तमिलनाडु विधानसभा में फिर गूंजा ‘सनातन’ विवाद, उदयनिधि स्टालिन के बयान पर भाजपा का हमला

तमिलनाडु की राजनीति इन दिनों लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। एक तरफ अभिनेता से नेता बने जोसेफ विजय (थलापति विजय) के मुख्यमंत्री बनने की चर्चा है, तो दूसरी ओर DMK नेता उदयनिधि स्टालिन के बयान ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। मंगलवार को तमिलनाडु विधानसभा के पहले सत्र के दौरान उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को लेकर फिर विवादित टिप्पणी की।

विधानसभा में क्या बोले उदयनिधि?

विधानसभा को संबोधित करते हुए उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि “सनातनवाद, जिसने लोगों को विभाजित किया, उसे समाप्त किया जाना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि “सनातनम, जिसने समाज में भेदभाव पैदा किया, उसे जड़ से उखाड़ फेंकना चाहिए।”

उनके इस बयान के बाद भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया।

भाजपा ने किया पलटवार

भाजपा प्रवक्ता सीआर केशवन ने उदयनिधि स्टालिन पर निशाना साधते हुए कहा कि वह “तमिलनाडु के राहुल गांधी” बन चुके हैं और लगातार विभाजनकारी राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि DMK नेता धार्मिक मुद्दों पर विवाद पैदा कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं।

भाजपा ने यह भी कहा कि इस तरह की बयानबाजी सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकती है।

पहले भी विवादों में रह चुके हैं उदयनिधि

यह पहली बार नहीं है जब उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म पर दिए गए बयान को लेकर विवाद हुआ हो। इससे पहले भी उनके “सनातन उन्मूलन” संबंधी बयान पर देशभर में राजनीतिक बहस छिड़ गई थी। उस मामले में कई राज्यों में शिकायतें और कानूनी कार्रवाई की मांग भी उठी थी।

हाई कोर्ट की टिप्पणी भी आई थी सामने

मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने इसी साल जनवरी में सुनवाई के दौरान उदयनिधि स्टालिन के बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि उनके भाषण को पूरी तरह पढ़ने पर यह “घृणास्पद भाषण” की श्रेणी में आ सकता है।

अदालत ने कहा था कि उनके भाषण में केवल “विरोध” की बात नहीं कही गई थी, बल्कि “उन्मूलन” शब्द का इस्तेमाल किया गया था, जो ज्यादा गंभीर अर्थ रखता है।

राजनीतिक माहौल गरम

तमिलनाडु में नई सरकार बनने के बाद यह बयान राजनीतिक माहौल को और गर्म कर सकता है। भाजपा लगातार DMK पर हिंदू विरोधी राजनीति का आरोप लगाती रही है, जबकि DMK खुद को सामाजिक न्याय और समानता की राजनीति करने वाली पार्टी बताती है।

अब देखना होगा कि इस बयान को लेकर आगे राजनीतिक और कानूनी स्तर पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

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