा उन्हें बच्चियों के सुरक्षित मिलने की विधिक इनपुट आधिकारिक तौर पर प्राप्त हो गई, जिससे परिवारों की चौखट पर आया अंधकार पूरी तरह से ब्लॉक हो गया।
नाथनगर थाने की घोर लापरवाही उजागर: रात में एफआईआर दर्ज करने से किया था इनकार
जनता की सुरक्षा के विन्यासों पर प्रखरता से अपनी बात रखते हुए विधायक रोहित पांडेय ने पुलिस महकमे के भीतर छिपे कतिपय लापरवाह और कर्तव्यहीन चेहरों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से एक बेहद विस्मयकारी और गंभीर घटनाक्रम का खुलासा किया, जो सीधे तौर पर आम नागरिकों के प्रति पुलिसिया संवेदनहीनता के चक्रव्यूह को प्रदर्शित करता है।
विधायक ने बताया कि जब यह सामूहिक गुमशुदगी की भयावह घटना देर रात्रि घटित हुई थी, तब अपनी मासूम बच्चियों को अचानक गायब पाकर बदहवास परिजन गुहार लगाने के लिए तुरंत दौड़ते हुए स्थानीय नाथनगर थाना परिसर में प्रविष्ट हुए थे। परिजनों की उम्मीद थी कि पुलिस तुरंत वायरलेस सेट और गश्ती दस्तों को लाइव कर नाकेबंदी करेगी। परंतु, उस संकट की घड़ी में थाने के भीतर मुस्तैद ड्यूटी अधिकारी ने संवेदनशीलता की सभी विधिक सीमाओं को लांघते हुए पीड़ित परिवारों के साथ अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार किया।
नाथनगर थाने में मुस्तैद अधिकारी का संवेदनहीन विलेख:
“जब पीड़ित परिजन अपनी लापता बेटियों की गुहार लेकर रात के सन्नाटे में थाने पहुंचे, तब वहां उपस्थित पुलिस अधिकारी द्वारा अत्यंत लिपिकीय ढिलाई और लापरवाही के साथ कहा गया कि- ‘अभी एफआईआर दर्ज नहीं होगी, सुबह दस बजे होगी।’“
अपराधियों के बढ़ते मनोबल पर विधायक के कड़े तेवर: एसपी से शीघ्र कार्रवाई की मांग
विधायक रोहित पांडेय ने इस प्रकार की विसंगतिपूर्ण पुलिसिंग पर कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे ही संवेदनहीन और लापरवाह पुलिस पदाधिकारियों के कारण अंचल के भीतर अपराधियों और असामाजिक तत्वों का मनोबल आसमान छूने लगता है। जब पुलिस संकट के शुरुआती और सबसे महत्वपूर्ण घंटों में एफआईआर दर्ज करने के बजाय समय सारणी का बहाना बनाकर परिवारों को टालने लगती है, तो इससे अपराधियों को प्रक्षेत्र के भीतर बड़ी वारदातों को अंजाम देने और साक्ष्यों को पूरी तरह से ब्लॉक करने का दुस्साहस हस्तगत होता है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस प्रशासन का बुनियादी और संवैधानिक कर्तव्य यह है कि वह चौबीसों घंटे, बिना किसी समयगत टालमटोल के, जनता की सुरक्षा के लिए पूरी मजबूती और संवेदनशीलता के साथ धरातल पर मुस्तैद खड़ी रहे। जब पुलिस त्वरित रिस्पॉन्स प्रणाली के तहत काम करेगी, तभी अपराधियों के भीतर कानून का एक अभेद्य और कड़ा खौफ निर्मित होगा, जिससे समाज में होने वाली छोटी-बड़ी आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सकेगी और पुलिसिंग व्यवस्था पर आम जनता का विधिक विश्वास और अधिक प्रगाढ़ होकर मजबूत संधारित होगा।
इस गंभीर प्रशासनिक चूक को लेकर विधायक रोहित पांडेय ने तुरंत कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने भागलपुर के पुलिस अधीक्षक से व्यक्तिगत रूप से वार्ता कर इस प्रकार की घोर लापरवाही बरतने वाले और पीड़ित जनता के साथ अमर्यादित व्यवहार करने वाले संबंधित पुलिस पदाधिकारी को तत्काल चिन्हित कर उनके खिलाफ निलंबन और विभागीय दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रखर आग्रह किया है। इसके साथ ही उन्होंने एसपी से इस कार्रवाई की विधिक रिपोर्ट शीघ्र उन्हें प्रेषित कर सूचित करने को कहा है, ताकि भविष्य में कोई भी वर्दीधारी लोक सेवक संकट में फंसी जनता के विलेखों के साथ ऐसा खिलवाड़ करने का दुस्साहस कतई न कर सके।
चौबीसों घंटे जनता के बीच रहने का संकल्प: हर परिस्थिति में साथ खड़े रहने का विधिक दावा
बयान के अंतिम विन्यास में विधायक रोहित पांडेय ने अपने क्षेत्रवासियों और आम नागरिकों को एक बार फिर से अपनी सांगठनिक प्रतिबद्धता का पूर्ण विश्वास दिलाया है। उन्होंने कहा कि वे एक जनप्रतिनिधि के रूप में चौबीसों घंटे अपने क्षेत्र की जनता के सुख-दुख और उनकी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए धरातल पर लाइव उपलब्ध हैं। जनता की छोटी से लेकर बड़ी हर समस्या उनकी अपनी व्यक्तिगत समस्या संधारित है।
उन्होंने दृढ़तापूर्वक संकल्प दोहराया कि चाहे कैसी भी विपरीत परिस्थिति या अवस्थिति निर्मित हो, वे हमेशा अपनी जनता के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के लिए अग्रिम पंक्ति में मुस्तैद खड़े रहे हैं और आगे भी इसी प्रखरता के साथ खड़े रहेंगे। कानून-व्यवस्था की शुचिता को बनाए रखने और प्रशासनिक तंत्र को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने के लिए उनका यह कड़ा संघर्ष अनवरत लाइव मोड पर जारी रहेगा।


