
मालदा/भागलपुर। भारतीय रेलवे के राजस्व को चूना लगाने वालों और बिना टिकट यात्रा कर वैध यात्रियों की सुविधा में खलल डालने वालों के खिलाफ मालदा रेल मंडल ने शनिवार को एक बड़ा अभियान छेड़ा। पूर्वी रेलवे के मालदा मंडल द्वारा रेल राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित करने और यात्रियों को वैध टिकट के साथ यात्रा करने के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से भागलपुर–गोड्डा रेल खंड पर सघन टिकट जांच अभियान चलाया गया। शनिवार, 09 मई 2026 को मंडल रेल प्रबंधक (DRM) मनीष कुमार गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान ने उन लोगों के बीच हड़कंप मचा दिया जो अक्सर ‘मुफ्त’ की यात्रा को अपना अधिकार समझते हैं। रेलवे का यह प्रयास केवल जुर्माना वसूलने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य आरक्षित और सामान्य डिब्बों में वैध टिकट धारकों को एक सुरक्षित, सुगम और आरामदायक यात्रा अनुभव प्रदान करना है। जांच के दौरान मंडल की टीमों ने न केवल ट्रेनों के भीतर बल्कि स्टेशनों के प्लेटफार्मों पर भी पैनी नजर रखी, जिससे बिना टिकट घूमने वाले तत्व बच नहीं सके।
चार प्रमुख स्टेशनों और ट्रेनों में ‘सटीक’ घेराबंदी
मालदा मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Sr. DCM) कार्तिक सिंह के सीधे पर्यवेक्षण में शनिवार को यह विशेष अभियान चलाया गया। जांच दल ने रणनीतिक रूप से इस खंड के उन स्टेशनों को चुना जहाँ यात्रियों की आवाजाही अधिक रहती है और बिना टिकट यात्रा की शिकायतें अक्सर प्राप्त होती हैं। इस अभियान का मुख्य केंद्र गोड्डा, हंसडीहा, बाराहाट और धौनी स्टेशन रहे। इन स्टेशनों पर उतरने और चढ़ने वाले यात्रियों के टिकटों की बारीकी से पड़ताल की गई।
इसके अतिरिक्त, भागलपुर–गोड्डा खंड पर चलने वाली विभिन्न पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों में भी चलती गाड़ी के दौरान टिकटों की जांच की गई। इस ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए मंडल के वाणिज्य निरीक्षकों, टिकट जांच कर्मियों (TTEs) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों ने एक संयुक्त टीम के रूप में कार्य किया। आरपीएफ की मौजूदगी ने न केवल जांच दल को सुरक्षा प्रदान की, बल्कि उन यात्रियों पर भी मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया जो जांच से बचने के लिए भागने या बहस करने की कोशिश करते हैं।
आंकड़ों में कार्रवाई: 65 मामलों में 28,500 रुपये की वसूली
शनिवार को दिन भर चले इस सघन अभियान के परिणाम काफी प्रभावी रहे। रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जांच के दौरान बिना टिकट और अनियमित तरीके से यात्रा करने के कुल 65 मामले पकड़े गए। अनियमित यात्रा में वे लोग शामिल थे जिन्होंने कम दूरी का टिकट लेकर लंबी दूरी की यात्रा की थी या जो रियायती टिकटों का गलत तरीके से लाभ उठा रहे थे।
पकड़े गए इन उल्लंघनकर्ताओं से रेलवे नियमों के तहत कुल 28,500 रुपये का जुर्माना वसूला गया। पकड़े गए कई यात्रियों ने मौके पर ही अपनी गलती स्वीकार करते हुए जुर्माने की राशि जमा की, जबकि कुछ के खिलाफ रेलवे अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत चालान भी काटे गए। रेलवे का कहना है कि जुर्माने की यह राशि सीधे तौर पर रेल विकास कार्यों में उपयोग की जाती है और बिना टिकट यात्रा करने से न केवल राजस्व की हानि होती है, बल्कि यह उन ईमानदार यात्रियों के प्रति भी अन्याय है जो पूरा किराया देकर अपनी यात्रा करते हैं।
सुरक्षित और सुगम यात्रा का संकल्प: डीआरएम का विजन
मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के अनुसार, मालदा मंडल यात्रियों की सुविधा और राजस्व संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। भागलपुर–गोड्डा खंड, जो अंग जनपद और संथाल परगना को जोड़ता है, रेलवे के लिए सामरिक और आर्थिक दोनों रूप से महत्वपूर्ण है। इस मार्ग पर बढ़ती यात्रियों की संख्या को देखते हुए यह आवश्यक है कि यात्रा की गुणवत्ता और सुरक्षा के मानकों के साथ कोई समझौता न हो।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कार्तिक सिंह ने इस अभियान की सफलता पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे अभियान नियमित रूप से मंडल के विभिन्न खंडों में जारी रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को परेशान करना नहीं, बल्कि उन्हें नियमों का अनुपालन करने के लिए प्रेरित करना है। बिना टिकट यात्रा करने से ट्रेनों में अनावश्यक भीड़ बढ़ती है, जिससे वैध टिकट वाले यात्रियों को बैठने की जगह नहीं मिलती और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी पैदा होती हैं। टिकट जांच की यह प्रक्रिया भविष्य में और अधिक तकनीकी और डिजिटल बनाने पर भी विचार किया जा रहा है।
यात्रियों से मार्मिक अपील: टिकट लेकर ही करें यात्रा
अभियान के दौरान रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से संवाद भी किया और उन्हें जागरूक किया। रेलवे ने अपनी आधिकारिक अपील में कहा है कि यात्री अपनी यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व उचित और वैध टिकट अवश्य प्राप्त करें। भारतीय रेलवे की वेबसाइट (IRCTC), यूटीएस (UTS) मोबाइल ऐप और स्टेशन काउंटरों के माध्यम से टिकट प्राप्त करना अब बेहद आसान हो गया है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बिना उचित टिकट यात्रा करना रेलवे नियमों के अंतर्गत एक दंडनीय अपराध है, जिसके लिए न केवल भारी जुर्माना देना पड़ सकता है, बल्कि कुछ मामलों में जेल की सजा का भी प्रावधान है। विशेष रूप से युवाओं और दैनिक यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे रेलवे को ‘अपनी संपत्ति’ समझें और इसके विकास में अपना योगदान दें। जब हर यात्री टिकट लेकर चलेगा, तभी रेलवे नई ट्रेनों, बेहतर सुविधाओं और आधुनिक स्टेशनों का निर्माण करने में सक्षम हो पाएगा।
भविष्य की रणनीति: जारी रहेगा सघन टिकट जांच का दौर
मालदा मंडल ने स्पष्ट कर दिया है कि शनिवार का यह अभियान कोई एक दिन की घटना नहीं है। रेलवे की इंटेलिजेंस और वाणिज्य विभाग की टीमें अब उन ट्रेनों और रूटों की पहचान कर रही हैं जहाँ ‘चोरी-छिपे’ यात्रा करने की प्रवृत्ति अधिक है। आने वाले समय में रात के समय चलने वाली ट्रेनों और त्योहारों के सीजन में इस तरह के ‘सरप्राइज चेक’ बढ़ाए जाएंगे।
भागलपुर-गोड्डा मार्ग पर हंसडीहा और बाराहाट जैसे स्टेशनों पर सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने के लिए सीसीटीवी कैमरों और अतिरिक्त आरपीएफ कर्मियों की तैनाती भी की जा रही है। मालदा मंडल का लक्ष्य ‘शून्य बिना टिकट यात्रा’ (Zero Ticketless Travel) के लक्ष्य को प्राप्त करना है, ताकि प्रत्येक यात्री गर्व के साथ और बिना किसी डर के अपनी यात्रा पूरी कर सके। आज की यह कार्रवाई उन सभी लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो रेलवे की उदारता का गलत फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। रेलवे राजस्व की सुरक्षा और यात्रियों के सुगम सफर के लिए मालदा मंडल का यह ‘मिशन सुरक्षा’ निरंतर जारी रहेगा।


