सुल्तानगंज सभापति राजकुमार गुड्डू के निधन पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने व्यक्त किया गहरा शोक; डीजीपी को दिए ‘स्पीडी ट्रायल’ के निर्देश, बोले—दोषियों को मिले कठोरतम सजा

पटना। बिहार की राजनीति और सुल्तानगंज की जनता के लिए आज का दिन अत्यंत पीड़ादायक रहा। सुल्तानगंज नगर परिषद के लोकप्रिय सभापति राजकुमार गुड्डू के असामयिक निधन पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। शनिवार, 09 मई 2026 को पटना में जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति और सोशल मीडिया संदेश के माध्यम से मुख्यमंत्री ने इस क्षति को ‘अपूर्णीय’ बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकुमार गुड्डू की मृत्यु का समाचार उनके लिए व्यक्तिगत रूप से अत्यंत दुखद है और वे इस घटना से मर्माहत हैं। गौरतलब है कि बीती 28 अप्रैल को सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में हुई हिंसक घटना के दौरान राजकुमार गुड्डू गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए पटना के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 11 दिनों तक मौत से संघर्ष करने के बाद शनिवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।

मुख्यमंत्री का कड़ा रुख: डीजीपी को ‘स्पीडी ट्रायल’ का आदेश

​राजकुमार गुड्डू के निधन के तुरंत बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने न्याय प्रक्रिया को तेज करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने पुलिस महानिदेशक (DGP) को स्पष्ट निर्देशित किया है कि इस पूरे मामले में संलिप्त दोषियों के खिलाफ ‘स्पीडी ट्रायल’ (त्वरित सुनवाई) के माध्यम से कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री का संकल्प है कि इस जघन्य कृत्य में शामिल अपराधियों को जल्द से जल्द कठोरतम सजा दिलवाई जाए, ताकि पीड़ित परिवार को वास्तविक न्याय मिल सके।

​मुख्यमंत्री के इस निर्देश ने प्रशासनिक गलियारों में यह साफ संदेश दे दिया है कि सरकार जनप्रतिनिधियों पर हमले और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली ताकतों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। हालांकि मुख्य आरोपी पहले ही पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका है, लेकिन मुख्यमंत्री अब इस मामले की पूरी कानूनी जड़ तक पहुँचकर अन्य सहयोगियों को भी कड़ी सजा दिलाने के पक्ष में हैं।

“मिलनसार और लोकप्रिय जननेता थे गुड्डू”

​राजकुमार गुड्डू के व्यक्तित्व को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें एक सरल स्वभाव और मिलनसार व्यक्ति बताया। सम्राट चौधरी ने कहा कि गुड्डू अपने क्षेत्र में काफी लोकप्रिय थे और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा उपलब्ध रहते थे। उनकी राजनीति का आधार ही ‘जनसेवा’ था, यही कारण है कि आज सुल्तानगंज का हर नागरिक खुद को अनाथ महसूस कर रहा है।

​मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि राजकुमार गुड्डू का जाना केवल एक राजनैतिक व्यक्ति का जाना नहीं है, बल्कि यह बिहार के राजनैतिक एवं सामाजिक क्षेत्र के लिए एक अपूर्णीय क्षति है। उनके जैसे मृदुभाषी और समर्पित नेता के चले जाने से समाज में जो शून्य पैदा हुआ है, उसे भरना आने वाले समय में अत्यंत कठिन होगा। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि गुड्डू का जीवन संघर्ष और सादगी की मिसाल था, जिसे आने वाली पीढ़ियां हमेशा याद रखेंगी।

शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना और संबल

​मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि वे दिवंगत आत्मा को चिर शांति प्रदान करें और उनके शोक संतप्त परिजनों को दुख की इस कठिन घड़ी में धैर्य एवं संबल प्रदान करें। उन्होंने विश्वास दिलाया कि दुख के इस समय में पूरी सरकार और समाज पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है।

​सुल्तानगंज में इस खबर के बाद से ही मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। मुख्यमंत्री की इस संवेदना और त्वरित कार्रवाई के निर्देश ने जनता के बीच यह भरोसा जगाया है कि उनके प्रिय नेता का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। पटना से लेकर भागलपुर तक, हर राजनैतिक दल के नेता आज राजकुमार गुड्डू के असामयिक चले जाने पर मर्माहत हैं और उनके द्वारा सुल्तानगंज के विकास में दिए गए योगदान को याद कर रहे हैं।

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