मायागंज अस्पताल में मरीज की जेब काटते पकड़ा गया युवक, लोगों ने पकड़कर की पिटाई, पुलिस कर रही पूछताछ

भागलपुर, 20 मई 2026। भागलपुर के यानी मायागंज अस्पताल में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक युवक को मरीज की जेब से पैसे निकालते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। घटना अस्पताल के एक्स-रे विभाग के पास की बताई जा रही है। आरोपी को पकड़ने के बाद वहां मौजूद लोगों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी। बाद में अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर युवक को भीड़ से छुड़ाया और पुलिस के हवाले कर दिया।

जानकारी के अनुसार मायागंज अस्पताल में रोज की तरह बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन इलाज के लिए पहुंचे हुए थे। अस्पताल के एक्स-रे विभाग के बाहर भी काफी भीड़ थी। इसी दौरान एक युवक इलाज कराने आए एक मरीज के पास पहुंचा और मौका देखकर उसकी जेब से पैसे निकालने लगा।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपी बेहद चालाकी से जेब काटने की कोशिश कर रहा था, लेकिन तभी आसपास मौजूद कुछ लोगों की नजर उस पर पड़ गई। लोगों को युवक की हरकत संदिग्ध लगी और उन्होंने तुरंत उसे पकड़ लिया। इसके बाद वहां मौजूद भीड़ ने आरोपी की पिटाई शुरू कर दी।

अचानक हुई इस घटना से अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। मरीज और उनके परिजन घटनास्थल के आसपास जमा हो गए। कई लोग आरोपी पर गुस्सा जाहिर करते नजर आए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि अस्पताल में पहले भी चोरी और जेबकतरी की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे लोगों में नाराजगी है।

भीड़ के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए अस्पताल के सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे। सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह आरोपी युवक को लोगों के चंगुल से बाहर निकाला। इसके बाद उसे पकड़कर मायागंज पुलिस कैंप ले जाया गया।

घटना की सूचना मिलने के बाद की बरारी थाना पुलिस भी अस्पताल पहुंची। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पकड़े गए युवक ने अपना नाम बताया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह अकेले वारदात को अंजाम दे रहा था या उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल रहा है या नहीं।

अस्पताल परिसर में मौजूद कई लोगों ने कहा कि भीड़भाड़ वाले सरकारी अस्पतालों में जेबकतरी और चोरी की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। मरीज और उनके परिजन इलाज की चिंता में रहते हैं, जिसका फायदा उठाकर अपराधी वारदात को अंजाम देते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मायागंज अस्पताल जैसे बड़े सरकारी अस्पतालों में हर दिन हजारों लोग आते हैं। भीड़ अधिक होने के कारण जेबकतरे और असामाजिक तत्व आसानी से सक्रिय हो जाते हैं। कई बार मरीजों के मोबाइल, पैसे और जरूरी दस्तावेज चोरी होने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना बेहद जरूरी है। अस्पताल परिसर में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने, सुरक्षा गार्डों की नियमित निगरानी और संदिग्ध लोगों पर नजर रखने से ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि इलाज के लिए आने वाले गरीब और ग्रामीण मरीज अक्सर अपनी जमा पूंजी लेकर अस्पताल पहुंचते हैं। ऐसे में जेबकतरी की घटनाएं उनके लिए बड़ी परेशानी बन जाती हैं।

अस्पताल के कुछ कर्मचारियों ने बताया कि भीड़भाड़ वाले विभागों में इस तरह की घटनाएं ज्यादा होती हैं। खासकर ओपीडी, एक्स-रे विभाग और जांच केंद्रों के आसपास लोगों की अधिक भीड़ रहती है, जहां जेबकतरे सक्रिय हो जाते हैं।

घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। सुरक्षाकर्मियों को अस्पताल परिसर में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।

बरारी थाना पुलिस ने बताया कि आरोपी युवक से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किसी गिरोह से जुड़ा हुआ है या नहीं।

घटना के बाद अस्पताल में कुछ देर तक तनाव और हलचल का माहौल बना रहा। हालांकि बाद में स्थिति सामान्य हो गई। मरीजों और उनके परिजनों से पुलिस और अस्पताल प्रशासन ने अपील की है कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अपने सामान और पैसों को लेकर सतर्क रहें।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं अस्पताल परिसर में हुई इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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