
बिहार में नई सरकार बनने और बीजेपी का मुख्यमंत्री बनने के बाद अब पार्टी संगठन को भी नए सिरे से मजबूत करने की तैयारी में जुट गई है। करीब 20 साल बाद राज्य में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार बनने के बाद पार्टी संगठन और सरकार के बीच बेहतर संतुलन बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।
इसी क्रम में बिहार बीजेपी की नई प्रदेश कमेटी के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है।
Sanjay Saraogi ने भेजी संभावित नेताओं की सूची
पार्टी सूत्रों के अनुसार बिहार बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने संभावित नेताओं की सूची केंद्रीय नेतृत्व को भेज दी है। अब इस सूची पर अंतिम मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि नई प्रदेश कमेटी में करीब तीन दर्जन नेताओं को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।
नए और पुराने चेहरों के बीच संतुलन
बीजेपी इस बार संगठन में नए और अनुभवी नेताओं के बीच संतुलन बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।
पार्टी का मानना है कि अनुभवी नेताओं के अनुभव और युवा नेताओं की ऊर्जा के मेल से संगठन को ज्यादा मजबूती मिलेगी। केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी मिलते ही नई टीम की औपचारिक घोषणा की जा सकती है।
सम्राट चौधरी के बाद रुका था गठन
मौजूदा प्रदेश कमेटी का गठन उस समय हुआ था जब Samrat Choudhary बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष थे।
बाद में मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संजय सरावगी को दी गई, लेकिन पिछले पांच महीनों से नई कमेटी का गठन लंबित था। अब पार्टी इसे जल्द अंतिम रूप देने के पक्ष में है।
दिल्ली में हो सकती है अहम बैठक
सूत्रों के मुताबिक नई प्रदेश कमेटी को लेकर रविवार को दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक हो सकती है। इसी बैठक में संभावित नामों पर अंतिम चर्चा और मंजूरी दी जाएगी।
बताया जा रहा है कि इस बार सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों का विशेष ध्यान रखा गया है।
सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की तैयारी
बीजेपी अपने पारंपरिक वोट बैंक के साथ-साथ अन्य जातियों, वर्गों और समुदायों को भी संगठन में प्रतिनिधित्व देना चाहती है।
पार्टी का मानना है कि व्यापक सामाजिक भागीदारी से जनता के बीच सकारात्मक संदेश जाएगा और संगठन की पकड़ मजबूत होगी।
महिलाओं को मिल सकता है ज्यादा मौका
सूत्रों के अनुसार नई प्रदेश कमेटी में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है।
पार्टी महिला नेतृत्व को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर संगठन को ज्यादा सक्रिय बनाने की दिशा में काम कर रही है।
छोटी लेकिन सक्रिय टीम पर जोर
बीजेपी इस बार प्रदेश कमेटी का आकार पहले की तुलना में छोटा रखने के पक्ष में दिखाई दे रही है।
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि सीमित लेकिन सक्रिय टीम के जरिए संगठनात्मक कार्यों को ज्यादा प्रभावी तरीके से संचालित किया जा सकता है।
जल्द हो सकती है बड़ी घोषणा
प्रदेश उपाध्यक्ष, महामंत्री, सचिव, कोषाध्यक्ष और कार्यालय प्रभारी जैसे अहम पदों पर नियुक्तियों की तैयारी चल रही है।
इसके अलावा उन नेताओं को भी संगठन में जिम्मेदारी मिलने की संभावना है जिन्हें हाल ही में बने मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल पाई थी।
मुख्य प्रदेश कमेटी की घोषणा के बाद पार्टी प्रवक्ताओं, मीडिया पैनलिस्ट और मीडिया प्रभारियों के नामों का भी ऐलान किया जा सकता है।



