
अररिया/फारबिसगंज। सीमावर्ती जिले अररिया के फारबिसगंज में गुरुवार, 07 मई 2026 की सुबह खून के छीटों से सनी एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके के सामाजिक ताने-बाने को झकझोर कर रख दिया है। फारबिसगंज प्रखंड के रमै पंचायत स्थित घोड़ाघाट वार्ड संख्या एक में एक युवक ने दिनदहाड़े दुस्साहस का परिचय देते हुए अपने पड़ोस में रहने वाली एक 17 वर्षीय किशोरी के घर में प्रवेश किया और उसके सीने में सटाकर गोली मार दी। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद गाँव में चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। मृतका की पहचान चांदनी खातून के रूप में हुई है, जिसके पिता अपनी आजीविका के लिए सैकड़ों किलोमीटर दूर मुंबई में ट्रक चला रहे हैं। पुलिस की शुरुआती जांच इस खूनी रंजिश के पीछे ‘प्रेम प्रसंग’ के छिपे होने की ओर इशारा कर रही है। आरोपी, जो पड़ोस का ही रहने वाला है, वारदात को अंजाम देकर फरार होने में सफल रहा है। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में महिलाओं की सुरक्षा और युवाओं के बीच बढ़ते हिंसक आक्रोश पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुबह का सन्नाटा और मौत की आहट: घोड़ाघाट में मची अफरा-तफरी
गुरुवार की सुबह घोड़ाघाट गाँव के लोग अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त होने की तैयारी कर रहे थे। किसी को इस बात का गुमान नहीं था कि पड़ोस में ही मौत का षड्यंत्र रचा जा चुका है। जानकारी के अनुसार, आरोपी कासिम उर्फ नन्ना (25 वर्ष), जो हाफिज मोईम का पुत्र है, दबे पांव चांदनी खातून के घर में दाखिल हुआ। घर के भीतर उस वक्त सुरक्षा का कोई ठोस इंतजाम नहीं था क्योंकि चांदनी के पिता मो. ग्यास रोजी-रोटी के लिए मुंबई में ट्रक चलाते हैं और घर की जिम्मेदारी महिलाओं के कंधों पर थी।
कासिम ने बिना किसी हिचकिचाहट के चांदनी को निशाना बनाया और उसके सीने में गोली दाग दी। गोली की आवाज सुनते ही आसपास के लोग घर की ओर दौड़े, लेकिन तब तक चांदनी लहूलुहान होकर फर्श पर गिर चुकी थी और आरोपी वहां से भाग निकला था। गाँव के लोगों ने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस और डायल 112 को दी। पुलिस के पहुँचने तक चांदनी की सांसें थम चुकी थीं। जिस आँगन में चांदनी की हंसी गूँजती थी, वहां अब केवल मातम और खून के धब्बे बचे थे।
मृतका का परिवार: मुंबई में ट्रक चला रहे पिता पर टूटा दुखों का पहाड़
चांदनी खातून महज 17 वर्ष की थी और अपने भविष्य को लेकर कई सपने बुन रही थी। उसके पिता मो. ग्यास मुंबई में ट्रक चालक के रूप में कड़ी मेहनत कर घर पैसे भेजते थे ताकि उनके बच्चों का जीवन सुधर सके। जिस वक्त फारबिसगंज में उनकी बेटी के सीने को गोलियों से छलनी किया जा रहा था, उस वक्त वे मुंबई की किसी सड़क पर परिवार की खुशियों के लिए संघर्ष कर रहे होंगे।
गाँव वालों के अनुसार, चांदनी एक मिलनसार लड़की थी और पूरा परिवार बेहद साधारण पृष्ठभूमि का है। इस घटना के बाद चांदनी की माँ और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता को घटना की जानकारी दे दी गई है और उनके अररिया पहुँचने का इंतजार किया जा रहा है। गाँव के लोग इस बात से भी स्तब्ध हैं कि एक पड़ोसी, जो बचपन से एक-दूसरे को जानते थे, वह इस तरह की हैवानियत पर उतारू हो सकता है। रमै पंचायत के स्थानीय प्रतिनिधियों ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है।
आरोपी का प्रोफाइल: मांस फैक्ट्री का कर्मी और खूनी सनक
हत्या के आरोपी कासिम उर्फ नन्ना की उम्र लगभग 25 वर्ष बताई जा रही है। वह गाँव के ही हाफिज मोईम का बेटा है। कासिम के बारे में मिली जानकारी के अनुसार, वह सिमराहा स्थित एक मांस फैक्ट्री में कार्य करता है। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि कासिम पिछले कुछ समय से चांदनी पर नजर रख रहा था।
पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि कासिम के पास अवैध हथियार कहाँ से आया और क्या उसने इस वारदात की योजना पहले ही बना ली थी? एक मांस फैक्ट्री में काम करने के कारण उसके स्वभाव में आए बदलावों और उसके सामाजिक संपर्कों की भी जांच की जा रही है। फरार कासिम की तलाश में पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के यहाँ दबिश देना शुरू कर दिया है। पुलिस का मानना है कि गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि हत्या के पीछे केवल प्रेम प्रसंग था या कोई और पुरानी रंजिश भी काम कर रही थी।
पुलिस की कार्रवाई और एसडीपीओ का बयान: प्रेम प्रसंग का कोण
घटना की सूचना मिलते ही एसडीपीओ मुकेश कुमार साहा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की और उसे पोस्टमार्टम के लिए अररिया सदर अस्पताल भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही गोली लगने की सटीक दूरी और अन्य तकनीकी पहलुओं का खुलासा हो पाएगा।
एसडीपीओ मुकेश कुमार साहा ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। पुलिस को कुछ ऐसे इनपुट मिले हैं जो संकेत देते हैं कि आरोपी और मृतका के बीच कोई विवाद चल रहा था। एसडीपीओ ने स्पष्ट किया कि पुलिस सभी बिंदुओं पर गहराई से जांच कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। आरोपी कासिम की गिरफ्तारी के लिए विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया है जो सीमावर्ती इलाकों और संभावित छिपने के स्थानों पर नजर रख रहा है।
गाँव में पसरा सन्नाटा: असुरक्षा और आक्रोश का माहौल
घोड़ाघाट वार्ड संख्या-1 में इस हत्याकांड के बाद से ही सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग डरे हुए हैं कि दिनदहाड़े कोई घर में घुसकर हत्या कर सकता है। गाँव की महिलाओं और युवतियों में असुरक्षा की भावना घर कर गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस गश्ती बढ़ाने की जरूरत है ताकि इस तरह के मनचले और अपराधी तत्वों में कानून का खौफ बना रहे।
घटना के बाद गाँव के कुछ लोगों में आरोपी के परिवार के प्रति भी आक्रोश देखा जा रहा है, जिसे देखते हुए एहतियातन पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है ताकि कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और जांच में सहयोग करने की अपील की है। फिलहाल, पोस्टमार्टम के बाद शव के घर पहुँचने पर माहौल और गमगीन होने की आशंका है।
जांच के दायरे में संभावित मददगार
पुलिस इस बात की भी तहकीकात कर रही है कि क्या कासिम को इस कत्ल को अंजाम देने में किसी और ने मदद की थी? घर की रेकी करने से लेकर हथियार उपलब्ध कराने तक, किसी न किसी के शामिल होने का संदेह जताया जा रहा है। पुलिस चांदनी के मोबाइल फोन और कासिम के कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) खंगालने की तैयारी में है ताकि उनकी आखिरी बातचीत और विवाद की जड़ का पता लगाया जा सके। अररिया पुलिस के लिए यह मामला साख की लड़ाई बन गया है क्योंकि दिनदहाड़े घर में घुसकर हुई हत्या ने कानून-व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर कर दिया है। आने वाले 24 घंटों में कासिम की गिरफ्तारी पुलिस की पहली प्राथमिकता है।


