बिहार में भूमि और राजस्व महकमे में भारी फेरबदल: 34 अफसरों का तबादला, 16 जिलों को मिले नए भू-अर्जन पदाधिकारी

पटना, 17 मई 2026। बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में व्यापक सुधार करने और भूमि सुधार योजनाओं को धरातल पर तीव्र गति देने के लिए एक बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की है। विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के तहत बिहार प्रशासनिक सेवा के 34 वरिष्ठ राजस्व पदाधिकारियों को स्थानांतरित करते हुए नई और अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस बड़े फेरबदल की सबसे खास बात यह है कि कुल स्थानांतरित अधिकारियों में से 18 पदाधिकारियों को विभिन्न अनुमंडलों में तैनात किया गया है, जबकि 16 अधिकारियों को करियर में पहली बार जिला भू-अर्जन पदाधिकारी (डिस्ट्रिक्ट लैंड एक्विजिशन ऑफिसर) जैसी संवेदनशील और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। अनुमंडल स्तर पर तैनात किए गए इन अधिकारियों को ‘अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी’ का नया प्रशासनिक पदनाम दिया गया है। राजस्व विभाग की विशेष अनुशंसा पर सामान्य प्रशासन विभाग इन सभी 18 अनुमंडल राजस्व पदाधिकारियों को भूमि सुधार उपसमाहर्ता (डीसीएलआर) की विधिक शक्तियां प्रदान करने जा रहा है, जिससे अनुमंडलों में भूमि विवादों के निपटारे में तेजी आएगी।

16 जिलों में नए जिला भू-अर्जन पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति, आधारभूत संरचनाओं को मिलेगी गति

​राज्य के भीतर वर्तमान समय में चल रहे विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों, फोरलेन सड़कों, पुल-पुलिया और बड़े औद्योगिक कॉरिडोर्स के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण (लैंड एक्विजिशन) की प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाना सरकार की मुख्य प्राथमिकता रही है। इसी के तहत विभाग ने 16 अनुभवी अधिकारियों को पहली बार सीधे तौर पर जिलों में कमान सौंपी है। अधिसूचना के अनुसार, अमरनाथ चौधरी को अररिया प्रक्षेत्र का नया जिला भू-अर्जन पदाधिकारी मनोनीत किया गया है।

​इसके साथ ही, अन्य महत्वपूर्ण जिलों में तैनात किए गए नए पदाधिकारियों की सूची इस प्रकार है:

  • अमरेन्द्र कुमार: इन्हें अरवल जिले की कमान सौंपी गई है।
  • शुभेन्द्र कुमार झा: औरंगाबाद जिले के नए जिला भू-अर्जन पदाधिकारी बनाए गए हैं।
  • पंकज कुमार: अंग प्रमंडल के बांका जिले की जिम्मेदारी संभालेंगे।
  • चंद्रशेखर तिवारी: भोजपुर (आरा) जिले में भूमि अधिग्रहण की विधा की कमान संभालेंगे।
  • राजेश रंजन: कैमूर जिले के नए जिला भू-अर्जन पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
  • राजेश कुमार: खगड़िया जिले में अपनी नई विधिक सेवाएं देंगे।
  • अक्षयवट तिवारी: सीमांचल के किशनगंज जिले की कमान संभालेंगे।
  • प्रकाश कुमार सिन्हा: लखीसराय प्रक्षेत्र के नए जिला भू-अर्जन पदाधिकारी मनोनीत हुए हैं।
  • अशोक कुमार शर्मा: कोसी प्रमंडल के सहरसा जिले की कमान सौंपी गई है।
  • राजेश कुमार सिंह: शिवहर जिले के नए अधिकारी बनाए गए हैं।
  • सत्येन्द्र कुमार सिंह: सीतामढ़ी जिले की विधिक कमान संभालेंगे।
  • संजय कुमार सिंह: सीवान जिले के नए जिला भू-अर्जन पदाधिकारी पदस्थापित किए गए हैं।
  • शरत कुमार मंडल: नवादा जिले की प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालेंगे।
  • सुबोध कुमार: मिथिलांचल के मधुबनी जिले में तैनात किए गए हैं।
  • मो गुलाम शाहिद: सारण (छपरा) जिले के नए जिला भू-अर्जन पदाधिकारी बनाए गए हैं।

18 अनुमंडलों में नए ‘अनुमंडल राजस्व पदाधिकारियों’ की तैनाती, डीसीएलआर की शक्तियों से होंगे लैस

​भूमि विवादों के जमीनी स्तर पर त्वरित निष्पादन और म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) अपीलों की सुनवाई को अधिक विकेंद्रीकृत करने के लिए विभाग ने 18 अनुमंडलों में नई विधा के तहत अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की है। इन अधिकारियों को अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी के रूप में पदस्थापित किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इन्हें डीसीएलआर की विधिक शक्तियां मिलते ही ये अधिकारी अपने प्रक्षेत्रों में भूमि से जुड़े दीवानी और राजस्व मुकदमों की सीधी सुनवाई कर सकेंगे, जिससे आम जनता को जिला मुख्यालयों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी।

अनुमंडल स्तर पर तैनात किए गए अधिकारियों और उनके कार्यक्षेत्रों का विवरण इस प्रकार है:

  • भास्कर: इन्हें बेगूसराय जिले के महत्वपूर्ण मंझौल अनुमंडल का नया अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी बनाया गया है।
  • ललित कुमार सिंह: बेगूसराय के ही बखरी अनुमंडल की जिम्मेदारी संभालेंगे।
  • राकेश रंजन: पूर्वी चंपारण प्रक्षेत्र के पकड़ीदयाल अनुमंडल में पदस्थापित किए गए हैं।
  • अजीत कुमार: अररिया जिले के सीमावर्ती फारबिसगंज अनुमंडल की कमान संभालेंगे।
  • संतोष कुमार सुमन: गया जिले के नीमचक बथानी अनुमंडल के नए अधिकारी मनोनीत हुए हैं।
  • रंजीत कुमार: कटिहार जिले के मनिहारी अनुमंडल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
  • विकास कुमार सिंह: कटिहार के ही बारसोई अनुमंडल में अपनी सेवाएं देंगे।
  • विक्रम भाष्कर: मुंगेर जिले के तारापुर अनुमंडल की कमान संभालेंगे।
  • प्रवीण कुमार पांडेय: मधुबनी प्रक्षेत्र के जयनगर अनुमंडल के नए अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी बनाए गए हैं।
  • कौशर ईमाम: नवादा जिले के रजौली अनुमंडल की विधिक जिम्मेदारी संभालेंगे।
  • सुजीत सुमन: पूर्णिया जिले के बनमनखी अनुमंडल में तैनात किए गए हैं।
  • निलेश कुमार चौरसिया: रोहतास जिले के डिहरी-ऑन-सोन अनुमंडल की कमान संभालेंगे।
  • विनय कुमार: शिवहर अनुमंडल के नए अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी पदस्थापित हुए हैं।
  • रवि शंकर सिन्हा: सीतामढ़ी प्रक्षेत्र के बेलसंड अनुमंडल की जिम्मेदारी संभालेंगे।
  • मृत्युंजय कुमार: सुपौल जिले के वीरपुर अनुमंडल के नए अधिकारी बनाए गए हैं।
  • सुधांशु शेखर: वैशाली जिले के महनार अनुमंडल की कमान संभालेंगे।
  • राजीव कुमार: बेगूसराय के बलिया अनुमंडल में अपनी विधिक सेवाएं देंगे।
  • हलेन्द्र कुमार सिंह: मुंगेर प्रक्षेत्र के हवेली खड़गपुर अनुमंडल के नए अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं।

विभाग का कड़ा निर्देश: प्रशासनिक कार्यकुशलता के लिए त्वरित विधिक योगदान अनिवार्य

​राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा जारी इस संयुक्त अधिसूचना में सभी स्थानांतरित और नवनियुक्त राजस्व पदाधिकारियों को कड़ा प्रशासनिक निर्देश जारी किया गया है। अधिसूचना के विलेखों के अनुसार, सभी संबंधित अधिकारियों को अपने वर्तमान पदस्थापन वाले स्थानों से तुरंत विधिक रूप से अवमुक्त (रिलीज़) होना होगा और बिना किसी व्यावहारिक या व्यक्तिगत विलंब के अपने नए तैनाती वाले जिलों और अनुमंडलों में जाकर पदभार ग्रहण (योगदान) करना होगा।

​विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान समय में डिजिटल लैंड रिकॉर्ड्स (डिजिटलीकृत भूमि अभिलेखों) के संधारण, भूमि सर्वेक्षण (लैंड सर्वे) की जारी प्रक्रियाओं और विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के लिए चल रहे भूमि अधिग्रहण के कार्यों में अधिकारियों की कमी या शिथिलता के कारण कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए। नवीन प्रशासनिक विभावों को देखते हुए इन अधिकारियों की मैदानी धरातल पर उपस्थिति अत्यंत अनिवार्य मानी जा रही है।

​सभी संबंधित जिलाधियों और प्रमंडलीय आयुक्तों को भी इस प्रभार हस्तांतरण की प्रक्रिया की सीधी विधिक निगरानी करने का हुक्म दिया गया है ताकि जिलों और अनुमंडलों के दैनिक राजस्व कार्यों में किसी भी प्रकार का प्रशासनिक वैक्यूम या ढिलाई उत्पन्न न हो सके। नए अधिकारियों के आने से म्यूटेशन मामलों के निपटारे और दाखिल-खारिज की पेंडिंग फाइलों के निष्पादन में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

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