
भागलपुर। बिहार के ‘सिल्क सिटी’ कहे जाने वाले भागलपुर में अपराधियों का दुस्साहस इस कदर बढ़ गया है कि अब भविष्य संवारने के लिए पढ़ाई कर रहे छात्र भी सुरक्षित नहीं रहे। ताजा मामला शहर के अति व्यस्त और रिहायशी माने जाने वाले राधारानी सिन्हा रोड (आरआरएस रोड) का है, जहाँ शनिवार तड़के अपराधियों ने खंजरपुर में रहकर पढ़ाई करने वाले एक छात्र और उसके भाई को अपना शिकार बनाया। मूल रूप से पूर्णिया जिले के रहने वाले छात्र सागर कुमार के साथ हुई इस लूटपाट की घटना ने एक बार फिर शहर की रात्रि गश्ती और पुलिसिया दावों की पोल खोलकर रख दी है। घटना उस समय हुई जब छात्र पटना से अपनी प्रतियोगी परीक्षा देकर वापस लौटा था। अपराधियों ने न केवल उससे मोबाइल और नकदी छीनी, बल्कि विरोध करने पर कट्टा सटाकर जान से मारने की धमकी भी दी। इस वारदात के बाद से इलाके के छात्रों और लॉज में रहने वाले युवाओं के बीच दहशत का माहौल व्याप्त है। जोगसर थाना पुलिस ने पीड़ित के बयान पर मामला दर्ज कर लिया है और अब सीसीटीवी फुटेज के सहारे लुटेरों की पहचान की कोशिश की जा रही है।
परीक्षा देकर लौटे थे छात्र: सूनी सड़क पर काल बनकर आए लुटेरे
पीड़ित सागर कुमार पूर्णिया जिले के मोहनपुर नगडहरी का रहने वाला है और वर्तमान में भागलपुर के खंजरपुर इलाके में एक किराये के कमरे में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है। सागर ने पुलिस को बताया कि वह RRB NTPC की परीक्षा देने के लिए पटना गया हुआ था। शनिवार, 08 मई 2026 की तड़के करीब 3:30 बजे वह अपने फुफेरे भाई देव कुमार के साथ भागलपुर रेलवे स्टेशन पहुँचा। चूंकि सुबह का समय था और खंजरपुर वहां से ज्यादा दूर नहीं है, इसलिए दोनों भाई पैदल ही अपने कमरे की ओर चल दिए।
जैसे ही वे सुबह के लगभग चार बजे राधारानी सिन्हा रोड पर पहुँचे, सड़कों पर सन्नाटा था। इसी सन्नाटे का फायदा उठाकर दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार अपराधी वहां पहुँचे और अचानक दोनों भाइयों को घेर लिया। अपराधियों ने रुकते ही अभद्र गालियां देना शुरू कर दिया और उनके साथ मारपीट की। जब छात्रों ने इसका विरोध करना चाहा, तो दो अपराधियों ने अपनी कमर से कट्टा (देशी पिस्तौल) निकाल लिया और सागर के सीने पर सटा दिया। अपराधियों ने कड़क आवाज में कहा, “अगर एक शब्द भी चिल्लाए या शोर मचाया, तो यहीं गोली मार देंगे।” मौत के खौफ के सामने दोनों भाई बेबस हो गए। इसके बाद अपराधियों ने उनके पास मौजूद मोबाइल फोन और जेब में रखे कुछ हजार रुपये लूट लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद चारों लुटेरे अपनी बाइक पर सवार होकर तेजी से आदमपुर की ओर भाग निकले।
लॉज और हॉस्टल बेल्ट में बढ़ता क्राइम ग्राफ
भागलपुर का खंजरपुर, आदमपुर और राधारानी सिन्हा रोड वाला इलाका ‘एजुकेशन हब’ के रूप में जाना जाता है। यहाँ हजारों की संख्या में छात्र दूसरे जिलों से आकर लॉज और हॉस्टलों में रहते हैं। शनिवार की यह घटना केवल एक लूटपाट नहीं है, बल्कि उन हजारों छात्रों के भरोसे पर चोट है जो देर रात या तड़के अपनी यात्राएं पूरी करते हैं। राधारानी सिन्हा रोड जैसे प्रमुख मार्ग पर, जहाँ पुलिस की गश्ती गाड़ी के होने का दावा किया जाता है, वहां सुबह चार बजे दो बाइकों पर चार अपराधी कट्टा लहराते हुए घूम रहे थे, यह सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
पीड़ित सागर कुमार के अनुसार, अपराधियों का हुलिया किसी पेशेवर गिरोह जैसा लग रहा था। वे बिना किसी डर के वारदात को अंजाम दे रहे थे। छात्रों ने बताया कि लूट के बाद वे काफी देर तक सहमे रहे, फिर हिम्मत जुटाकर जोगसर थाने पहुँचे। खंजरपुर इलाके में रहने वाले अन्य छात्रों का कहना है कि शाम ढलते ही इस रोड पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगता है, लेकिन पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती।
पुलिसिया तफ्तीश: सीसीटीवी फुटेज ही अब एकमात्र सहारा
मामले की जानकारी मिलते ही जोगसर थाना पुलिस सक्रिय हो गई है। पुलिस ने पीड़ित छात्रों के बयान के आधार पर अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। जोगसर थानाध्यक्ष ने बताया कि शनिवार की सुबह ही पुलिस की एक टीम घटनास्थल पर पहुँची और आसपास के घरों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए हैं।
पुलिस को कुछ संदिग्ध बाइक सवारों की फुटेज मिली है जो आदमपुर की ओर जाते दिख रहे हैं। हालांकि, अंधेरा होने के कारण बाइक का नंबर और चेहरों की स्पष्टता को लेकर तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। पुलिस का मानना है कि इस वारदात में किसी स्थानीय गिरोह का हाथ हो सकता है जो स्टेशन से आने-जाने वाले अकेले यात्रियों को निशाना बनाता है। पुलिस की टीम अपराधियों के भागने के रूट चार्ट को ट्रैक कर रही है और आदमपुर व खंजरपुर के पुराने अपराधियों की सूची भी खंगाली जा रही है।
सुरक्षा पर सवाल: कहाँ है रात्रि गश्ती?
इस घटना ने भागलपुर पुलिस की रात्रि गश्ती और ‘क्विक रिस्पांस’ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्टेशन के आसपास का दो से तीन किलोमीटर का दायरा हमेशा संवेदनशील रहता है, लेकिन अपराधियों का स्टेशन के इतने करीब आकर लूटपाट करना यह दर्शाता है कि उन्हें पुलिस का कोई डर नहीं है। छात्रों ने मांग की है कि कोचिंग और लॉज वाले इलाकों में तड़के और देर रात गश्ती बढ़ाई जाए।
आर्थिक रूप से कमजोर छात्र, जो कड़ी मेहनत कर परीक्षा देने दूसरे शहर जाते हैं, उनका मोबाइल और जमा-पूंजी छिन जाना उनके लिए किसी बड़े मानसिक आघात से कम नहीं है। सागर कुमार अपनी परीक्षा की सफलता की उम्मीद के साथ लौटा था, लेकिन उसे क्या पता था कि अपने ही रहने वाले शहर की सड़कों पर उसे कट्टे की नोक पर खड़ा होना पड़ेगा। स्थानीय नागरिकों ने भी पुलिस प्रशासन से अपील की है कि राधारानी सिन्हा रोड और आदमपुर जैसे रास्तों पर लाइट की समुचित व्यवस्था और पुलिस पिकेट को और अधिक सक्रिय किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल, जोगसर पुलिस अपराधियों की गिरफ्तारी का दावा कर रही है, लेकिन छात्र अब भी डरे हुए हैं।


