
देश की मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को लेकर चल रहे विवाद के बीच विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने छात्रों और अभिभावकों का भरोसा कमजोर कर दिया है।
मुकेश सहनी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक और गड़बड़ी की घटनाएं सामने आना बेहद चिंताजनक है। उनके अनुसार, लाखों छात्र वर्षों तक कठिन मेहनत करते हैं, लेकिन परीक्षा प्रक्रिया पर उठ रहे सवाल उनके भविष्य को अनिश्चित बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इससे पहले भी NEET 2024 में पेपर लीक और ग्रेस मार्क्स विवाद ने देशभर में बड़ा मुद्दा खड़ा किया था। इसके अलावा कई राज्यों में भर्ती परीक्षाओं और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी धांधली के आरोप सामने आते रहे हैं। सहनी ने आरोप लगाया कि सरकार अब तक ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी और प्रभावी व्यवस्था नहीं बना सकी है।
छात्रों के भविष्य को लेकर जताई चिंता
पूर्व मंत्री ने कहा कि आज देश का युवा यह जानना चाहता है कि उसकी मेहनत और भविष्य की जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने कहा कि छात्र और उनके परिवार परीक्षा की तैयारी में भारी आर्थिक और मानसिक दबाव झेलते हैं, लेकिन हर साल किसी न किसी विवाद की वजह से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने मांग की कि परीक्षा से जुड़े सभी विवादों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। साथ ही परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए स्थायी सुधार लागू किए जाएं।
सरकार से की जवाबदेही तय करने की मांग
मुकेश सहनी ने कहा कि केवल जांच और आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा माफिया और भ्रष्ट तंत्र छात्रों के सपनों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे में सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए और परीक्षा प्रणाली में भरोसा बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।


