नालंदा में जमीन की भूख ने ली ममता की जान: दो बेटों ने मां को चाकू से गोदा, फिर गला रेतकर उतारा मौत के घाट

नालंदा (चंडी)। बिहार के नालंदा जिले में रिश्तों के कत्ल की एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं और ममता के पवित्र आंचल को तार-तार कर दिया है। जिले के चंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत नरसंडा बाजार में गुरुवार की सुबह जब लोगों की आंखें खुलीं, तो वे एक वीभत्स हत्याकांड की खबर सुनकर सन्न रह गए। संपत्ति और पैसे के लालच में अंधे हो चुके दो कलयुगी बेटों ने अपनी ही जन्मदात्री की बेरहमी से हत्या कर दी। हमलावरों ने न केवल अपनी 60 वर्षीया मां को चाकू से गोदकर लहुलुहान किया, बल्कि दरिंदगी की सारी हदें पार करते हुए उसका गला रेतकर उसे हमेशा के लिए खामोश कर दिया। वारदात के समय महिला अपने मासूम नाती के साथ सो रही थी, जिसने अपनी आंखों के सामने अपनी नानी को तड़पते देखा। इस जघन्य कांड के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल व्याप्त है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फरार आरोपियों की तलाश में सघन छापेमारी शुरू कर दी है।

आधी रात को हैवानियत: सोते समय हुआ हमला

​वारदात की पटकथा चंडी थाना क्षेत्र के नरसंडा बाजार में बुधवार की रात को लिखी गई। मृतका की पहचान स्थानीय भासीन बिगहा निवासी स्वर्गीय रामचंद्र प्रसाद (राम) की पत्नी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, करीब 60 वर्षीय यह महिला अपने घर में आठ वर्षीय नाती के साथ गहरी नींद में सो रही थी। हमलावर घर के भीतर दाखिल हुए और महिला पर प्राणघातक हमला बोल दिया।

​पुलिस के निरीक्षण और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला के पार्थिव शरीर पर चाकू के प्रहार के तीन गहरे निशान पाए गए हैं। हत्यारों ने पहले चाकू से महिला के शरीर को छलनी किया और फिर गला रेत दिया, जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। वारदात के दौरान साथ सो रहा मासूम नाती भी जग चुका था और वह इस खौफनाक मंजर का इकलौता चश्मदीद बना। मासूम की आंखों में अपने ही मामाओं के प्रति जो खौफ था, उसने वहां मौजूद हर व्यक्ति का दिल दहला दिया। सुबह होते ही जब घर के अन्य सदस्यों और ग्रामीणों को घटना की जानकारी हुई, तो वहां लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।

विवाद की जड़: जमीन का हिस्सा और पैसों का लेनदेन

​इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे की मुख्य वजह वर्षों से चला आ रहा जमीन और पैसों का विवाद बताया जा रहा है। मृतका के तीन पुत्र और दो पुत्रियां हैं। स्थानीय लोगों और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, स्वर्गीय रामचंद्र प्रसाद की मृत्यु के बाद परिवार में संपत्ति को लेकर अक्सर कलह होती रहती थी। विवाद का मुख्य बिंदु जमीन से संबंधित वह पैसा था जिसे महिला अपने छोटे बेटे को दिया करती थी।

​बड़ा बेटा चंद्रभूषण और मझला बेटा शिवशंकर इस बात से काफी नाराज रहते थे कि उनकी मां का झुकाव छोटे भाई की तरफ अधिक है। उन्हें यह डर सताने लगा था कि उनकी मां पैतृक जमीन और संपत्ति का बड़ा हिस्सा कहीं छोटे भाई या अन्य भाई-बहनों के नाम न कर दे। इसी अविश्वास और लालच ने दोनों भाइयों के भीतर अपनी ही मां के प्रति नफरत का जहर भर दिया था। बुधवार की रात भी इसी मुद्दे को लेकर घर में कहासुनी हुई थी, जो अंततः एक खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई और बेटों ने ममता का गला घोंट दिया।

सड़क पर उतरा जन-आक्रोश: एक घंटे तक चक्काजाम

​गुरुवार की सुबह जैसे ही इस हत्याकांड की खबर नरसंडा बाजार और आसपास के इलाकों में फैली, लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। मृतका का मायका (बदौरा) घटनास्थल से महज कुछ ही मीटर की दूरी पर स्थित है। मायके और ससुराल पक्ष के लोग बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने लगे।

​आक्रोशित ग्रामीणों ने घटना के विरोध में स्थानीय सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया। करीब एक घंटे तक सड़क पर आवाजाही ठप रही, जिससे वाहनों की लंबी कतार लग गई और आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि संपत्ति के लिए मां की जान लेने वाले अपराधियों को समाज में रहने का कोई हक नहीं है और उन्हें स्पीडी ट्रायल के जरिए फांसी की सजा मिलनी चाहिए। सूचना मिलने के बाद पुलिस बल ने मौके पर पहुँचकर लोगों को समझा-बुझाकर जाम हटवाया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

पुलिसिया तफ्तीश और थानाध्यक्ष का बयान

​चंडी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस के अनुसार, छोटा पुत्र मां के साथ ही रहता था और उसने अपने दोनों बड़े भाइयों—चंद्रभूषण और शिवशंकर—पर हत्या का लिखित आरोप लगाया है। पुलिस को घटनास्थल से कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य भी मिले हैं, जिनका फॉरेंसिक विश्लेषण किया जा सकता है।

​चंडी थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार झा ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला पूरी तरह से पारिवारिक कलह और जमीनी विवाद से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि महिला के पार्थिव शरीर पर चाकू के घाव और गला रेतने के निशान इस बात की पुष्टि करते हैं कि हमला काफी नृशंसता के साथ किया गया था। थानाध्यक्ष के अनुसार, वारदात के बाद से ही दोनों नामजद आरोपी फरार हैं। पुलिस की विशेष टीमें गठित की गई हैं जो आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे पहुँचा दिया जाएगा।

मातमी सन्नाटा और परिवार की बिखरी खुशियां

​इस घटना के बाद से ही नरसंडा और भासीन बिगहा के मोहल्लों में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। जिस घर में कल तक चहल-पहल थी, वहां अब केवल सिसकियों की आवाजें सुनाई दे रही हैं। मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के बुजुर्ग इस घटना को लेकर स्तब्ध हैं; उनका कहना है कि रामचंद्र प्रसाद ने मेहनत से अपनी गृहस्थी बनाई थी, लेकिन उन्हें क्या पता था कि उनके अपने ही खून उनकी पत्नी की मौत का कारण बनेंगे।

​जमीन के छोटे से टुकड़े और कुछ रुपयों के लिए जिस तरह से बेटों ने मां का खून बहाया, उसने रिश्तों की अहमियत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते परिवार के बुजुर्गों या सामाजिक स्तर पर इस विवाद को सुलझाने का प्रयास किया गया होता, तो शायद यह नौबत नहीं आती। फिलहाल, पूरा गांव पुलिस की कार्रवाई और हत्यारे बेटों की गिरफ्तारी का इंतजार कर रहा है ताकि मृतका की आत्मा को न्याय मिल सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही घावों की गंभीरता और मौत के सटीक समय के बारे में और अधिक जानकारी मिल पाएगी।

  • ये भी पढ़े..

    लोकसभा में सांसद अजय कुमार मंडल ने उठाया भागलपुर उपभोक्ता आयोग का मुद्दा, तीन वर्षों में दर्ज मामलों से अधिक का हुआ निपटारा

    Share Add as a preferred…

    18 दिन में 95 लाख से अधिक लोगों की टीबी स्क्रीनिंग, बिहार ने लक्ष्य का 226% हासिल किया

    Share Add as a preferred…