
भागलपुर। बिहार के भागलपुर जिले से एक हृदयविदारक और स्तब्ध कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ अपनी जीविका के लिए सड़कों पर पसीना बहा रहे एक डिलीवरी ब्वॉय की ड्यूटी के दौरान ही मौत हो गई। मामला जिले के तातारपुर थाना क्षेत्र के सराय इलाके का है, जहाँ शनिवार को एक ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी के लिए काम करने वाले कर्मचारी की अचानक तबीयत बिगड़ी और वे बाइक से गिर पड़े। जब तक उन्हें डॉक्टरी सहायता मिल पाती, तब तक उनके जीवन की डोर टूट चुकी थी। मृतक की पहचान आदमपुर के गुहा विला मोहल्ले के रहने वाले 52 वर्षीय वरुण प्रताप सिंह के रूप में हुई है। यह घटना उस समय हुई जब वे एक ग्राहक को उसका पार्सल देने की तैयारी में थे और फोन पर बात कर रहे थे। अचानक हुई इस मौत ने न केवल उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि शहर में काम करने वाले हजारों डिलीवरी प्रोफेशनल्स की सुरक्षा और स्वास्थ्य चिंताओं को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया है। तातारपुर पुलिस ने सूचना मिलते ही तत्परता दिखाई और उन्हें अस्पताल पहुँचाया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। आदमपुर स्थित उनके निवास पर इस खबर के पहुँचते ही सन्नाटा पसर गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
कर्तव्य पथ पर थमीं सांसें: सराय इलाके में मची अफरातफरी
शनिवार की दोपहर भागलपुर का सराय इलाका अपनी रोजमर्रा की गहमागहमी में व्यस्त था। वरुण प्रताप सिंह अपनी मोटरसाइकिल पर लदे पार्सल के साथ ग्राहकों के पते तलाश रहे थे। चिलचिलाती धूप और सड़कों की धूल के बीच वे अपने काम में पूरी तरह समर्पित थे। जानकारी के अनुसार, वरुण प्रताप सिंह ने एक कस्टमर के घर के करीब पहुँचकर अपनी बाइक रोकी और उसे सूचित करने के लिए फोन मिलाया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वे फोन पर ग्राहक से बात कर रहे थे और संभवतः उसे अपनी लोकेशन समझा रहे थे। इसी दौरान अचानक उनके शरीर में कोई हरकत हुई और वे देखते ही देखते अपनी बाइक के साथ जमीन पर गिर पड़े।
आसपास के लोग तुरंत उनकी ओर दौड़े। लोगों ने उन्हें उठाने और पानी पिलाने की कोशिश की, लेकिन वरुण के शरीर में कोई हलचल नहीं हो रही थी। सराय जैसे व्यस्त इलाके में इस तरह एक व्यक्ति के अचानक गिर जाने से अफरातफरी का माहौल बन गया। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने तुरंत इस बात की सूचना नजदीकी तातारपुर थाना पुलिस को दी।
पुलिस की तत्परता और अस्पताल का दुखद संदेश
तातारपुर पुलिस को जैसे ही घटना की जानकारी मिली, पुलिस बल मौके पर पहुँचा। पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए वरुण प्रताप सिंह को अपनी गाड़ी में रखा और शहर के सबसे बड़े अस्पताल, जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मायागंज) के लिए रवाना हो गए। रास्ते भर पुलिस और वहां मौजूद लोग उनके होश में आने की उम्मीद लगाए बैठे थे।
मायागंज अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुँचते ही डॉक्टरों की टीम ने उनका परीक्षण शुरू किया। हालांकि, शुरुआती जांच के बाद ही डॉक्टरों ने एक दुखद संदेश दिया। डॉक्टरों ने वरुण प्रताप सिंह को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का प्राथमिक अनुमान है कि अचानक आए हृदय गति रुकने (हार्ट अटैक) या अत्यधिक गर्मी के कारण उत्पन्न हुई किसी गंभीर शारीरिक स्थिति की वजह से उनकी मृत्यु हुई होगी। हालांकि, मृत्यु के सटीक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। पुलिस ने शव को सुरक्षित रखवा दिया है और कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने में जुट गई है।
आदमपुर के गुहा विला में शोक: परिवार का सहारा छिना
वरुण प्रताप सिंह भागलपुर के ही आदमपुर क्षेत्र स्थित गुहा विला मोहल्ले के रहने वाले थे। 52 वर्ष की आयु में भी वे अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए ऑनलाइन डिलीवरी जैसे कठिन कार्य में जुटे हुए थे। उनके साथियों ने बताया कि वरुण स्वभाव से बहुत ही शांत और मिलनसार व्यक्ति थे। वे कभी भी काम से जी नहीं चुराते थे और हमेशा समय पर डिलीवरी पहुँचाने के लिए जाने जाते थे।
जैसे ही उनकी मृत्यु की खबर आदमपुर पहुँची, वहां के लोग विश्वास ही नहीं कर पाए कि सुबह घर से काम पर निकले वरुण अब कभी वापस नहीं लौटेंगे। गुहा विला मोहल्ले में उनके घर के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई है। उनके परिवार में कोहराम मचा हुआ है। एक मध्यमवर्गीय परिवार के लिए घर के मुखिया का इस तरह अचानक चले जाना एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई नामुमकिन है। पड़ोसियों का कहना है कि वे काफी समय से इस पेशे में थे और अपनी मेहनत के दम पर घर चला रहे थे।
डिलीवरी वर्कर्स की चुनौतियां और स्वास्थ्य जोखिम
वरुण प्रताप सिंह की मौत ने एक बार फिर उन हजारों युवाओं और मध्यम आयु वर्ग के लोगों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं जो डिलीवरी सेवाओं में लगे हुए हैं। भागलपुर जैसे शहर में, जहाँ तापमान अक्सर 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला जाता है, दोपहिया वाहनों पर घंटों घूमना शारीरिक रूप से अत्यंत थका देने वाला होता है।
- कार्य का दबाव: समय पर पार्सल पहुँचाने की होड़ और प्रति पार्सल मिलने वाला कमीशन कर्मचारियों को अपनी सेहत नजरअंदाज करने पर मजबूर कर देता है।
- पर्यावरण का प्रभाव: भीषण गर्मी, लू और धूल के बीच लगातार ड्राइविंग करने से ‘हीट स्ट्रोक’ और हृदय संबंधी रोगों का खतरा बढ़ जाता है।
- सुरक्षा का अभाव: अधिकांश डिलीवरी कंपनियों में कर्मचारियों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण या पर्याप्त चिकित्सा बीमा की कमी आज भी एक कड़वी सच्चाई है।
वरुण के साथ काम करने वाले अन्य डिलीवरी बॉयज ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया है। उनका कहना है कि सड़कों पर काम करने वालों के लिए कोई ‘ब्रेक’ नहीं होता। पानी और आराम की कमी कभी-कभी जानलेवा साबित हो जाती है। वरुण की उम्र भी 50 के पार थी, ऐसे में इस तरह का शारीरिक श्रम उनके दिल पर भारी पड़ा होगा, ऐसी आशंका जताई जा रही है।
तातारपुर पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई
तातारपुर थाना पुलिस ने इस मामले में अस्वाभाविक मौत (यूडी केस) की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस उन चश्मदीदों के बयान दर्ज कर रही है जो घटना के समय सराय में मौजूद थे। साथ ही, उस ग्राहक से भी पूछताछ की जा सकती है जिससे वरुण आखिरी समय पर फोन पर बात कर रहे थे। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या वरुण पहले से किसी बीमारी से ग्रसित थे या हाल के दिनों में उन्होंने किसी तरह की शारीरिक परेशानी की शिकायत की थी।
थानाध्यक्ष ने बताया कि परिजनों को सूचित कर दिया गया है और उनकी मौजूदगी में ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस बात की भी जांच करेगी कि जिस कंपनी में वे काम करते थे, वहां से उनके परिवार को मिलने वाली सहायता या बीमा राशि की क्या स्थिति है। वरुण की बाइक और उनके पास मौजूद पार्सल को पुलिस ने सुरक्षित रख लिया है।
शहर के लोगों में बढ़ती स्वास्थ्य चिंताएं
भागलपुर में पिछले कुछ दिनों से अचानक होने वाली मौतों के मामलों में वृद्धि देखी गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जीवनशैली और बढ़ता तनाव छोटी उम्र के साथ-साथ मध्यम आयु वर्ग के लोगों को भी शिकार बना रहा है। वरुण प्रताप सिंह की मौत ने एक चेतावनी दी है कि काम की आपाधापी में अपनी सेहत को नजरअंदाज करना घातक हो सकता है।
मायागंज अस्पताल के डॉक्टरों ने आम नागरिकों को सलाह दी है कि गर्मी के इस मौसम में यदि कोई बाहर काम कर रहा है, तो उसे नियमित अंतराल पर पानी पीते रहना चाहिए और शरीर में कोई भी असहजता महसूस होने पर तुरंत विश्राम करना चाहिए। वरुण के मामले में, वे काम के दौरान ही गिर पड़े, जिससे उन्हें संभलने का मौका भी नहीं मिला। सराय की सड़कों पर गिरी उनकी बाइक और बिखरे हुए पार्सल आज उस कड़वे सच की गवाही दे रहे हैं कि जिंदगी कितनी अनिश्चित है। आदमपुर की गलियों में पसरा सन्नाटा और वरुण प्रताप सिंह के परिजनों के आंसू भागलपुर के लोगों को लंबे समय तक इस दुखद शनिवार की याद दिलाते रहेंगे।


