सारण के खोदाईबाग में सनसनी: एक ही घर में मिली दो बहुओं की लाश; अलग-अलग कमरों में मिलीं जेठानी-देवरानी, पुलिस जांच में जुटी

छपरा/नगरा। सारण जिले के नगरा प्रखंड अंतर्गत खैरा थाना क्षेत्र के खोदाईबाग गांव में शुक्रवार, 08 मई 2026 की सुबह एक ऐसी घटना सामने आई जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक ही छत के नीचे रहने वाली दो सगी बहुओं के शव संदिग्ध अवस्था में उनके कमरों से बरामद किए गए हैं। इस दोहरे मौत की खबर जैसे ही गांव में फैली, देखते ही देखते मृतकों के घर के बाहर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की छानबीन शुरू कर दी है। मृतकों की पहचान 27 वर्षीय ज्योति कुमारी और 22 वर्षीय प्रीति कुमारी के रूप में हुई है। यह मामला न केवल एक परिवार की तबाही की कहानी बयां कर रहा है, बल्कि समाज के भीतर रिश्तों के बीच पनपती खामोश कड़वाहट और अनसुलझे रहस्यों की ओर भी इशारा कर रहा है। पुलिस फिलहाल इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक ही घर की दो बहुओं की जान एक साथ चली गई।

सुबह का सन्नाटा और मौत की आहट: खोदाईबाग में मची चीख-पुकार

​शुक्रवार की सुबह खोदाईबाग गांव के लिए सामान्य दिनों की तरह शुरू हुई थी, लेकिन जैसे ही सूरज की रोशनी तेज हुई, गांव के एक घर से रोने-बिलखने की आवाजें आने लगीं। जानकारी के अनुसार, घर के लोग जब सुबह जागे और बहुओं के कमरों में हलचल नहीं दिखी, तो शक गहराया। जब कमरों के भीतर जाकर देखा गया, तो दोनों बहुएं मृत अवस्था में पड़ी थीं। हैरानी की बात यह रही कि दोनों के शव घर के अलग-अलग कमरों में मिले।

​मृतक ज्योति कुमारी, जो नागा सिंह की पत्नी थी, उसकी उम्र महज 27 वर्ष थी। वहीं, उसकी देवरानी प्रीति कुमारी, जो मोहन सिंह की पत्नी थी, वह केवल 22 वर्ष की थी। जेठानी और देवरानी की एक साथ मौत ने कई तरह के सवालों को जन्म दे दिया है। गांव के लोग इस बात को लेकर स्तब्ध हैं कि आखिर घर के भीतर ऐसी कौन सी परिस्थिति बनी कि दो युवा महिलाओं की जीवनलीला समाप्त हो गई। कमरों के भीतर का दृश्य काफी विचलित करने वाला था, जिसने पुलिसिया जांच के लिए कई प्रारंभिक सूत्र भी छोड़े हैं।

पुलिस की सक्रियता और घटनास्थल का निरीक्षण

​घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद खैरा थाना की पुलिस टीम दलबल के साथ खोदाईबाग गांव पहुँची। पुलिस अधिकारियों ने सबसे पहले घटनास्थल को सुरक्षित किया ताकि साक्ष्यों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो सके। पुलिस ने दोनों कमरों का सूक्ष्म निरीक्षण किया जहाँ से शव बरामद हुए थे। जांच के दौरान पुलिस ने परिवार के सदस्यों से भी प्रारंभिक पूछताछ की है।

​थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पहुँची टीम ने पाया कि दोनों शवों के बीच की दूरी और उनकी स्थिति यह संकेत दे रही है कि घटना के पीछे कोई गहरा रहस्य छिपा हो सकता है। पुलिस ने घर के आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाई है कि क्या पिछले कुछ दिनों में परिवार के भीतर किसी तरह का विवाद हुआ था। हालांकि, शुरुआती दौर में परिवार की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है, जिससे पुलिस के लिए यह मामला एक ‘मिस्ट्री’ बना हुआ है। पुलिस ने मौके से कुछ आवश्यक वस्तुएं भी जब्त की हैं जो जांच में सहायक सिद्ध हो सकती हैं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी जांच की दिशा

​कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में ले लिया और कागजी खानापूर्ति के बाद उन्हें पोस्टमार्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस दोहरे मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सबसे बड़ा और निर्णायक साक्ष्य होगी। पोस्टमार्टम से ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि दोनों महिलाओं की मौत प्राकृतिक थी, उन्होंने आत्महत्या की या फिर यह हत्या का मामला है।

​अस्पताल में डॉक्टरों की एक विशेष टीम को पोस्टमार्टम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मौत के समय का सटीक अंदाजा और शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान या जहर के लक्षणों की जांच की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, विसरा को भी सुरक्षित रखा जा सकता है यदि मौत का कारण प्रथम दृष्टया स्पष्ट नहीं होता है। सदर अस्पताल में भी मृतकों के परिजनों और शुभचिंतकों की भीड़ जुटी रही, जहाँ हर कोई इस घटना के पीछे की असली वजह जानने को बेताब दिखा।

रिश्तों की गुत्थी और गांव में बढ़ता संशय

​खोदाईबाग जैसे शांत गांव में इस तरह की घटना का होना चर्चा का विषय बना हुआ है। जेठानी और देवरानी के बीच के रिश्तों को लेकर भी गांव में कई तरह की बातें हो रही हैं। 27 साल की ज्योति और 22 साल की प्रीति, दोनों ही अपनी वैवाहिक जीवन की शुरुआत कर चुकी थीं। उनके पतियों, नागा सिंह और मोहन सिंह की भूमिका और उनके बयानों पर भी पुलिस की पैनी नजर है।

​ग्रामीणों के अनुसार, यह परिवार गांव में एक सामान्य जीवन व्यतीत कर रहा था। अचानक दो बहुओं की मौत ने सबको हतप्रभ कर दिया है। क्या यह किसी पारिवारिक कलह का नतीजा है? या इसके पीछे कोई सामाजिक दबाव था? इन सवालों के जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं हैं। पुलिस उन सभी राजनैतिक और सामाजिक पहलुओं को भी देख रही है जो इस तरह की घटनाओं को प्रेरित करते हैं। सारण जिले में हाल के दिनों में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों या संदिग्ध मौतों के आंकड़े भी इस जांच का हिस्सा बन सकते हैं।

जांच के विभिन्न आयाम: आत्महत्या या साजिश?

​पुलिस इस मामले को दो प्रमुख एंगल्स से देख रही है। पहला यह कि क्या दोनों महिलाओं ने किसी समझौते या आपसी सहमति के तहत एक साथ आत्मघाती कदम उठाया? अगर ऐसा है, तो उस मानसिक प्रताड़ना या कारण का पता लगाना होगा जिसने उन्हें इस चरम सीमा तक पहुँचाया। दूसरा एंगल यह है कि क्या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है जहाँ दोनों को रास्ते से हटाने की कोशिश की गई?

​पुलिस की जांच टीम घर के भीतर मौजूद अन्य सदस्यों के कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) खंगालने की भी योजना बना रही है। साथ ही, ज्योति और प्रीति के मायके वालों को भी सूचित कर दिया गया है। मायके पक्ष के लोगों के बयान इस मामले में काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं, क्योंकि अक्सर ऐसी घटनाओं में दहेज उत्पीड़न या घरेलू हिंसा की बातें सामने आती हैं। हालांकि, जब तक मायके पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई जाती, तब तक पुलिस यूडी (अस्वाभाविक मौत) केस के तहत ही जांच को आगे बढ़ा रही है।

सामाजिक संवेदना और प्रशासन की चुनौती

​सारण की यह घटना एक बार फिर समाज के भीतर महिलाओं की स्थिति और उनकी सुरक्षा पर सवाल खड़ा करती है। एक ही परिवार की दो बहुओं का जाना केवल एक कानूनी मामला नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक त्रासदी है। नगरा प्रखंड के इस छोटे से गांव में अब लोग अपनी बेटियों और बहुओं की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। प्रशासन के लिए चुनौती यह है कि वे निष्पक्ष तरीके से जांच कर सच को सामने लाएं ताकि जनता का कानून पर भरोसा बना रहे।

​जैसे-जैसे शाम ढल रही है, खोदाईबाग गांव में सन्नाटा गहराता जा रहा है। पुलिस की गश्ती गाड़ियां बार-बार गांव का चक्कर लगा रही हैं ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे। मृतकों के घर में अब केवल सिसकियां बची हैं और पड़ोसी भी इस विषय पर कुछ भी खुलकर बोलने से कतरा रहे हैं। पोस्टमार्टम के बाद जब शव वापस गांव पहुँचेंगे, तब स्थिति और भी भावुक हो सकती है। फिलहाल, सारण पुलिस के वरीय अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले की तह तक जाएंगे और यदि कोई दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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