PM की अपील का असर: CM सम्राट चौधरी पैदल पहुंचे सचिवालय, मंत्रियों ने घटाए काफिले

बिहार में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और प्रधानमंत्री Narendra Modi की अपील के बाद अब नेताओं के काफिलों में कटौती का असर साफ दिखने लगा है। मुख्यमंत्री Samrat Choudhary शुक्रवार को पैदल ही मुख्यमंत्री सचिवालय पहुंचे। उनके साथ सुरक्षा अधिकारी भी पैदल चलते नजर आए।

आवास से सचिवालय तक पैदल पहुंचे CM

मुख्यमंत्री आवास से सचिवालय की दूरी कम होने के बावजूद आमतौर पर उनके साथ 19 गाड़ियों का काफिला चलता था, लेकिन इस बार तस्वीर पूरी तरह बदली हुई दिखी। सम्राट चौधरी ने पैदल चलकर पेट्रोल-डीजल बचाने और सादगी का संदेश देने की कोशिश की।

मंत्री भी अपना रहे नया तरीका

Deepak Prakash भी अपने सरकारी आवास से विकास भवन तक पैदल पहुंचे। उन्होंने कहा कि सप्ताह में एक दिन पैदल चलेंगे और बाकी दिनों में भी कम से कम गाड़ियों का इस्तेमाल करेंगे।

वहीं कई मंत्री अब सिंगल गाड़ी या इलेक्ट्रिक व्हीकल का इस्तेमाल कर रहे हैं।

  • Mithilesh Tiwari ई-रिक्शा से कार्यालय पहुंचे
  • Nitish Mishra इलेक्ट्रिक व्हीकल से पहुंचे
  • Ashok Choudhary, Leshi Singh और Shweta Gupta सिंगल गाड़ी से दफ्तर पहुंचे

‘कम से कम गाड़ियों का इस्तेमाल करें’

पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि विभागीय बैठकों को भी अधिकतर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया जा रहा है, ताकि ईंधन की खपत कम हो सके।

हर महीने लाखों की बचत संभव

सूत्रों के अनुसार बिहार में मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिले में करीब 200 गाड़ियां लगी रहती हैं, जिनमें प्रतिदिन लगभग 3000 लीटर पेट्रोल-डीजल की खपत होती है। यदि यह अभियान लगातार चलता रहा तो हर महीने लाखों रुपये की बचत संभव है।

विपक्ष ने साधा निशाना

इधर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला है। Ejaz Ahmad ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान ईंधन संकट से इनकार किया गया, लेकिन अब अचानक कीमतें बढ़ा दी गईं।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मंत्री और अधिकारी लंबे समय तक इस मॉडल को अपनाते हैं तो इससे नई प्रशासनिक कार्य संस्कृति विकसित हो सकती है और ट्रैफिक व प्रदूषण दोनों में कमी आएगी।

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