विक्रमशिला सेतु बंद: जिलाधिकारी की पहल पर रेलवे ने चलाई समर स्पेशल ट्रेन, यात्रियों को मिली बड़ी राहत

भागलपुर, 05 मई 2026। विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने और उस पर यातायात पूरी तरह बंद हो जाने के बाद उत्पन्न गंभीर परिवहन संकट के बीच जिला प्रशासन ने त्वरित पहल करते हुए लोगों को राहत पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की है। इसी कड़ी में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की पहल पर पूर्व मध्य रेलवे ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए विशेष ट्रेन (समर स्पेशल) की सुविधा उपलब्ध कराई है, जिससे भागलपुर और सीमांचल क्षेत्र के बीच आवागमन सुगम हो सकेगा।

दरअसल, विक्रमशिला सेतु के बंद होने के बाद भागलपुर का संपर्क नवगछिया, खगड़िया, कटिहार, पूर्णिया, मधेपुरा और सहरसा जैसे महत्वपूर्ण जिलों से काफी हद तक बाधित हो गया था। इससे न केवल आम लोगों को आवागमन में कठिनाई हो रही थी, बल्कि व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी व्यापक असर पड़ने लगा था। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने 4 मई 2026 को ही महाप्रबंधक, पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर को पत्र लिखकर तत्काल एक या दो ट्रेनों के संचालन की मांग की थी।

जिलाधिकारी की इस मांग को प्राथमिकता देते हुए पूर्व मध्य रेलवे ने त्वरित कार्रवाई की और सरायगढ़ से देवघर के बीच भागलपुर होते हुए एक विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया। यह ट्रेन न केवल यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी, बल्कि क्षेत्रीय संपर्क को बहाल करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

विक्रमशिला सेतु बंद: जिलाधिकारी की पहल पर रेलवे ने चलाई समर स्पेशल ट्रेन, यात्रियों को मिली बड़ी राहत

रेलवे द्वारा जारी समय-सारणी के अनुसार यह समर स्पेशल ट्रेन सरायगढ़ से सुबह 3:05 बजे प्रस्थान करेगी। इसके बाद यह ट्रेन मुंगेर 6:45 बजे पहुंचेगी और सुबह 8:40 बजे भागलपुर पहुंचेगी। इसके बाद ट्रेन बांका होते हुए 10:12 बजे आगे बढ़ेगी और अंततः 11:20 बजे देवघर पहुंचेगी। वापसी यात्रा में यह ट्रेन देवघर से सुबह 11:35 बजे खुलेगी और दोपहर 2:20 बजे भागलपुर पहुंचेगी। इसके बाद यह ट्रेन मुंगेर 4:25 बजे पहुंचेगी और रात 10:15 बजे सरायगढ़ पहुंचकर अपनी यात्रा पूरी करेगी।

इस विशेष ट्रेन के संचालन से उन हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी जो रोजाना काम, पढ़ाई, इलाज या व्यापार के सिलसिले में इन जिलों के बीच यात्रा करते हैं। खासकर सीमांचल क्षेत्र के लोगों के लिए यह ट्रेन एक जीवनरेखा साबित हो सकती है, क्योंकि विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद उनका सीधा संपर्क काफी प्रभावित हुआ था।

जिला प्रशासन के अनुसार, इस ट्रेन सेवा से न केवल यात्री परिवहन में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। व्यापारियों, छात्रों और मरीजों को अब लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाने या नाव पर निर्भर रहने की मजबूरी से काफी हद तक राहत मिलेगी। यह कदम प्रशासन की त्वरित और संवेदनशील कार्यशैली को भी दर्शाता है, जिसमें आम जनता की समस्याओं को प्राथमिकता दी गई है।

विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद प्रशासन पहले ही नाव सेवा, वैकल्पिक सड़क मार्ग और सुरक्षा व्यवस्था जैसे कई उपाय लागू कर चुका है। अब रेलवे की इस पहल से परिवहन व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। यह एक समन्वित प्रयास का उदाहरण है, जिसमें जिला प्रशासन और रेलवे मिलकर आम लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है और इसे समय की जरूरत के अनुसार एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उनका कहना है कि इससे दैनिक जीवन की परेशानियां काफी हद तक कम होंगी और यात्रा आसान हो सकेगी।

कुल मिलाकर, विक्रमशिला सेतु के बंद होने से उत्पन्न संकट के बीच यह समर स्पेशल ट्रेन लोगों के लिए राहत की बड़ी उम्मीद बनकर सामने आई है। प्रशासन और रेलवे के संयुक्त प्रयास से यह स्पष्ट होता है कि आपात स्थिति में भी त्वरित निर्णय लेकर जनता को राहत पहुंचाई जा सकती है। आने वाले दिनों में इस तरह की और भी व्यवस्थाएं किए जाने की संभावना है, ताकि लोगों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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