
बिहार के सीमावर्ती किशनगंज जिले में मादक पदार्थों के बढ़ते अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए पुलिस प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिले के पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने बिहार की पहली एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के गठन की घोषणा की है। पुलिस का दावा है कि यह विशेष टीम जिले में सूखे नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से काम करेगी।
पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने पर रहेगा फोकस
एसपी संतोष कुमार ने बताया कि बिहार में पहली बार किसी जिले में इस तरह की विशेष एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स बनाई गई है। उन्होंने कहा कि टीम का मुख्य लक्ष्य नशे के कारोबार में शामिल गिरोहों, उनके नेटवर्क, फंडिंग सिस्टम और सरगनाओं तक पहुंच बनाकर पूरे सिंडिकेट को खत्म करना है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सिर्फ छोटे तस्करों की गिरफ्तारी से समस्या समाप्त नहीं होगी, बल्कि पूरे नेटवर्क को तोड़ना जरूरी है।
SDPO को मिली टीम की कमान
इस विशेष टास्क फोर्स की जिम्मेदारी एसडीपीओ मंगलेश कुमार सिंह को सौंपी गई है, जबकि इंस्पेक्टर राजू को टीम का प्रभारी बनाया गया है।
टीम में कुल 12 प्रशिक्षित पुलिस अधिकारी और जवान शामिल किए गए हैं। सभी को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं ताकि जिले और आसपास के इलाकों में सक्रिय तस्करी गिरोहों पर रणनीतिक तरीके से कार्रवाई की जा सके।
जेल से छूटे अपराधियों पर भी रहेगी नजर
पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी। एएनटीएफ उन अपराधियों की भी निगरानी करेगी जो पहले जेल जा चुके हैं और अब रिहा हो चुके हैं या भविष्य में जेल से बाहर आएंगे।
ऐसे लोगों के खिलाफ प्रिवेंटिव एक्शन लिया जाएगा ताकि वे दोबारा नशे के कारोबार में शामिल न हो सकें।
जल्द जारी होगा हेल्पलाइन नंबर
पुलिस प्रशासन जल्द ही एक हेल्पलाइन नंबर जारी करेगा, जिसके जरिए आम लोग गुप्त रूप से नशे की तस्करी और सेवन से जुड़ी जानकारी पुलिस तक पहुंचा सकेंगे।
एसपी ने लोगों से अपील की कि वे नशे के खिलाफ इस अभियान में सक्रिय सहयोग करें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
स्कूल-कॉलेजों में चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
एसपी संतोष कुमार ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई सिर्फ कानूनी कार्रवाई से नहीं जीती जा सकती। इसके लिए समाज की भागीदारी और युवाओं में जागरूकता बेहद जरूरी है।
इसी उद्देश्य से पुलिस स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता अभियान चलाएगी। युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाएगी ताकि वे इस जाल में फंसने से बच सकें।
नशा मुक्ति केंद्रों तक पहुंचाने की पहल
पुलिस प्रशासन ने यह भी कहा कि जो लोग नशे की लत के शिकार हो चुके हैं, उन्हें नशा मुक्ति केंद्रों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
पुलिस का मानना है कि सामाजिक सहयोग और जनजागरूकता के बिना नशे के खिलाफ अभियान पूरी तरह सफल नहीं हो सकता।
संपत्ति जब्ती और स्पीडी ट्रायल पर जोर
एएनटीएफ का मुख्य काम मादक पदार्थ तस्करों की पहचान करना, उनके आपराधिक रिकॉर्ड का अध्ययन करना और सप्लाई चेन की पूरी जानकारी जुटाना होगा।
पुलिस इन अपराधियों का विस्तृत डोजियर तैयार करेगी और तस्करी में शामिल लोगों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी। साथ ही गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर जल्द सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
एसपी संतोष कुमार ने कहा कि किशनगंज को नशामुक्त बनाना पुलिस की प्राथमिकता है और इस मिशन को हर हाल में सफल बनाया जाएगा।


