
मुजफ्फरपुर जिले के मड़वन प्रखंड से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रेम विवाह करने वाली एक युवती को परिवार और समाज ने प्रतीकात्मक रूप से मृत घोषित कर दिया। आरोप है कि पंचायत के दबाव में परिजनों ने युवती का पुतला बनाकर हिंदू रीति-रिवाज से उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
जानकारी के अनुसार, करीब एक महीने पहले गांव की एक युवती अपने प्रेमी के साथ घर छोड़कर चली गई थी। इस मामले में परिजनों ने करजा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बाद में पुलिस ने युवती को बरामद कर कोर्ट में पेश किया, जहां उसने खुद को बालिग बताते हुए अपनी मर्जी से शादी करने की बात कही। युवती ने अदालत से अपने पति के साथ रहने की इच्छा जताई, जिसके बाद कोर्ट के निर्देश पर उसे ससुराल भेज दिया गया।
बताया जा रहा है कि युवती के प्रेम विवाह से गांव के कुछ लोग नाराज थे। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत की ओर से परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया था। समाज में दोबारा शामिल होने के लिए कथित तौर पर बेटी को मृत मानकर उसका अंतिम संस्कार करने का दबाव बनाया गया।
रविवार को परिजनों ने युवती का प्रतीकात्मक पुतला तैयार किया और गांव में उसकी शव यात्रा निकाली। बाद में श्मशान घाट पर हिंदू रीति-रिवाज से पुतले का दाह संस्कार किया गया। इस दौरान गांव के कई लोग मौजूद रहे।
स्थानीय मुखिया विकास कुमार सिंह ने बताया कि सामाजिक दबाव और बहिष्कार खत्म करने के उद्देश्य से परिवार ने यह कदम उठाया। वहीं करजा थानाध्यक्ष रामकृष्ण परमहंस ने कहा कि युवती बालिग है और कोर्ट के आदेश के अनुसार उसे उसकी इच्छा से ससुराल भेजा गया था। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं किसी प्रकार का दबाव बनाकर यह कृत्य तो नहीं कराया गया।


