युवाओं के आर्थिक स्वावलंबन के लिए प्रशिक्षण और इंटर्नशिप योजनाओं पर जोर, पटना में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

पटना, 05 मई। बिहार में युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार ठोस पहल कर रही है। इसी क्रम में बिहार कौशल विकास मिशन और अवर प्रादेशिक नियोजनालय, पटना के संयुक्त तत्वावधान में नियोजन भवन स्थित प्रतिबिंब सभागार में एक दिवसीय जिला स्तरीय जागरूकता-सह-उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की प्रमुख रोजगारोन्मुखी योजनाओं—प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस), मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना और राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस)—के बारे में युवाओं, उद्योगों और अन्य हितधारकों को जागरूक करना था।

कार्यक्रम का उद्घाटन पटना के जिला नियोजन पदाधिकारी ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में केवल शैक्षणिक योग्यता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कौशल और अनुभव भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाएं युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा रही हैं।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञों ने योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना के टीम लीडर चंदन राय ने योजना के लाभ, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं को प्रशिक्षण और इंटर्नशिप के अवसर प्रदान कर उन्हें उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार करती है।

वहीं, प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) पर बोलते हुए कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के प्रतिनिधि कुंदन कुमार ने बताया कि इस योजना के तहत युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलता है, जिससे उनके रोजगार की संभावनाएं बढ़ती हैं।

राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस) के संबंध में सहायक निदेशक (प्रशिक्षण) अतुल चंद्र ने जानकारी दी कि इस योजना के तहत प्रशिक्षुओं और नियोक्ताओं दोनों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्रशिक्षण की प्रक्रिया पूरी की जाती है।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए सवालों का विशेषज्ञों ने समाधान किया, जिससे योजनाओं को लेकर उनकी समझ और स्पष्ट हुई। इस तरह के संवादात्मक सत्रों ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाया।

समापन सत्र में बिहार कौशल विकास मिशन के मिशन निदेशक मनीष शंकर ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम राज्य के सभी जिलों में आयोजित किए जाएंगे ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।

उन्होंने शिक्षण संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों से इन योजनाओं में सक्रिय भागीदारी की अपील की और कहा कि ये योजनाएं युवाओं को बाजार की मांग के अनुरूप तैयार करने में मील का पत्थर साबित होंगी।

कार्यक्रम के सफल संचालन में नोडल पदाधिकारी राजेश कुमार और जिला नियोजन पदाधिकारी, पटना की अहम भूमिका रही। यह आयोजन युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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