
बिहार के Gopalganj जिले के सदर प्रखंड स्थित रफी इंदरवा गांव के युवक वसीम अकरम को दुबई की अदालत ने उड़ते विमान के अंदर मोबाइल से तस्वीर और वीडियो बनाने के आरोप में 10 साल की सजा सुनाई है। फैसले की खबर गांव पहुंचते ही परिवार में मातम छा गया है।
मजदूरी करने दुबई गया था युवक
वसीम अकरम, अमिरूल मियां का बेटा है और रोजगार के लिए दुबई गया था। वह वहां मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह उसकी कमाई पर निर्भर बताई जा रही है।
मोबाइल से फोटो लेना बना अपराध
परिजनों के मुताबिक, वसीम ने उड़ान के दौरान मोबाइल से विमान के अंदर कुछ तस्वीरें और वीडियो बनाए थे। दुबई के सख्त सुरक्षा और गोपनीयता कानूनों के तहत इसे गंभीर अपराध माना गया। स्थानीय अदालत ने गुरुवार को उसे 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
परिवार बोला- ‘अनजाने में हुई गलती’
परिवार का कहना है कि वसीम किसी गलत मंशा से फोटो नहीं ले रहा था। परिजनों के अनुसार, उसे वहां के कानूनों की पूरी जानकारी नहीं थी और उसने शायद याद के तौर पर तस्वीरें ली होंगी।
वसीम की मां शायदा खातून ने बताया कि जुमे की नमाज के बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया था। जांच के बाद बाकी लोगों को छोड़ दिया गया, लेकिन मोबाइल में विमान की तस्वीर और वीडियो मिलने के कारण वसीम को जेल भेज दिया गया।
डीएम से लगाई मदद की गुहार
शुक्रवार को परिजन Pawan Kumar Sinha से मिले और न्याय की मांग की। परिवार में माता-पिता, पत्नी सलमा खातून और दो छोटे बच्चे हैं। पत्नी की तबीयत भी खराब रहती है और घर चलाने का कोई दूसरा साधन नहीं है।
गृह विभाग को भेजी जाएगी रिपोर्ट
जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि पीड़ित परिवार की बात सरकार तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने गृह विभाग को रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है, ताकि सरकारी स्तर पर आगे की कार्रवाई संभव हो सके।
गांव में चिंता का माहौल
घटना के बाद गांव में भी चिंता का माहौल है। स्थानीय लोग इसे जागरूकता की कमी और विदेशों के सख्त कानूनों का उदाहरण बता रहे हैं। परिवार अब सरकार और प्रशासन से मदद की उम्मीद लगाए बैठा है।


