भागलपुर प्रमंडल में बड़ा प्रशासनिक और पुलिस फेरबदल: आईपीएस गरिमा कहलगांव-2 की नई एसडीपीओ नियुक्त, प्रमंडलीय आयुक्त का भी तबादला

भागलपुर, 16 मई 2026। बिहार सरकार के गृह विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा राज्य की प्रशासनिक और कानून-व्यवस्था प्रणालियों को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से एक बड़ा फेरबदल किया गया है। शुक्रवार की देर शाम जारी की गई आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, भागलपुर जिला पुलिस और प्रमंडलीय प्रशासनिक ढांचे में व्यापक स्तर पर नए अधिकारियों की तैनाती की गई है। इस नए फेरबदल के तहत कहलगांव अनुमंडल की पुलिसिंग व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ व विकेंद्रीकृत करते हुए दो नए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (एसडीपीओ) की नियुक्ति की गई है, जिसमें 2022 बैच की युवा आईपीएस अधिकारी गरिमा को कहलगांव-2 की कमान सौंपी गई है। इसके समानांतर, प्रशासनिक स्तर पर भी भागलपुर के प्रमंडलीय आयुक्त का तबादला पटना मुख्यालय में कर दिया गया है और पड़ोसी प्रमंडल मुंगेर के आयुक्त को भागलपुर का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है। इस रणनीतिक बदलाव से प्रमंडल के भीतर अपराध नियंत्रण और प्रशासनिक विकास कार्यों की निगरानी को एक नई गति मिलने की उम्मीद है।

कहलगांव अनुमंडल में पुलिसिंग का नया ढांचा: गरिमा और दिलीप कुमार संभालेंगे कमान

​भागलपुर जिले के अंतर्गत आने वाला कहलगांव अनुमंडल भौगोलिक और औद्योगिक दृष्टिकोण से बेहद विशाल और संवेदनशील माना जाता है। यहां की जटिल कानून-व्यवस्था और बढ़ते सुरक्षा आयामों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इसे प्रशासनिक रूप से प्रभावी बनाने के लिए नए अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की है। व्‍ार्ष 2022 बैच की होनहार भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी गरिमा को कहलगांव-2 का नया अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) मनोनीत किया गया है। कहलगांव-2 की जिम्मेदारी संभालने से ठीक पहले गरिमा मुजफ्फरपुर जिले के सरैया अनुमंडल में एसडीपीओ के रूप में अपनी सफल सेवाएं दे रही थीं। सरैया जैसे घने और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में अपराध नियंत्रण और सामुदायिक पुलिसिंग का उनका पिछला अनुभव अब कहलगांव प्रक्षेत्र के ग्रामीण और औद्योगिक इलाकों में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में बेहद कारगर साबित होगा।

​गरिमा के साथ ही, कहलगांव-1 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के रूप में दिलीप कुमार को पदस्थापित किया गया है। दिलीप कुमार इससे पहले रोहतास जिले के सासाराम अनुमंडल में एसडीपीओ के पद पर कार्यरत थे। सासाराम प्रक्षेत्र में सांप्रदायिक संवेदनशीलता और पहाड़ी इलाकों में अवैध खनन गतिविधियों से निपटने का दिलीप कुमार के पास एक लंबा विधिक और व्यावहारिक अनुभव है। कहलगांव-1 प्रक्षेत्र में उनके आने से आपराधिक गिरोहों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों को और अधिक कड़ाई से लागू किया जा सकेगा।

​वहीं दूसरी तरफ, कहलगांव के मौजूदा एसडीपीओ पंकज कुमार के उत्कृष्ट सेवा रिकॉर्ड को देखते हुए सरकार ने उन्हें एक बड़ी प्रोन्नति सौंपी है। पंकज कुमार को अब पटना स्थित विशेष निगरानी इकाई (Special Vigilance Unit – SVU) का नया पुलिस अधीक्षक (एसपी) बनाया गया है, जहां वे राज्य के भीतर भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराधों के खिलाफ चल रहे बड़े मामलों की विधिक जांच का जिम्मा संभालेंगे।

नवगछिया पुलिस जिला को मिले नए कप्तान: अनिकेत अमर संभालेंगे कमान

​भागलपुर के समानांतर ही, राष्ट्रीय राजमार्ग और आपराधिक दृष्टिकोण से संवेदनशील माने जाने वाले नवगछिया पुलिस जिला के पुलिसिंग ढांचे में भी एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। भभुआ (कैमूर) जिले में साइबर डीएसपी के पद पर कार्यरत रहे अनिकेत अमर को नवगछिया का नया अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) नियुक्त किया गया है। नवगछिया प्रक्षेत्र भौगोलिक रूप से तीन जिलों की सीमाओं को छूता है और यहां दियारा इलाकों में भूमि विवाद व कांट्रैक्ट किलिंग जैसी घटनाएं पुलिस के लिए हमेशा एक बड़ी चुनौती बनी रहती हैं।

​इसके अतिरिक्त, वर्तमान समय में साइबर अपराधों का जाल ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में बहुत तेजी से पैर पसार रहा है। अनिकेत अमर के पास भभुआ में साइबर सेल का नेतृत्व करने का एक विशेष तकनीकी अनुभव है, जिसका सीधा लाभ अब नवगछिया पुलिस जिला को मिलेगा। उनकी इस तकनीकी विशेषज्ञता से पुलिस जिला के भीतर न केवल पारंपरिक अपराधियों बल्कि डिजिटल ठगी करने वाले गिरोहों और सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाकर शांति व्यवस्था भंग करने वाले तत्वों के खिलाफ भी एक अत्याधुनिक और वैज्ञानिक सर्विलांस तंत्र विकसित किया जा सकेगा। गृह विभाग ने नवगछिया के नए एसडीपीओ को अविलंब पदभार ग्रहण कर क्षेत्र के सभी थानों की अपराध समीक्षा बैठक करने का विधिक निर्देश जारी किया है।

प्रमंडलीय प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल: अवनीश सिंह बने खनन सचिव

​पुलिस महकमे के इस सघन फेरबदल के साथ ही राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने भागलपुर प्रमंडल के शीर्ष नौकरशाही ढांचे में भी एक बहुत बड़ा और नीतिगत बदलाव किया है। भागलपुर के प्रमंडलीय आयुक्त अवनीश कुमार सिंह का तबादला सीधे राज्य की राजधानी पटना में कर दिया गया है। अवनीश कुमार सिंह को बिहार सरकार के अत्यंत महत्वपूर्ण और राजस्व अर्जन करने वाले विभाग, खान एवं भू-तत्व विभाग के नए सचिव सह खान आयुक्त की बड़ी और विधिक जिम्मेदारी सौंपी गई है। भागलपुर प्रमंडल में उनके कार्यकाल के दौरान विभिन्न जिलों में विकास योजनाओं और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के क्रियान्वयन में काफी तेजी देखी गई थी, और अब उनकी प्रशासनिक क्षमता का उपयोग राज्य स्तर पर खनन नीतियों को पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के लिए किया जाएगा।

​अवनीश कुमार सिंह के पटना स्थानांतरित होने के बाद, भागलपुर प्रमंडलीय आयुक्त का पद रिक्त न रहे और प्रशासनिक कार्यों में कोई रुकावट न आए, इसके लिए सरकार ने एक वैकल्पिक और मजबूत व्यवस्था स्थापित की है। मुंगेर प्रमंडल के मौजूदा प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ भागलपुर प्रमंडलीय आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है।

​प्रेम सिंह मीणा बिहार कैडर के एक बेहद वरिष्ठ और अनुभवी नौकरशाह हैं, जो पूर्व में भी कई महत्वपूर्ण विधिक और प्रशासनिक पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। मुंगेर और भागलपुर दोनों प्रमंडल आपस में सटे हुए हैं और दोनों क्षेत्रों की भौगोलिक व प्रशासनिक चुनौतियां काफी हद तक समान हैं। ऐसे में प्रेम सिंह मीणा के अधीन दोनों प्रमंडलों का कमान आने से अंतर-जिला समन्वय और विकास कार्यों की गति को एक समान धरातल पर लाने में काफी सहूलियत मिलेगी।

अधिसूचना के तत्काल बाद प्रभार हस्तांतरण की विधिक तैयारियां शुरू

​शुक्रवार की देर शाम जैसे ही मंत्रिमंडल सचिवालय और संबंधित विभागों द्वारा इस बड़े फेरबदल की आधिकारिक अधिसूचना सार्वजनिक की गई, भागलपुर और मुंगेर प्रमंडल के प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई। सभी स्थानांतरित और नवनियुक्त अधिकारियों को अपने पुराने पदों का विधिक प्रभार सौंपकर नए तैनाती वाले स्थानों पर अविलंब योगदान देने का निर्देश दिया गया है।

​भागलपुर समाहरणालय और पुलिस मुख्यालय के स्तर पर नए प्रमंडलीय आयुक्त और नए एसडीपीओ के स्वागत और प्रभार हस्तांतरण की कागजी व विधिक प्रक्रियाएं शुरू कर दी गई हैं। कहलगांव-1 और कहलगांव-2 के नए कार्यालयों के सुचारू संचालन और उनके अधिकार क्षेत्रों के विधिक सीमांकन को लेकर भी जिला प्रशासन आवश्यक तकनीकी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है ताकि आम जनता को अपनी पुलिसिंग संबंधी शिकायतों को लेकर किसी प्रकार असमंजस की स्थिति का सामना न करना पड़े। नए पुलिस अधिकारियों के आने से क्षेत्र में गश्त और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की प्रशासनिक उम्मीद जताई जा रही है।

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