
पटना, 16 मई 2026। बिहार में भीषण गर्मी और उमस भरे वातावरण के बीच मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। पिछले कुछ दिनों से चिलचिलाती धूप और हवा में अत्यधिक नमी के कारण आम जनमानस बेहाल था, लेकिन अब प्रकृति राहत और आफत दोनों का मिलाजुला संकेत दे रही है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने राज्य के बड़े हिस्से में मौसम में होने वाले इस बड़े बदलाव की आधिकारिक पुष्टि की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, शनिवार को प्रदेश के अलग-अलग प्रमंडलों में तेज हवाओं के साथ मेघ गर्जन और वज्रपात की प्रबल परिस्थितियां बन रही हैं। इस मौसमी तंत्र के सक्रिय होने के कारण राज्य के 16 शहरों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है, जबकि राजधानी पटना सहित 12 अन्य महत्वपूर्ण शहरों में ‘येलो अलर्ट’ के तहत लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है। इस मौसमी करवट से तापमान में आंशिक गिरावट आने की उम्मीद तो है, लेकिन वज्रपात और तेज आंधी के कारण जान-माल के नुकसान की आशंका को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने भी विशेष सावधानी बरतने को कहा है।
इन 16 शहरों में ऑरेंज अलर्ट: आंधी और वज्रपात की भारी चेतावनी
मौसम विभाग ने जिन क्षेत्रों में मौसम के सबसे अधिक आक्रामक होने का अनुमान जताया है, उन्हें विशेष रूप से ऑरेंज अलर्ट की श्रेणी में रखा है। इन जिलों में उत्तर और दक्षिण बिहार के कई महत्वपूर्ण बेल्ट शामिल हैं। मौसम विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल, जमुई, मुंगेर, खगड़िया, बांका और भागलपुर प्रमंडल के विभिन्न इलाकों में धूल भरी आंधी चलने और गरज के साथ भारी बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।
इन शहरों में हवा की गति सामान्य से काफी अधिक हो सकती है, जिससे कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंच सकता है। विशेष रूप से भागलपुर और बांका जैसे सिल्क सिटी और पहाड़ी इलाकों से सटे क्षेत्रों में आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का खतरा सबसे अधिक मंडरा रहा है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे इस अवधि के दौरान खुले खेतों या पेड़ों के नीचे शरण लेने से पूरी तरह बचें, क्योंकि इस मौसम में वज्रपात की घटनाएं ग्रामीण इलाकों में सबसे अधिक नुकसान पहुंचाती हैं।
पटना सहित 12 शहरों में येलो अलर्ट, खाड़ी की नमी से बदला वातावरण
राजधानी पटना सहित राज्य के मध्य और दक्षिण-पूर्वी भागों के 12 शहरों में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में भी शनिवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने और दोपहर बाद या शाम को तेज हवाओं के साथ मेघ गर्जन की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने इस मौसमी बदलाव के पीछे के तकनीकी कारणों का विश्लेषण करते हुए बताया है कि वर्तमान समय में बंगाल की खाड़ी की ओर से आने वाली नमीयुक्त हवाओं का प्रवाह बिहार के वायुमंडल में लगातार बढ़ रहा है।
इसके साथ ही, मैदानी इलाकों में हवा का एक कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) विकसित हो चुका है। जब अत्यधिक उमस और कम दबाव का क्षेत्र आपस में मिलते हैं, तो स्थानीय स्तर पर गरज वाले बादलों (थंडरक्लाउड) का निर्माण तेजी से होता है। इसी कारण पटना और दक्षिण बिहार के जिलों में पिछले 24 घंटों से हवा पूरी तरह शांत थी और उमस वाली गर्मी ने लोगों को पसीने से तर-बतर कर दिया था। यह अत्यधिक उमस दरअसल आने वाले आंधी-तूफान का ही एक पूर्व संकेत थी, जो अब मैदानी धरातल पर दिखाई देने लगा है।
आगामी 5 से 6 दिनों का पूर्वानुमान: जारी रहेगी बारिश की गतिविधियां
मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, बिहार के लोगों को इस उमस और गर्मी से पूरी तरह से राहत मिलने में अभी थोड़ा समय लगेगा, लेकिन आंधी और बारिश का यह दौर तात्कालिक रूप से वातावरण को ठंडा जरूर करेगा। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले पांच से छह दिनों के दौरान प्रदेश के अलग-अलग भागों में तेज हवाएं चलने और छिटपुट वर्षा की गतिविधियां लगातार संभावित हैं। उत्तर बिहार के तराई वाले इलाकों में बारिश की तीव्रता दक्षिण बिहार की तुलना में अधिक हो सकती है।
राहत की बात यह है कि इस पूरे सप्ताह के दौरान अधिकतम तापमान में किसी बहुत बड़े या अप्रत्याशित उछाल के आसार नहीं हैं। तापमान स्थिर बना रहेगा, लेकिन हवा में नमी का स्तर 70 से 80 प्रतिशत तक रह सकता है, जिससे बारिश के थमने के बाद दोबारा उमस महसूस हो सकती है। शुक्रवार के मौसम के आंकड़ों को देखें तो रोहतास जिले के बिक्रमगंज में 30 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज धूल भरी आंधी दर्ज की गई थी, जिसने इलाके में मौसम के बदलने की पहली दस्तक दी थी। वहीं, मगध प्रमंडल के गयाजी (गया) में भी एक या दो स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई, जबकि बाकी जिलों में दिनभर मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहा। गयाजी के बांके बाजार इलाके में सबसे अधिक 5.0 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जिससे वहां के तापमान में मामूली गिरावट आई।
भभुआ रहा सबसे गर्म, पटना के तापमान में 3.5 डिग्री का उछाल
इस मौसमी तंत्र के सक्रिय होने से ठीक पहले, शुक्रवार को बिहार के लगभग सभी हिस्सों में सूर्य की तपिश और गर्मी अपने चरम पर पहुंच गई थी। पटना सहित शेष जिलों के अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। राजधानी पटना के अधिकतम तापमान में 3.5 डिग्री收藏 सेल्सियस की भारी बढ़ोतरी देखी गई, जिसके साथ ही यहां का पारा 37.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
वहीं, पूरे प्रदेश में सबसे अधिक तापमान भभुआ (कैमूर) जिले में दर्ज किया गया, जहां पारा 41.3 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर गया। गयाजी में भी अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जिसने दिन के समय लोगों को घरों के भीतर रहने पर मजबूर कर दिया। तापमान में इस अचानक हुई वृद्धि और हवा की गति थमने के कारण दिन और रात दोनों ही समय लोगों ने असहनीय उमस भरी गर्मी महसूस की। कूलर और एयर कंडीशनर भी इस उमस के सामने बेअसर साबित हो रहे थे।
बिहार के प्रमुख शहरों के तापमान की स्थिति
शनिवार की सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य के प्रमुख महानगरों और शहरों का तापमान इस प्रकार दर्ज किया गया है:
- पटना: राजधानी का अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
- गयाजी: इस धार्मिक और ऐतिहासिक नगर का अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 25.0 डिग्री सेल्सियस रहा।
- भागलपुर: अंग प्रमंडल के इस मुख्य शहर में अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
- मुजफ्फरपुर: उत्तर बिहार के इस प्रमुख व्यापारिक केंद्र का अधिकतम तापमान 34.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
मौसम विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम के बदलते तेवरों को देखते हुए विशेष रूप से दोपहर और शाम के समय यात्रा करते समय सावधानी बरतें। आसमान में बिजली कड़कने या काले बादल छाने की स्थिति में सुरक्षित पक्के भवनों के भीतर ही रहें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग से बचें।


